रेप के लिए रूसी सैनिकों को दी जा रही वियाग्रा, संयुक्त राष्ट्र की दूत का बड़ा दावा

नई दिल्ली(मानवी मीडिया)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में यूक्रेनवासियों के साथ रेप और हिंसा की खबर सामने आई है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने इस पर चिंता जताई थी। अब संयुक्त राष्ट्र की दूत प्रमिला पैटन ने दावा किया है यूक्रेन के लोगों का रेप करना और यौन हिंसा करना रूसी सेना की रणनीति का हिस्सा है। प्रमिला पैटन ने एक इंटरव्यू में एएफपी को बताया है कि, “यूक्रेन में रूसी सेना की ओर से किए जा रहे रेप, यौन हिंसा और अमानवीय व्यवहार रूस की सैन्य रणनीति का हिस्सा है।

उन्होंने ये भी दावा किया है यूक्रेन में महिलाओं का रेप करने के लिए रूस अपने सैनिकों को वियाग्रा दे रहा हैं। उन्होंने कहा, यूक्रेन की महिलाओं की ओर से दी गई गवाही से ये साफ है कि इस चरह कगी घटनाएं रूस की सैन्य रणनीति का हिस्सा है। पैटन ने कहा, जब महिलाओं को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा जाता है और बलात्कार किया जाता है, जब छोटे लड़कों और पुरुषों के साथ बलात्कार करना शुरू होता हैं, जब आप प्राइवेट पार्ट को चोट पहुंचाने वाली घाटनों को देखते हैं, जब आप महिलाओं को वियाग्रा से लैस रूसी सैनिकों के बारे में गवाही देते सुनते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से एक सैन्य रणनीति समझ में आती है।

इससे पहले कनाडा में यूक्रेन की राजदूत ने भी रूसी सैनिकों पर यौन हिंसा का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि रूस यौन हिंसा को युद्ध के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है और दुष्कर्म और यौन प्रताड़ना के मामलों को युद्ध अपराध माना जाना चाहिए। राजदूत यूलिया कोवालिव ने कनाडा हाउस ऑफ कॉमन्स की एक समिति के समक्ष सोमवार को कहा कि रूस के सैनिक यौन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं और बच्चों को भी नहीं बख्श रहे। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म और यौन प्रताड़ना के मामलों की जांच युद्ध अपराध के तौर पर की जानी चाहिए. बता दें, हाल ही में रूस ने यूक्रेन पर एक के बाद एक कई मिसाइलें दागी थी जिसके बाद यूक्रेन के कई शहरों में तबाही छा गई थी।

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