निराश्रित गोवंश के रखरखाव एवं व्यवस्था के लिए 15 अप्रैल से 5 मई तक अभियान चलाया जायेगा


लखनऊ: (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि प्रदेश के निराश्रित/बेसहारा गोवंश के रखरखाव के साथ चारे पानी की व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए 15 अप्रैल से 05 मई, 2022 तक भूसा भंडारण अभियान चलाया जायेगा। अभियान के तहत गो आश्रय स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में भूसा/पराली,अन्य आवश्यक फीड जैसे हरा चारा, दाना आदि के  साथ ही चौकीदार, पर्याप्त प्रकाश, पशु चिकित्सा व स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी ताकि गोवंश के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ-साथ अत्यधिक गर्मी के कारण होने वाली किसी भी पशु हानि को रोका जा सके।

पशुधन मंत्री  धर्मपाल सिंह ने आज मुख्य भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों को निराश्रित/बेसहारा गोवंश के रखरखाव के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंनें कहा कि वर्तमान में गेंहू की कटाई का समय है, इसलिए स्थानीय स्तर से पर्याप्त मात्रा में कम दरों पर भूसे का क्रय करके गो आश्रय स्थलों हेतु भूसा भण्डारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। पशुओं के भरण पोषण हेतु विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि से 79431 कुन्तल तथा दानदाताओं से प्राप्त 1188 कुन्तल, इस प्रकार कुल 80619 कुन्तल भूसा की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।चारे-भूसे की उपलब्धता के दृष्टिगत जनपदों में 2691 भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं।

पशुधन मंत्री ने कहा कि समस्त जिलों में निराश्रित व बेसहारा गोवंश को गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कर उनकी सुरक्षा हेतु शेड के निर्माण एवं अन्य कार्यो में तेजी लाई जाये। इस कार्य को पूरा करने के लिए पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और नगर विकास विभाग से भी सहयोग लिया जाएगा। इस अभियान के लक्ष्य पूर्ति हेतु शासन स्तर से भी नियमित रूप से समीक्षा जायेगी।  सिंह ने कहा कि भूसा भण्डारण के लिए दानदाताओं और स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जाये।

बैठक में प्रमुख सचिव, पशुधन  सुधीर गर्ग ने मंत्री  को निराश्रित/बेसहारा गोवंश के रखरखाव के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश का यथाशीघ्र अनुपालन कराये जाने आश्वासन दिया। 

बैठक में विशेष सचिव  देवेन्द्र पाण्डे, निदेशक पशुपालन डा0 जीवन दत्त, अपर निदेशक नियोजन डा0 जयकेश पाण्डे, संयुक्त निदेशक गौशाला, डा0 जयप्रकाश तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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