सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी डोकलाम के पास चीन की घुसपैठ

 


नई दिल्ली: (मानवी मीडियाडोकलाम  में भारतीय सीमा पर चीन  की घुसपैठ की सैटेलाइट तस्वीरें एनडीटीवी के द्वारा दिखाए जाने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची  ने कहा कि देश की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सभी घटनाक्रमों पर सरकार निरंतर नजर रखती है. एनडीटीवी ने सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए दिखाया था कि चीन ने डोकलाम सीमा पर गांव बसा लिया है. यहां लोगों के घरों के बाहर कार खड़ी दिखाई दे रही थीं. चीनी गांव डोकलाम पठार से 9 किमी पूर्व में बसाया गया है, जहां 2017 में भारतीय और चीनी सेना का सामना हुआ था. 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने माडिया से कहा कि सरकार इन मुद्दों को लेकर अपने तरीके से कदम उठाती है. बागची ने सैटेलाइट तस्वीरों के जवाब में कहा कि, "कृपया आश्वस्त रहें कि सरकार भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखे हुए है और देश की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है."

बता दें कि जिस गांव को चीन पंगडा कहता है, वह भूटानी क्षेत्र में स्थित है. इसके बारे में पहली बार एनडीटीवी ने 2021 में रिपोर्टिंग की थी. भारत के लिए, अमो चू नदी के साथ निर्माण का मतलब है कि चीनी सेना को निकटवर्ती डोकलाम पठार में रणनीतिक पहुंच प्राप्त हो सकती है. 

भारत के पूर्वी सेना कमांडर रहे लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी (सेवानिवृत्त) कहते हैं कि चीन पंगडा गांव और इसके उत्तर और दक्षिण के झम्पेरी रिज और डोकलाम पठार पर अपनी वैधता स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.वहीं सेना मुख्यालय के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि सेना अपनी सीमाओं के साथ सभी गतिविधियों पर निरंतर और निर्बाध निगरानी रखती है. सीमा पर सेना किसी भी आकस्मिकता से निपटने के लिए तैयार है. 

नई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि अमो चू नदी घाटी में चीन एक के बाद दूसरा गांव बसा रहा है, जो करीब पूरा हो गया है. वहीं चीन ने दक्षिण में तीसरे गांव का निर्माण को शुरू कर दिया है. तीसरे गांव के लिए अमो चू नदी के पार एक पुल का निर्माण किया गया है, जिसमें उत्खनन गतिविधि स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. यहां छह इमारतों की नींव दिखाई दे रही हैं.

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