ब्रिटिश पीएम चुनाव के नतीजों से पहले ऋषि ने कही यह बात


नई दिल्ली (मानवी मीडिया
ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच मतदान पूरा हो चुका है और सोमवार यानी 5 सितंबर को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री का ऐलान हो जाएगा। इस रेस में भारतीय मूल के ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच कांटे की टक्कर का मुकाबला हुआ। सर्वे के मुताबिक, लिज ट्रस ब्रिटेन की अगली पीएम बनने के लिए तैयार हैं। बस उनके नाम का औपचारिक ऐलान बाकी है। उधर, ऋषि सुनक के समर्थकों ने अभी हार नहीं मानी है। उनका विश्वास है कि सोमवार को नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं और ऋषि सुनक ब्रिटेन के पीएम बनकर इतिहास रच सकते हैं। वहीं ऋषि सुनक ने अपने कैंपेन को खत्म करते हुए कहा-सी यू ऑन मंडे। 

विजेता का चुनाव कैसे होगा?
कंजर्वेटिव पार्टी के लिए 357 योग्य सांसदों ने वोटिंग की है। प्रत्येक दौर में, सबसे कम वोट वाला दावेदार रेस से बाहर होता गया और बाकी आगे बढ़ते गए। आखिर में दो फाइनलिस्ट बचे- ऋषि सनक और लिज ट्रस। ब्रिटेन में क्योंकि, कंजर्वेटिव पार्टी की सत्ता है और हाउस ऑफ कॉमन्स में पार्टी के बहुमत भी है। इसलिए ब्रिटेन के अगले पीएम के लिए पार्टी के सांसद वोटिंग करके फैसला लेंगे। 

साल 2019 में कंजर्वेटिव पार्टी के लगभग 160,000 सदस्य वोट देने के पात्र थे। पार्टी का दावा है कि यह संख्या अब 200,000 तक बढ़ गई है। बीते शुक्रवार को मतदान संपन्न हो चुका है और अब फैसले की घड़ी है। सोमवार को स्थानीय समयानुसार साढ़े 12 बजे नतीजा आएगा और देश में अगला प्रधानमंत्री मिल जाएगा जो साल 2025 तक इस पद पर बना रहेगा। 

सुनक पीछे क्यों है?
ऋषि सुनक पहले चरण की वोटिंग में सबसे आगे चल रहे थे लेकिन, फाइनलिस्ट की दौड़ शुरू होते ही वो लिज ट्रस से पीछे हो गए। रेस में पीछे होने के प्रमुख कारणों में प्रमुख उनकी बोरिस जॉनसन से दोस्ती है। हालांकि इसमें यह तथ्य पीछे रह गया है कि उन्होंने जॉनसन को धोखा दिया और बोरिस की सरकार गिरा दी। अभी भी, कई कंजर्वेटिव सांसद जॉनसन को सुनक या ट्रस पर पसंद करते हैं, जो सुनक के पक्ष में अच्छा नहीं चल रहा है।

ब्रिटेन की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था
दूसरा तथ्य यह है कि सुनक के सामने सबसे बड़ी समस्या मुद्रास्फीति की चिंता है। यह इसलिए क्योंकि हालिया रिपोर्ट में ब्रिटेन देश की अर्थव्यवस्था में पिछड़कर छठे स्थान पर आ गया है। उसकी जगह भारत ने पांचवी रैंक हासिल कर ली है। अपने प्रतिद्वंद्वी के विपरीत, ऋषि ने वाद-विवाद में किसी भी कर कटौती का प्रस्ताव नहीं दिया। ऊपर से ऋषि ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य और भी कठिन हो सकता है। जबकि इसके उलट लिज ट्रस ने कर कटौती की वकालत की है।

इसके अलावा ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति काफी संपन्न और धनी हैं। कई लोग सोचते हैं कि ऋषि जैसे धनी व्यक्ति के लिए आम लोगों की समस्याओं को सही मायने में समझना मुश्किल होगा। यह ब्रिटिश जनता के बहुमत के हालिया सर्वे में सामने आया है। हालांकि, यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि ट्रस भी संपन्न और धनी परिवार से आती हैं।

क्या इतिहास रचेंगे ऋषि सुनक?
फिलहाल, ब्रिटेन के अगले प्रधान मंत्री पद सुनक के पक्ष में नहीं दिख रहा है। कोरोना महामारी के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री सुनक पर वित्तीय समस्याओं को सही ढंग से हैंडल नहीं करने का आरोप भी है। फिर भी कई लोग अब भी मानते हैं कि सोमवार को आने वाले नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं।


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