लखनऊ: फर्जी मार्कशीट गिरोह का मास्टमाइंड समेत आठ पर केस दर्ज

लखनऊ (मानवी मीडिया अमीनाबाद कोतवाली में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के सरगना मनीष प्रताप सिंह उर्फ मंगेराम के खिलाफ गिरोहबंद अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में सरगना समेत उसके साथ अन्य साथियों को आरोपी बनाया गया है। यह गिरोह फर्जी मार्कशीट बनाने के साथ ही सेक्स रैकेट संचालन में भी लिप्त है।

चिनहट पुलिस ने 18 सितंबर 2021 को मनीष प्रताप सिंह, गोविंद अग्रवाल और अमित सिसौदिया को चिनहट तिराहे के पास से पकड़ा था। आरोपियों ने राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के मुंशी परीक्षा उत्तीर्ण प्रमाण पत्र, नेशनल नर्सिंग मिडवाइफरी काउंसलिंग शिक्षा प्रमाण पत्र, केन्द्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश के शैक्षिक प्रमाण पत्र, महाकौशल आयुर्वेदिक बोर्ड, जबलपुर के शैक्षिक प्रमाण पत्र, राजकीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश के शैक्षिक प्रमाण पत्र, भारतीय वैदिक विद्या पीठ लखनऊ उत्तर प्रदेश मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के शैक्षिक प्रमाण पत्र और बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली के शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाए थे। जेल से जमान पर आने के बाद मनीष दोबारा से फर्जी मार्कशीट बनाने के धंधे में लग गया था। 11 फरवरी 2022 की रात अमीनाबाद पुलिस हीवेट रोड से मनीष को उसके साथियों संग पकड़ा था।

किशोरी को बंधक बना कर चलात था सेक्स रैकेट
अमीनाबाद से गिरफ्तारी के वक्त मनीष के साथ उसका बेटा सत्येंद्र, कासगंज निवासी राजकुमार और नोएडा दादरी निवासी कृष्ण ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने एक महिला को भी पकड़ा था। जिसकी मदद से किशोरी और युवतियों को दूसरे शहरों से काम दिलाने के बहाने लाया जाता था। फिर उन्हें मनीष के घर पर बंधक बनाकर रखा जाता था। इसके बाद किशोरी और युवतियों को ग्राहकों के पास भेजा जाता था। इंस्पेक्टर बृजेश द्विवेदी के मुताबिक मनीष उर्फ मंगेराम करीब बीस साल से फर्जी मार्कशीट का धंधा कर रहा है। लखनऊ के अलावा वह दिल्ली में भी गिरफ्तार हुआ था। इंस्पेक्टर के मुताबिक मंगेराम के गिरोह में उसका बेटा अजय, सत्येंद्र, मप्र दामोह निवासी श्यामा देवी, गाजियाबाद निवासी अनिल शर्मा, कासगंज निवासी राजकुमार, नोएडा दादरी निवासी कृष्ण ठाकुर और मथुरा निवासी अमित सिसौदिया शामिल हैं।


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