देवघर एयरपोर्ट पर निशिकांत दुबे को रोका


रांची (मानवी मीडियादेवघर एयरपोर्ट मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दिल्ली में डीसी देवघर मंजूनाथ भजंत्री और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कई गैर जमानतीय अपराध की धाराएं लगाई गई हैं।

दरअसल, देवघर एयरपोर्ट पर जबरन एटीसी ऑफिस में घुसकर उड़ान की मंजूरी लेने के आरोप में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी समेत नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि डीसी देवघर मंजूनाथ के कहने पर ही मुकदमा दर्ज किया गया है।  

ता दें कि देवघर एयरपोर्ट से जबरन चार्टर्ड विमान उड़ाने को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसे लेकर बीजेपी सांसद और एयरपोर्ट पर तैनात डीएसपी सुमन आनंद की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर की गई। इस मामले में पुलिस का कहना है कि बीजेपी सांसद ने कथित तौर पर एटीएस से जबरन क्लीयरेंस लिया था।

मुद्दे से भटकाने की कोशिश
इस पूरे मामले पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पिछले दो साल में मुझपर और मेरे परिवार पर की गई यह 37वीं एफआईआर है। यह पहली नहीं है। 31 अगस्त को जब मैं, मनोज तिवारी, कपिल मिश्रा अंकित के परिवार से मिले उसमें झारखंड सरकार का झूठ मिलता दिखाई दिया तो उन्हें इसका काउंटर करने के लिए कोई टूल नजर नहीं आ रहा था। इसलिए वो मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। देवघर एयरपोर्ट की एडवाइजरी कमेटी का मैं चेयरमैन हूं, संसद ने मुझे बनाया है। 

बकझक करते मिला तो राजनीति छोड़ दूंगा
क्लीयरेंस को लेकर सांसद ने कहा कि इसी नाइट लैंडिग फैसिलिटी का मैं याचिकाकर्ता हूं जिसकी 15 सितंबर को रांची हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। झारखंड सरकार और मंजूनाथ भयंत्री ने कोर्ट में इसे लेकर झूठा हलफनामा दिया है। अपनी नौकरी बचाने के लिए उन्होंने एफआईआर की है। डीसी ने पिछले साल मेरे ऊपर आठ और एफआईआर की थीं। 6 दिसंबर 2021 को चुनाव आयोग ने झारखंड सरकार से कहा कि निशिकांत दुबे पर गलत एफआईआर हुई हैं। डीसी के पास इसका अधिकार नहीं है, उन्हें हटाइए। सरकार ने उन्हें हटाने के बजाए पद पर बनाए रखा हुआ है। एक भी सीसीटीवी फुटेज में गाली-गलौज तो दूर की बात है अगर मैं झड़प करते हुए भी दिखाई दिया तो राजनीति छोड़ दूंगा।

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