सम्पूर्ण प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत अधिक संख्या में विभिन्न वादों का निस्तारण


लखनऊ (मानवी मीडिया) न्यायमूर्ति  यू0यू0 ललित, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ;छ।स्ै।द्धए माननीय न्यायमूर्ति  राजेश बिन्दल, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय/मुख्य  संरक्षक, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ;न्च्ैस्ै।द्ध के मार्गदर्शन व माननीय न्यायमूर्ति  प्रीतिंकर दिवाकर, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद/कार्यपालक अध्यक्ष,  उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ;न्च्ैस्ै।द्ध के कुषल निर्देशन में दिनांक 14.05.2022 को सम्पूर्ण प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गयी।

सम्पूर्ण भारत वर्ष में इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिये माननीय न्यायमूर्ति  यू0यू0 ललित, न्यायाधीश, माननीय उच्चतम न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिनांक  06.05.2022 को समस्त राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यपालक अध्यक्ष व सदस्य सचिवगण से वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के द्वारा बैठक की गयी और राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु निर्देश निर्गत किये गये।

दिनांक 18.04.2022 को न्यायमूर्ति  राजेश बिन्दल, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्सिग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, मोटर दुर्घटना ट्रिब्युनल, पारिवारिक न्यायालय, व्यवसायिक न्यायालय व स्थायी लोक अदालत आदि के पीठासीन अधिकारियांे, पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों से विशेष रूप से न्यायालयों में लम्बित मामलों के अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण करने एवं राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने का अह्वान किया।

 न्यायमूर्ति  प्रीतिंकर दिवाकर, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद/कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा न्यायालय में लम्बित वादों, मोटर दुर्घटना वादों एवं पारिवारिक विवादों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन वादों के निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया तथा प्रदेश के पोटेन्शियल जनपदों जिनमें कि अधिक संख्या में वादों का लम्बन है, उनको विशेष रूप से अधिक संख्या में निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।

 न्यायमूर्ति  मनोज मिश्रा, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वादों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करने हेतु विशेष रूप से बल दिया गया।

न्यायमूर्ति  सुनीता अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा दाम्पत्य विवादों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर वर्तमान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।  

 न्यायमूर्ति डा0 के0जे0 ठाकर, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना वादों को अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव, गृह  अवनीश कुमार अवस्थी उ0प्र0 शासन द्वारा समस्त जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध, अपर पुलिस महानिदेशक, अभियोजन एवं सचिव, गृह, समस्त विशेष सचिव, गृह एवं समस्त मण्डलायुक्त, पुलिस आयुक्त, जोनल, अपर पुलिस महानिदेशक, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकगण आदि से जूम मीटिंग किया गया तथा दिनांक 09.05.2022 को शासनादेश संख्या-805ए/छः-पु0-9-2022-2(17)/2021 दिनांक 09.05.2022 के माध्यम से समस्त जिला मजिस्ट्रेट, समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय लोक अदालत में पूर्व की अपेक्षा दो गुने वाद निस्तारित करने हेतु निर्देशित किया गया।

आज जनपद लखनऊ में दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर मुख्य सचिव, गृह  अवनीश कुमार अवस्थी उ0प्र0 शासन,  संजय सिंह, सदस्य सचिव, उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जनपद न्यायाधीश श्री राम मनोहर लाल मिश्रा के साथ संयुक्त रूप से राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण किया गया।

प्राप्त सूचना के अनुसार सायं 05ः00 बजे तक उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों का विवरण निम्नवत् हैः-

1. प्री-लिटिगेशन वाद - 2977983

2. लम्बित वाद - 364352

कुल निस्तारित वाद - 3342335

लम्बित एवं प्री-लिटिगेशन वादों के निस्तारण की अन्तिम संख्या अभी प्रतीक्षित है।  प्रशासन के सक्रिय सहयोग से प्रदेश के न्यायालयों/अधिकरणों द्वारा निस्तारित वादों की संख्या कल तक प्राप्त होगी।

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