नीर फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘नदी समग्र चिंतन’ के उद्घाटन

लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री  स्वतंत्रदेव सिंह ने आज यहां उदय गंज स्थित सिंचाई और जल संसाधन विभाग मुख्यालय स्थित सभागार में नीर फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘नदी समग्र चिंतन’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती , विशेषज्ञों, सम्मानित समाजसेवियों एवं अधिकारियों द्वारा नदियों के पुनर्जागरण हेतु एक प्रभावी नीति को लेकर चिंतन किया गया।यूपी में नदियों के समग्र विकास की बड़ी पहल हुई शुरू

राज्य सरकार जल सुरक्षा की दिशा में मिशन मोड पर कर रही काम : स्वतंत्र देव सिंह

सिंचाई विभाग सभागार में जलशक्ति मंत्री की मौजूदगी में शुरू हुआ ‘नदी समग्र चिंतन’

नदी समग्र चिंतन में देश भर से नदियों के लिए काम करने वाले विशेषज्ञ हुए उपस्थित

स्वामी चिदानन्द सरस्वती समेत नदियों के विकास के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं के पदाधिकारी भी रहे मौजूद

मां गंगा और अन्य नदियों के पानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए आज देश और प्रदेश एक स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। देश में प्रधानमंत्री मोदी जी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में चल रही सरकार जल सुरक्षा की दिशा में मिशन मोड पर काम कर रही है। यह बातें जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज यहां उदयगंज स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सभागार में आयोजित एक दिवसीय ‘नदी समग्र चिंतन’ कार्यक्रम में व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनको पूर्ण विश्वास है कि नदियों के समग्र विकास पर शुरू हुए चिंतन से निकले सुझाव आने वाले समय में नदियों के पुनर्जागरण में लाभकारी साबित होंगे। 

जल शक्ति मंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि नदी समग्र चिंतन का मूल उद्देश्य नदियों के हर एक पहलू को विस्तार से समझाने और उसपर कार्य करने की एक प्रभावी योजना तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि हम नदियों को पुनर्जागृत करके उन्हें जीवन के केन्द्र में पुन: वापस लाएं जो उस क्षेत्र के विकास को गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जन-जन के मन में इस भावना को लाना होगा कि नदियां हमारी माता समान हैं तो इनकी रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि नदियों का पुनर्जागरण सरकार के प्रमुख एजेंडे में है। उन्होंने कहा कि देश की नदियों के जल का सदुपयोग हो, किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचे, ये सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

 नदी समग्र चिंतन में विशेष रूप से नदियों में पानी की कमी, प्रदूषण, अतिक्रमण जैसी तीन प्रमुख समस्याओं को दूर करने के लिए देश भर से पहुंचे विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। जलशक्ति मंत्री ने नदी समग्र चिंतन में पधारे स्वामी चिदानन्द सरस्वती का स्वागत किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी हैं। नदियों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। मानवता के लिए नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाना होगा।

इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष  मुस्ताक अहमद, निदेशक भूगर्भ जल विभाग श्री वीके उपाध्याय, प्रमुख अभियंता (यांत्रिक)  देवेंद्र अग्रवाल, प्रमुख अभियंता (परि० एवं नियो०)  एनसी उपाध्याय तथा नीर फाउंडेशन के पदाधिकारी सहित देशभर से आए हुए विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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