मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह तथा डा0 नवनीत सहगल द्वारा वॉलमार्ट वृद्धि एमओयू का किया गया आदान-प्रदान

 


लखनऊ( मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  सिद्धार्थ नाथ सिंह आज निर्यात प्रोत्साहन भवन, कैसरबाग में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के नये कार्यालय का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही उनकी उपस्थिति में वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट के साथ राज्य में एमएसएमई के लिए क्षमता निर्माण हेतु एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए निर्यात संवर्धन ब्यूरो के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू)  किया गया। अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई डा0 नवनीत सहगल एवं वॉलमार्ट वृद्धि (स्वस्ति) कार्यक्रम के निदेशक  जूलियन जोजेफ द्वारा एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में निर्यात मासिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। साथ ही उद्यमियों को ऋण चेक भी प्रदान किये गये।

इस अवसर  सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को दुनिया भर में मान्यता दी जा रही है, यहां का निर्यात रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। उभरते सितारे और ओडीओपी जैसी योजनाओं के साथ उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में सबसे आगे है, जिससे उन्हें नए बाजारों में निर्यात और उद्यम को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। वॉलमार्ट वृद्धि और फ्लिपकार्ट एमएसएमई को मजबूत करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करेंगे।

मंत्री  ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज 5000 लाभार्थियांे में 4300 करोड़ का ऋण वितरण किया है। इस कड़ी को आगे बढ़ाने हेतु वॉलमार्ट के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं से उद्यमियों को जोड़ा जा रहा है। उद्यमियों के उत्पादों की मार्केटिंग हेतु ई-कामर्स बहुत बड़ा प्लेटफार्म है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है और राज्य की जीडीपी देश में दूसरे नम्बर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यम स्थापना हेतु 72 घंटे में एनओसी देने का प्राविधान किया गया है। प्रदेश भर में फ्लैटेड फैक्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों की स्थापना पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों के टेक्नोलॉजी से जुड़ने से उनके व्यवसाय में वृद्धि होगी और उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर प्रदेश की तरफ तेजी से आगे बढ़ेगा।
डा0 नवनीत सहगल ने वॉलमार्ट के साथ किये गये एमओयू के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश की एमएसएमई को ई-मार्केट से जोड़ा जा रहा है। फ्लिपकार्ट एवं वॉलमार्ट एमएसएमई को हैण्डहोल्ड करके ऑनबोर्ड करेंगे, जिससे उद्यमी आसानी से अपने उत्पाद बेच सकेंगे। इसके साथ ही ये गावों में जाकर एमएसएमई को कनेक्ट करेंगे और अपने प्लेटफार्म पर लेंगे। उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश से 1 लाख 25 हजार करोड़ के उत्पादों का निर्यात हुआ है। अगले तीन वर्षों के इस बढ़ाकर तीन लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका ई-मार्केट प्लेटफार्म है।
एसोसिएट डायरेक्टर, फ्लिपकार्ट श्री हसन याकूब ने बताया कि साझेदारी के तहत वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट एमएसएमई को अपने व्यवसायों को डिजिटाइज करने में मदद करेंगे और उन्हें ऑनलाइन रिटेल के माध्यम से पूरे भारत में उत्पाद बेचने में सक्षम बनाएंगे। उनके पास अपनी निर्यात क्षमता को अनलॉक करने और वॉलमार्ट की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर भी होगा। उन्होंने बताया कि स्वस्ति के माध्यम से वॉलमार्ट वृद्धि आपूर्तिकर्ता विकास कार्यक्रम (वॉलमार्ट वृद्धि) एक व्यापक शिक्षण मंच प्रदान करेगा, जिसमें विकास के अवसर, मुफ्त प्रशिक्षण और उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए विशेषज्ञ सहायता शामिल है। यह छोटे और मध्यम व्यवसायों के विकास और सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण संगोष्ठियों और परामर्श कार्यशालाओं का भी आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम को वर्ष 2020 में एक डिजिटल प्रारूप में लाया गया और वृद्धि ई-संस्थानों को तब से पानीपत, हरियाणा और आगरा, उत्तर प्रदेश में लॉन्च किया गया है, और कई शाखायें खोलने की योजना है।

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