इतिहास की जानकारी रखें और वक्तव्यों में संयमित रहें - आनंदीबेन पटेल - मानवी मीडिया

निष्पक्ष एवं निर्भीक

.

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, June 22, 2022

इतिहास की जानकारी रखें और वक्तव्यों में संयमित रहें - आनंदीबेन पटेल


लखनऊः (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज यहां राजभवन के प्रज्ञाकक्ष से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला जिले में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘शी इज ए चेंजमेकर’ के प्रथम बैच का ऑनलाइन शुभारम्भ किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल जी ने विधायकों को अनुशासित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा बहुत सी महिला विधायक पहली या दूसरी बार जनाधार प्राप्त करके नेतृत्व में आयी होंगी, ऐसे में उन्हें समय के महत्व को अवश्य समझना चाहिए। किसी भी कार्यक्रम, बैठक या जनसभा में निर्धारित समय पर पहुंचना शीर्ष प्राथमिकता से अपने व्यवहार मेें लाने से वे कार्यक्रम स्थल पर अनावश्यक अवरोधों का कारण नहीं बनेंगी और जनप्रतिनिधि की गरिमा को स्थापित करेंगी।

राज्यपाल ने विधायकों से जनहितकारी कार्यों को सुगमता से क्रियान्वयन करने की दिशा में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी से ऊंचे स्वर में बात न करके सौम्य व्यवहार करें। उन्होंने कहा विनम्रता से बात करके कार्य कराना अधिक आसान है और जिन कार्यों को वे सम्पादित कराना चाहती हैं, उससे सम्बन्धित सरकारी परिपत्रों का सम्यक अध्ययन अवश्य करें, जिससे वे कार्य कराने के सम्बन्ध में दृढ़ता से अपना पक्ष रख सकेंगी।

उन्होंने विधायकों को केन्द्र व राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को दिलाने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वे इस कार्य से सीधे जनता से जुड़ सकेंगी। इसके लिए ग्राम प्रधानों से जुड़कर कार्य सुगमता से सम्पन्न हो सकेगा। विधायक गांवो में कैम्प लगाकर भी अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिला सकती हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को गम्भीरता से समझने के लिए प्रेरित करते हुए राज्यपाल  ने विधायकों को अपने वक्तव्यों में संयमित रहने के लिए भी कहा। उन्होंने विधायकों से इतिहास की तथ्यपरक जानकारी रखने पर बल देते हुए कहा कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए अधिक सूचनाओं की जानकारी रखना, व्यवहार कुशल होना और सभी से अच्छा व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि विधायक जनप्रतिनिधि हैं और उनसे ये अपेक्षा की जाती है कि वे जातिगत समीकरण न अपनाएं, अपने समग्र क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य करें। अपने कार्यों का मासिक, वार्षिक और पंचवर्षीय आकलन कर उसे जनता के समक्ष प्रस्तुत भी करें।

महिला आयोग के कार्यों पर चर्चा करते हुए राज्यपाल  ने गुजरात में अपने कार्यकाल के दौरान ‘नारी अदालत’ के गठन की विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि तहसील, जनपद और राज्य स्तर पर गठित ये ‘नारी अदालत’ आज भी कारगर है। उन्होंने महिला विधायकों सेे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ मंत्र पर कार्य करने के हेतु प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने पारिवारिक हस्तक्षेपों से अलग रहकर कार्य करने के लिए भी सजग किया।

तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा राज्य की महिला विधायकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।


Post Top Ad

Responsive Ads Here