गैंगरेप के दोषियों की रिहाई को लेकर रो पड़ीं शबाना आजमी, बोलीं- शर्मिंदा हूं


नई दिल्ली (मानवी मीडिया
बिलकिस बानो गैंगरेप मामले को 12 दोषियों की रिहाई को लेकर बहुत सारे लोगों की प्रतिक्रिया आई है। गुजरात सरकार के इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है। इसी बीच एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान अभिनेत्री शबाना आजमी के आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि जघन्य अपराध के दोषियों की रिहाई और फिर उनका फूल-माला से स्वागत करना बहुत ही शर्मनाक है। 

शबाना आजमी ने कहा, जब मुझे पता चला कि 11 दोषियों को रिहा कर दिया गया तो मैं भौचक्का रह गई। इन लोगों को छोड़ा जाता है और फिर लड्डू बांटे जाते हैं। हम ऐसा करके समाज को क्या संदेश दे रहे हैं और किस तरह से नारी सम्मान के साथ समझौता कर रहे हैं। यह कहते हुए शबाना आजमी रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि पूरे देश को इसके खिलाफ सड़क पर उतरना चाहिए लेकिन एक सन्नाटा है। 

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को इस तरह पेश किया जा रहा है जैसे यह कोई वोटबैंक का मुद्दा है। इसका इस्तेमाल समाज में सांप्रदायिक टकराव पैदा करने के लिए किया जाता है। बता दें कि इन दोषियों के छूटने के बाद एक भाजपा नेता ने कहा था कि ये सभी ब्राह्मण हैं और संस्कारी हैं। इसपर आजमी ने कहा, जिन्हें दोषी करार दिया गया है और पूरी प्रक्रिया हुई है उनके बारे में ब्राह्मण और संस्कारी कहा जा रहा है। आखिर इसका मतलब क्या है? 

उन्होंने सवाल  उठाए कि इस मुद्दे पर मानवाधिकार आयोग क्यों चुप है, महिला और बाल विकास विभाग क्यों चुप है और भाजपा का महिला मोर्चा क्यों चुप्पी साधे है। क्या आप में मानवता नहीं बची है? उन्होंने कहा, बिलकिस बानो के साथ बहुत बड़ी घटना हुई लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया और इन लोगों को सजा दिलवाई। लेकिन वह अकेले कहां तक लड़ेंगी, हम सबको आकर उनके लिए खड़े होना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं शर्मिंदा हूं, इसके अलावा और क्या कह सकती हूं। 

भाजपा नेता भी कर चुके हैं फैसले की आलोचना
दोषियों की रिहाई और फिर उनके स्वागत की आलोचना भाजपा के भी कई नेता कर चुके हैं। इनमें खुशबू सुंदर का भी नाम है। खुशबू सुंदर ने कहा था कि जिसके साथ रेप होता है या क्रूरता होती है उसकी आत्मा जीवन पर्यंत घायल रहती है। ऐसे दोषियों को मुक्त नहीं किया जाना चाहिए। यह नारित्व का अपमान है। वहीं देवेंद्र फडणवीस ने भी आरोपियों का स्वागत करना गलत बताया था। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी अपनी राय रखी थी और कहा था कि गैंगरेप के दोषियों का इस तरह स्वागत करना ठीक नहीं है। 

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