पूर्वांचल एक्सप्रेस वे चीन की चाल फेल करने में अहम भूमिका निभाएगा :: प्रधानमंत्री मोदी

 


गाजीपुर (मानवी मीडिया)- उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। 341 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अपना भाषण स्थानीय भाषा में शुरू किया। उन्होंने इस धरती को नमन करते हुए कहा कि जिस धरती पर हनुमानजी ने कालनेमि का वध किया, उस पावन धरती के लोगों का मैं चरण स्पर्श करता हूं। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लोकार्पण की जनता को बधाई दी।

मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को राम मंदिर की रेप्लिका भेंट की.

एक्सप्रेस-वे लखनऊ के चांद सराय से शुरू होगा और गाजीपुर तक पहुंचेगा। इसे बनाने में 22 हजार 497 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। ये एक्सप्रेस-वे 9 जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर निकलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2018 में आजमगढ़ से इसकी आधारशिला रखी थी।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे : एक नजर में

 - लंबाई : 340.824 किमी

 - सड़क : 120 मीटर चौड़ी

 - गति : 100 किमी/घंटा, 120 किमी/घंटा की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है।

 - हवाई पट्टी : सुल्तानपुर में 3.20 किमी लंबा व 34 मीटर चौड़ा एयर स्ट्रिप लड़ाकू विमानों के लिए।

 - 8 स्थानों पर फ्यूल पंप और 4 स्थानों पर सीएनजी स्टेशन।

 - 8 प्रसाधन ब्लॉक और 8 जनसुविधा परिसर।

 - हर 500 मीटर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान।

 - 4.5 लाख पौधों का रोपण।

: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गाजीपुर से दिल्ली पहुंचने में महज 10 घंटे लगेंगे, जबकि पहले लखनऊ से गाजीपुर तक पहुंचने में ही 8 घंटे लग जाते थे।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक दृष्टि के लिहाज से इस एक्सप्रेस वे की अहम भूमिका मानी जा रही है।

-एयरफोर्स के सुखोई 30 MIK, राफेल, C 130 J सुपर हरक्यूलिस जैसे विमान अब पूर्वांचल एक्सप्रेस की एयर स्ट्रिप पर भी लैडिंग और टेक ऑफ कर पाएंगे।

-पूर्वी फ्रंट पर चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान इमरजेंसी उपयोग में आने वाला ये पहला एक्सप्रेस वे होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एक्सप्रेस-वे यूपी में भारत का ग्रोथ इंजन बनने का प्रमाण है। एक्सप्रेस-वे इसका भी प्रमाण है कि डबल इंजन की सरकार कैसे कार्य करती है। उन्होंने कहा कि यह पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों के साथ ही बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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