भारत-बंगलादेश व्यापार-निवेश पर व्यापक समझौते


नई दिल्ली
(मानवी मीडिया): भारत और बंगलादेश के वाणिज्य सचिव स्तर की बैठक में दोनों पक्षों ने परस्पर लाभ की रेलवे एवं बंदरगाह सुविधाओं के विकास, तथा दोनों पड़ोसियों के बीच समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) की संभावनाओं पर एक संयुक्त अध्ययन कार्य शीघ्र शुरू करने पर सहमति बनी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच सीमावर्ती हाट, विविध प्रणालियों वाली परिवहन सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्रीय सम्पर्क सुविधा के विस्तार, वस्तुओं के मानकों को पास्परिक रूप से दोनों पक्षों के अनुकूल बनाने तथा परस्पर मान्य समझौता सहित आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव, बी. वी. आर. सुब्रहमण्यम ने और बंगलादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ सचिव, वाणिज्य मंत्रालय तपन कांति घोष ने किया। बयान के मुताबिक दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने इस बैंठक की विषय वस्तुओं के अनुरूप द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधाओं और पहले निर्णयों पर प्रगति की समीक्षा की। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है- बंगलादेश, भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। बयान के अनुसार दोनों देशों ने रेलवे के माध्यम से भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए सिराजगंज बाजार में एक कंटेनर हैंडलिंग फैसिलिटी के विकास के लिए एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव (डीपीपी) को इस स्वीकृति दी गई। बैठक में इस बात का उल्लेख किया गया कि भारत-बंगलादेश के बीच मालगाड़ियों के संचालन के लिए, बेनापोल में 900 मीटर की नई साइडिंग लाइन का निर्माण किया गया है। 

इसी तरह दर्साना होते हुए रेल के द्वारा भारत को सभी वस्तुओं के आयात को अनुमति देने के लिए, दर्साना में लोडिंग और अनलोडिंग प्लेटफॉर्म के निर्माण को पूरा किया गया है। दोनों देशों ने ईश्वरदी में आईसीडी आधारित रेल और सड़क के विकास के लिए, डीपीपी को स्वीकृति दी गई है। बयान के अनुसार बंगलादेश द्वारा खाली वापस आने वाले रेलवे वैगन/ कंटेनरों के उपयोग पर सहमति दी गई- इससे भारत से बांग्लादेश को होने वाले निर्यात की कुल ढुलाई लागत कम हो जाएगी। बैठक में सहमति बनी है कि कोविड-19 के चलते बंद किए गए सीमावर्ती हाटों को अब जल्द ही फिर से शुरू कर दिया जाएगा। 

इसी तरह पेत्रपोल-बेनापोल इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीबी) के सप्ताह में सातों दिन चौबीस घंटे परिचालन को जल्द ही लागू किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडलों ने इस बात का उल्लेख किया कि थल मार्ग से आपसी व्यापार की सुविधा के लिएआईसीपी/ लैंड कस्टम्स स्टेशनों पर खासी प्रगति हुई है। इससे पहले नई दिल्ली में दो-तीन मार्च को दोनों देशों के वाणिज्य विभाग के संयुक्त/ अपर सचिवों के स्तर की व्यापार पर संयुक्त कार्यकारी समूह (जेडब्ल्यूजी) की 14वीं बैठक हुई थी। जेडब्ल्यूजी और वाणिज्य सचिवों की अगली बैठक बंगलादेश में होगी। इसकी तारीखें तय की जानी हैं।

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