लखनऊ में मकर संक्रांति के अवसर पर नशा मुक्त संदेश के साथ पतंगे उड़ाई गई

लखनऊ (मानवी मीडिया) हिंदुस्तान नशा मुक्त बने और यहां के प्रत्येक घर से नई पीढ़ी के युवक नशा मुक्त और नशे के नए खरीदार शीघ्र खत्म हो सके, उसके लिए लगातार चल रहे नशा मुक्त समाज आंदोलन के जागरूकता अभियान के तहत बच्चों और बड़ों ने नशा मुक्त संदेश लिखकर पतंगे उड़ाई। ताकि कटने के बाद वह पतंगे अगर किसी घर में जाए तो एक अच्छे संदेश के साथ लोग उसे पढ़ें और अपने जीवन में इस तरह के अभियानों से प्रभावित होकर नशा मुक्त अभियान एक जन आंदोलन घर-घर का आंदोलन बन सके।

       नशे से किसी व्यक्ति का मानसिक ,शारीरिक विकास तो बाधित होता ही है, साथ ही सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास भी रुक जाता है। जो व्यक्ति या परिवार नशे की लत में फंस चुके हैं उनकी आय का अधिकांश भाग या तो नशे को खरीदने में, नशे के कारण हुई बीमारियों के इलाज में या फिर नशे के कारण हुई किसी दुर्घटना को सही करने में ही खत्म हो जाता है।

आज देश में लाखों लोग ऐसे हैं जो अपनी जमीन जायदाद बेचकर नशे को खरीदने में व्यस्त है।अपने घर, बीवी बच्चों की जरूरत का सामान ना खरीद कर नशे को खरीदने में तथा कई जगह तो देखा गया है कि अपनी बहन और बेटियों को अपनी बीवी को बेच कर नशे को खरीदने में अपना जीवन बिता देते हैं ऐसे लोग अपना पूरी तरह नैतिक पतन तो कहीं चुपके होते हैं समाज के लिए भी खतरा बनते हैं आज बहुत सी दुर्घटनाएं चैन स्नैचिंग चोरी डकैती का मुख्य कारण यह लत ही है।

      जो व्यक्ति नशा करता है वह सामाजिक पतन का भी कारण बनता है लोग उसके घर जाना, उससे मिलना पसंद नहीं करते, ऐसे लोगों से अधिकांश लोग दूर रहना चाहते हैं।

    आज समाज में इस बात की जरूरत है कि हम अपनी बहन और बेटियों की शादी ही ऐसे लड़कों से ना करें जो नशे की गिरफ्त में फंसे हुए हैं।   

                एक मुहिम के तहत जन जन तक यह आंदोलन पहुंचाना होगा कि युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना है और जो युवा पथभ्रष्ट हो चुके हैं उन्हें नशा मुक्ति केंद्र तथा अन्य माध्यमों से नशे से दूर रखने हेतु, शिविरों के आयोजन संगोष्ठी तथा काउंसलिंग के माध्यम से, योग से जोड़ते हुए नशे की लत से मुक्ति दिलाने का पूरा प्रयास किया जाना चाहिए ।

     सभी प्रयास स्वत: ही सिद्ध हो जाएंगे यदि हम नई पीढ़ियों को नशे से दूर कर सकें, यदि हम नए कस्टमर बनने की श्रृंखला को ही रोक दें ,जब नशे के खरीदार ही नहीं बचेंगे तो निश्चित रूप से नशे की दुकानें स्वत: ही बंद हो जाएंगी।

      आम जनता को दिखाने वाली पिक्चरों, टीवी पर परोसे जाने वाले धारावाहिकों,पार्टियों ,शादी समारोह तथा फैशन और स्टेटस सिंबल की तरह नशे को यूज करने वाले लोगों को सामाजिक बहिष्कार के तहत सिखाना होगा कि समाज को प्रदूषित ना करें।

    नशे को लेकर लगातार समाज को जागरूक करने हेतु स्कूलों कालेजों गांव कस्बों और शहरों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लखनऊ के मोहनलालगंज के सांसद माननीय कौशल किशोर जी के द्वारा युवाओं को नशे के दलदल में फंसने से बचाने के लिए लगातार कई वर्षों से नशा मुक्त समाज आंदोलन अभियान कौशल का चलाया जा रहा है। आप सभी से आग्रह है विभिन्न त्योहारों में जन्मदिन, विवाह तथा अन्य पार्टी के अवसरों में नशे का त्याग करें। समाज को लगातार जागरूक करें ताकि हमारा समाज नशे रूपी कोढ़ से पूरी तरह मुक्त हो सके।

          भारतीय इतिहास की यदि बात की जाए तो नशे को हमेशा समाज में तिरस्कृत दृष्टि से देखा जाता रहा है। आज के समय में भी हमें नशे के प्रति घृणा और तिरस्कार की भावना को फिर से जीवित करना होगा ।

               समाज के हर बच्चे को यह बताना होगा कि नशा यदि उनके जीवन में प्रवेश करेगा तो परिवार तो बिखरेगा ही ,आर्थिक ,सामाजिक राजनीतिक हर प्रकार के पतन और तिरस्कार का करण वह एक व्यक्ति बनेगा।

   आइए मिलकर देश को नशा मुक्त बनाएं, समाज को बर्बाद करने की हर प्रकार की साजिश से युवाओं को बचाएं। इसी प्रयास के तहत लखनऊ के विभिन्न इलाकों में नशा मुक्त संदेश के साथ पतंगे उड़ाई गई इसका मुख्य उद्देश्य था कि यदि पतंग कटने के बाद किसी भी जगह पहुंचेगी एक अच्छा संदेश लेकर के जाएगी।

      समाज के सभी वर्गों समाज के सभी नव युवकों और युवतियों को मकर संक्रांति के अवसर पर बहुत बधाइयां।

@रीना त्रिपाठी

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