स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित, ऑनलाइन शैक्षिक गेम्स 'आज़ादी क्वेस्ट ऐप का शुभारंभ

पी.आई.बी. अपर महानिदेशक ने स्वतंत्रता संग्राम आधारित, ऑनलाइन शैक्षिक गेम्स 'आज़ादी क्वेस्ट' के बारे में पत्रकारों की दी जानकारी* 

*गेम्स की यह श्रृंखला, ऑनलाइन गेम्स खेलने वालों के विशाल बाजार का उपयोग करने और उन्हें शिक्षित करने का प्रयास: श्री विजय कुमार

*स्वतंत्रता संग्राम में  सेनानियों  के योगदान का सम्मान करने की दिशा में सरकार के विभिन्न प्रयासों की एक श्रृंखला में एक और कदम

‘   लखनऊ (मानवी मीडिया)  आजादी का अमृत महोत्सव’ के आयोजन के हिस्से के रूप में और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी को सामने लाने के लिए,  सूचना और प्रसारण मंत्रालय के उतर प्रदेश के पत्र सूचना कार्यालय और केंद्रीय संचार ब्यूरो के अपर महानिदेशक  विजय कुमार ने जिंगा इंडिया के सहयोग से विकसित, ऑनलाइन शैक्षिक मोबाइल गेम्स की श्रृंखला 'आजादी क्वेस्ट' के बारे में पत्रकारों को लखनऊ के केंद्रीय भवन में जानकारी दी, और उनसे आह्वान किया कि इस ज्ञानवर्धक अभियान को समाचार पत्र के माध्यम से सभी तक पहुंचाये। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो के संयुक्त निदेशक श्री मनोज वर्मा और पत्र सूचना कार्यालय के उपनिदेशक डा.एम.एस.यादव भी उपस्थित थे।           

इस अवसर पर अपर महानिदेशक  विजय कुमार ने कहा कि यह स्वतंत्रता संग्राम में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और गुमनाम नायकों के योगदानों का सम्मान करने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों की एक श्रृंखला में एक और कदम है।श्री विजय कुमार ने विस्तार से बताते हुए कहा, “ये गेम ऑनलाइन गेम खेलने वालों के विशाल बाजार का उपयोग करने और गेम के माध्यम से उन्हें शिक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है। भारत सरकार के विभिन्न विभागों ने देश के कोने-कोने से गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी एकत्रित की है। आज़ादी क्वेस्ट इन जानकारियों से मिलने वाली सीख को आकर्षक और संवादात्मक बनाने का एक प्रयास है।

भारत में तेजी से बढ़ते एवीजीसी (Animation, Visual Effects, Gaming and Comic) क्षेत्र के बारे में बोलते हुए, केंद्रीय संचार ब्यूरो के संयुक्त निदेशक  मनोज वर्मा ने कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय का भारत में एवीजीसी क्षेत्र को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत गेमिंग के क्षेत्र में शीर्ष पांच देशों में शामिल हो गया है। अकेले 2021 में गेमिंग के क्षेत्र में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। श्री मनोज वर्मा ने कहा कि 2020 से लेकर 2021 तक ऑनलाइन गेम खेलने वालों की संख्या में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और 2023 तक ऐसे गेम खेलने वालों की संख्या 45 करोड़ तक पहुंच जाने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि ये ऐप हमारे एवीजीसी क्षेत्र की क्षमताओं को बढ़ायेंगे और साथ ही हमारे गौरवशाली इतिहास को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचायेंगे। उन्होंने कहा कि इन ऐप में शामिल की गई जानकारियां प्रकाशन विभाग और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा संकलित की गईं हैं और ये ऐप आसानी से हमारे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी प्रामाणिक जानकारियों का एक सुलभ खजाना बन जायेंगे।  

इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय के उपनिदेशक डा. एम.एस.यादव ने कहा कि "आज़ादी तक का ये रास्ता दरअसल भारत के इतिहास में आए एक परिवर्तनकारी मील के पत्थर को भी याद करता है, और हमें भारत के अतीत का सम्मान करने वाले इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बनने पर गर्व है। इस पहल को यूं डिजाइन किया गया है कि हर उम्र के खिलाड़ियों को जोड़ा जा सके और इस महत्वपूर्ण युग के बारे में एक शैक्षिक अनुभव के रूप में इंटरैक्टिव मनोरंजन की शक्ति का इस्तेमाल किया जा सके।"

 यादव ने कहा कि अपनी तरह की ये अनूठी पहल दरअसल  प्रधानमंत्री के गेमिंग और खिलौना उद्योगों के हितधारकों से किए उस आह्वान से प्रेरित है कि वे ऐसे गेम और खिलौने विकसित करें जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों व मील के पत्थरों और महान स्वतंत्रता सेनानियों की वीरता को प्रदर्शित कर सकें ताकि लोगों को इससे जोड़ा जा सके, मनोरंजित और शिक्षित किया जा सके। इस सीरीज 'आज़ादी क्वेस्ट' के पहले दो गेम भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कहानी बताते हैं, जिसमें प्रमुख मील के पत्थरों और नायकों को उभारा गया है। इसे खेल खेलने के मज़ेदार तरीके के साथ पिरोया गया है। 

*आज़ादी क्वेस्ट' के बारे में*

प्रकाशन विभाग ने आज ज़िंगा इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए ताकि अभी चल रहे आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत गेम्स की एक श्रृंखला विकसित की जा सके। आज़ादी क्वेस्ट गेम भारत के लोगों के लिए अंग्रेजी और हिंदी में एंड्रॉइड और आईओएस उपकरणों के लिए उपलब्ध हैं और सितंबर 2022 से ये दुनिया भर में उपलब्ध होंगे। ऑनलाइन गेमिंग कंपनी जिंगा इंडिया की स्थापना 2010 में बेंगलुरु में हुई थी तथा इसने मोबाइल और वेब पर कुछ सबसे लोकप्रिय गेम फ्रेंचाइज़ बनाई हैं।'शिक्षा को खेल की तरह बनाने' की अवधारणा पर आधारित ये अनूठी गेम सीरीज देश में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाएगी। गेम-आधारित शिक्षा दरअसल कक्षा और उम्र से परे सीखने की प्रक्रिया का विस्तार करके एक बराबरी वाली और ताउम्र की शिक्षा प्रदान करती है। आज़ादी क्वेस्ट सीरीज भारत के स्वतंत्रता संग्राम और देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों की किंवदंतियों का ज्ञान प्रदान करेगी, जिससे खेलने वालों के मन में गर्व और कर्तव्य की भावना पैदा होगी। ये गेम उनकी औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे जिस पर माननीय प्रधानमंत्री ने अपने 76वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 'अमृत काल के पांच प्रण' के रूप में ज़ोर दिया था।इस सीरीज का पहला गेम है 'आज़ादी क्वेस्ट: मैच 3 पज़ल' बड़ा सरल और खेलने में आसान कैजुअल गेम है, जो खिलाड़ियों के सामने 1857 से 1947 तक भारत की स्वतंत्रता की शानदार यात्रा को प्रस्तुत करता है। जैसे-जैसे खिलाड़ी 495 लेवल में फैले इस गेम को खेलते हुए आगे बढ़ते हैं, वे 75 ट्रिविया कार्ड इकट्ठा कर सकते हैं, जिनमें से हर कार्ड इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को प्रदर्शित करता है। वे लीडरबोर्ड पर मुकाबला कर सकते हैं और सोशल मीडिया पर इन-गेम पुरस्कार और प्रोग्रेस साझा कर सकते हैं। दूसरी ओर 'आज़ादी क्वेस्ट: हीरोज़ ऑफ भारत' को 75 लेवल में फैले 750 प्रश्नों के माध्यम से भारत की स्वतंत्रता के नायकों के बारे में खिलाड़ियों के ज्ञान को परखने वाले एक क्विज़ गेम के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। इसमें उन्हें 75 'आज़ादी वीर' कार्ड के जरिए कम ज्ञात नायकों के बारे में भी बताया जाता है जिन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया जा सकता है।प्रकाशन विभाग व जिंगा इंडिया के बीच साल भर की साझेदारी इस तरह के और भी गेम लेकर आएगी। ये साझेदारी कंटेंट और फीचर्स के लिहाज से मौजूदा गेम्स में विस्तार भी करेगी। इसके पीछे लोगों और खासकर छात्रों व युवाओं को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं के बारे में शिक्षित करने और उनमें देशभक्ति की भावना पैदा करने का विजन है। ये गेम खिलाड़ियों को हर महीने रोमांचक पुरस्कार भी प्रदान करेंगे, जिसमें एक प्रमाण पत्र भी शामिल है जो आजादी क्वेस्ट को पूरा करने वालों को दिया जाएगा।

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