मुख्यमंत्री योगी ने छोटे उद्यमियों को बांटा 16 हजार करोड़ का लोन


लखनऊ (मानवी मीडिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार जल्द ही एक ऐसी योजना ला रही है, जिससे प्रदेश के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी या स्वरोजगार मिलेगा। सीएम ने बृहस्पतिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम विभाग के वृहद ऋण मेले का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। उन्होंने 9 हस्तशिल्पियों, कारीगरों और उद्यमियों को ऋण के चेक वितरित किए।

बृहस्पतिवार को पूरे प्रदेश में 1.90 लाख उद्यमियों, कारीगरों को 16 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परिवार कार्ड जारी करने जा रही है। जल्द ही ऐसे परिवारों की मैपिंग कराई जाएगी, जिनके किसी सदस्य को कभी सरकारी नौकरी नहीं मिली है। सरकार का प्रयास ऐसे परिवारों के एक सदस्य को नौकरी और स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

सपा राज में मृतप्राय हो गया था एमएसएमई क्षेत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा राज में एमएसएमई क्षेत्र मृतप्राय था। हस्तशिल्पियों, कारीगरों व उद्यमियों में हताशा थी। इससे प्रदेश में बेरोजगारी दर लगभग 18 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। प्रदेश में तेजी से बढ़े निवेश, औद्योगिक विकास और परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा देने से पैदा हुए रोजगार के अवसर इसके प्रमाण हैं। वे बृहस्पतिवार को एमएसएमई के वृहद ऋण मेले के शुभारंभ समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि यूपी देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य होने के साथ ही सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाला प्रदेश भी है। इसलिए युवाओं की आकांक्षाएं थीं, लेकिन प्रदेश में कृषि के अलावा रोजगार का कोई साधन नहीं था। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बावजूद तत्कालीन राज्य सरकार ने कोई रुचि नहीं ली। कमी पैसे या केंद्र सरकार के सहयोग की नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की थी। वर्ष 2017 में सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने कृषि के साथ परंपरागत उद्यम को बढ़ावा दिया।

सरकार की ओर से शुरू ओडीओपी योजना प्रदेश को एक्सपोर्ट का हब बनाकर नई पहचान दिला रही है। पांच वर्ष में प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 1.56 लाख करोड़ हो गया है। प्रदेश में बेरोजगारी दर 3 प्रतिशत से भी कम है। यूपी अब एक उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। समारोह में सीएम ने वर्ष 2022-23 की 2.95 लाख करोड़ की वार्षिक ऋण वितरण योजना का विमोचन भी किया।

16 हजार करोड़ हुआ ऋण वितरण
प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगाए गए ऋण मेले में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद-एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के तहत 1 लाख 90 हजार उद्यमियों, कारीगरों को 16 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया

अब प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि देने वाला

सीएम ने कहा प्रदेश का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन गया है। उन्होंने कहा कि हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी या स्वरोजगार से जोड़ने में बैंकर्स की बड़ी भूमिका है। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से सीडी रेशियो को बढ़ाकर 55 प्रतिशत करने का आग्रह करते हुए कहा कि आगामी पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के प्रति जनविश्वास बढ़ेगा। बैंक भी अपने नोडल अधिकारियों के माध्यम से शासन की योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे तो उनका भी व्यवसाय बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि बाजार में पैसा जितना तेजी से घूमेगा, उतनी ही तेजी से समृद्धि आएगी।

कॉमन फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन
योगी ओडीओपी योजना के तहत आगरा, अंबेडकरनगर, सीतापुर, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर में स्थापित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का उद्घाटन किया। उन्होंने सीएफसी पर उपस्थित लाभार्थियों से संवाद भी किया।

कानपुर में शुरू हुआ अमेजन का डिजिटल केंद्र
सीएम की मौजूदगी में एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल, अमेजन के वाइस प्रेसिडेंट पॉलिसी चेतन कृष्ण स्वामी के बीच एक एमओयू साइन किया गया। इस अवसर पर कानपुर में अमेजन का डिजिटल केंद्र शुरू किया गया है। इस केंद्र के जरिए एमएसएमई से जुड़े उद्यमियों को देश-विदेश में अपने उत्पादों की मार्केटिंग में मदद मिलेगी। प्रदेश के 35 जिलों में सिडबी के सहयोग से स्वावलंबन केंद्र भी शुरू किए गए हैं। ये केंद्र नए उद्यमियों की हैंड होल्डिंग का कार्य करेंगे। भविष्य में प्रदेश के सभी जिलों में ये केंद्र स्थापित होंगे।
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