नगर निगम लखनऊ को "बेस्ट स्टेट कैपिटल सिटी इन सिटीजन फीडबैक" अवार्ड प्राप्त

 

लखनऊ (मानवी मीडिया)सम्पूर्ण देश में भारत सरकार की अत्यंत महत्वकांक्षी  योजना ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में लखनऊ द्वारा कुल 4320 शहरों के साथ प्रतिभाग किया गया। वर्तमान वर्ष में लखनऊ नगर द्वारा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2021’ की राष्ट्रीय रैकिंग में कम्पटीशन बढ़ जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश मे प्रथम स्थान प्राप्त किया है,तथा राष्ट्रीय स्तर पर 12वाँ स्थान पर कायम रहा है। नगर निगम लखनऊ को "बेस्ट स्टेट कैपिटल सिटी इन सिटीजन  फीडबैक" अवार्ड प्राप्त हुआ है, और "गॉर्बेज फ्री सिटी" में स्टार रेटिंग *3 स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए पुरस्कार मिला है। जबकि 2020 में इसमें 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई थी।

नगर निगम लखनऊ को पूर्व वर्ष 2020 में भी 12वीं रैंक, वर्ष 2019 में 121वीं रैंक, वर्ष 2018 में 115वीं रैंक, वर्ष 2017 में 269वीं रैंक प्राप्त हुई थी। स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत भारत सरकार की गाईडलाइन के अंतर्गत विभिन्न मानको को पूर्ण करने पर अंक निर्धारित है जिसके आधार पर शहरो की रैंकिंग तय की गयी है। वर्तमान वर्ष 2021 को तीन-तीन माह में विभाजित करते हुए पर्यवेक्षण के आधार पर भारत सरकार द्वारा मानको के अनुरूप अंक प्रदान किये गये। गाइड लाइन के अनुसार यह सर्वेक्षण कुल 6000 अंको का है जिसमें मुख्य रूप के तीन भागो में निम्नानुसार कार्यवाही की गयी :-

1 ) घर-घर से कूडे़ के संग्रहण, परिवहन एवं समुचित निस्तारण के  2400 अंक निर्धारित किये गये -(SERVICE LEVEL PROGRESS)

 सर्वेक्षण के इस प्रथम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण भाग में घर-घर से कूड़े के संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण हेतु नगर निगम लखनऊ द्वारा कार्यदायी मे. ईकोग्रीन के सहयोग से शत-प्रतिशत वार्डो में प्रत्येक घर से कूड़े का उठान सुनिश्चित कराया गया। यह भी प्रयास किया गया कि शहर में कहीं भी खुले में कूड़ा न बिखरा हुआ दिखायी दे। इसके लिए सुनिश्चित किया गया कि घर-घर से कूड़ा उठान कर उसको वाहनो के माध्यम से सुनियोजित तरीके से ट्रांसफर स्टेशन तक पहुँचाया जाय। समुचित रूप से परिवहन हेतु ईकोग्रीन की लगभग 500 से अधिक वाहन इस कार्य में लगाये गये है जिसमें चार कम्पार्टमेंट लगाये गये है जिसमें सूखा, गीला कचरा, रिसाइक्लेबल वस्तुएं, मेडिकल/जैविक कचरा पृथक-पृथक रखते हुए ट्रांसपोर्ट किए जाते है। इन छोटे वाहनों को जी.पी.एस. के माध्यम से कार्यो का निरन्तर पर्यवेक्षण किया जाता है। वाहनो द्वारा निकट के क्षेत्र में स्थापित पी.सी.टी.एस. (पोर्टेबल कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन) में कूड़े को कम्प्रेस करने हेतु स्थानान्तरित कर दिया जाता है। वर्तमान में शहर में कुल 84 पीसीटीएस स्थापित किये जा चुके है जिससे क्षेत्र में गंदगी का दिखना बन्द किया गया। स्वच्छता के उद्देश्य से सभी प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्रो में 1800 थ्री-बिन लगवाये गये जिनको समय से खाली भी कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी बनाये जाने के लिए 18 स्मार्ट अंडरग्राउंड बिन्स लगाने का कार्य प्रगति पर है।

इसके साथ ही कूड़े का वैज्ञानिक रूप से निस्तारण भी सुनिश्चित किया गया। इस कार्य के लिए 1800 मीट्रिक टन प्रतिदिन की क्षमता का प्लांट शिवरी में स्थापित किया गया है जहाँ पर शहर के ट्रांसफर स्टेशनो से कूड़े को लाकर उसका पृथक्कीकरण (सेग्रीगेशन) किया जाता है। इस प्लांट सर्वप्रथम मेटिरियल रिकवरी फेसिलिटी में सूखे कूड़े को 13 प्रकार के पदार्थो जैसे लकड़ी, कांच, रबर, प्लास्टिक इत्यादि से पृथक-पृथक कर लिया जाता है तथा यथाआवश्यकता रिसाइकिल इत्यादि कर लिया जाता है। गीले कूड़े से खाद का भी निर्माण किया जाता है। ऐसे कूड़ा जिसका किसी प्रकार से प्रोसेंसंग न की जा सके अथवा उसका उपयोग सम्भव न हो सके उसको वैज्ञानिक रूप से सेनेटरी लैण्ड फिल पर निस्तारित किया जाता है।

समस्त जोनो में 100 टन क्षमता के मेटिरियल रिकवरी फेसिलिटी प्वाइंट स्थापित किए गए है जहाँ से प्राप्त मैटिरियल को प्रोसेस कर पुनः उपयोग बनाया जाता है। इसके अतिरिक्त कंस्ट्रक्शन एवं डेमोलिशन वेस्ट प्लांट रायबरेली रोड पर स्थापित किया गया है जिसमें मलबा/बिल्डिंग की सामग्रियां पृथक कर पुनः उपयोग हेतु तैयार कर ली जाती है। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार सामग्री विक्रय भी की जाती है।

विगत 06 माह में लगभग 10,000 स्थलों एवं खाली प्लाटों को कूड़े से मुक्त किया गया है। लगभग 120 खुले कूड़ा घरों को समाप्त किया गया है। शहर में मुख्य 62 डिवाइडर रोड की सफाई हेतु 09 मैकेनाइज़ स्वीपिंग मशीन चलाये जा रहें हैं। नगर निगम लखनऊ द्वारा शहर के स्वच्छता हेतु कारकस प्लांट की स्थापना की गयी है, जहाँ मृत पशुओं के शवो का स्वच्छतापूर्वक निस्तारण किया जाता है।

2 ) खुले में शौच मुक्त (ओ.डी.एफ.++), वॉटर+, जी.एफ.सी. (गॉर्बेज फ्री सिटी) सर्टिफिकेशन पर कुल 1800 अंक निर्धारित किए गए -(CERTIFICATION)

नगर निगम लखनऊ वर्तमान में खुले में शौच से पूर्णतः मुक्त शहर है। इस क्रम में शहर को ओ.डी.एफ.++ सर्टिफिकेट पूर्व में ही प्राप्त हो चुका है। इसके लिए 700 अंक निर्धारित है। साथ ही जी.एफ.सी. का एक स्टार का सर्टिफिकेशन प्राप्त हो गया है जिसमें 1100 अंक निर्धारित है। वर्तमान में शौच इत्यादि की स्वच्छता बनाये रखने के पूर्ण प्रयास किए गए है जिसमें सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालयों का स्वच्छतापूर्वक रखरखाव व आवश्यकतानुसार निर्माण भी निरन्तर कराया जा रहा है। वर्तमान में शहर में कुल 390 सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय निर्मित कराये गये है। विजिटर तथा टूरिस्ट के लिए 96 वातानुकूलित डी-लक्स शौचालयो का निर्माण कराया गया है। इनके अतिरिक्त 510 यूरिनल प्वाइंट भी बनाये गये है। सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत महिलाओं के विशेष रूप से 74 पिंक शौचालयों का निर्माण किया गया है जिसमें इंसीनरेटर, सेनेटरी नैपकिन की वेंडिंग मशीन, हैंड ड्रायर, डिस्पेंसर, पेपर टॉवेल, बेबी चेन्जिंग स्टेशन का प्राविधान किया गया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक घर में शौचालय की उपलब्धता के लिए सहायता सुनिश्चित की गयी है।

शहर में स्वच्छता के महत्वपूर्ण बिन्दु में गंदे पानी का समुचित ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया गया है। ट्रीटमेंट पश्चात 85 प्रतिशत प्राप्त पानी को पुर्नउपयोग में लाया जाता है जिससे डिवाइडर पर पौधो की सिंचाई इत्यादि लिए इस्तेमाल किया जाता है। सीवेज स्लज के ट्रीटमेंट के लिए भरवारा में 345 एम.एल.डी., दौलतगंज में 54 एम.एल.डी., वृंदावन योजना में 32 एम.एल.डी. क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किए गए है।

उपरोक्त के अतिरिक्त सेप्टिक टैंक की सफाई हेतु 43 विशेष वाहन तैयार किये गये जो टोल फ्री नंबर 14420 पर कॉल के माध्यम से अत्यंत न्यूनतम शुल्क लेकर घर के सेप्टिक टैंक की सफाई का कार्य करते है। इनके द्वारा भी घर से लिए गए स्लज को एस.टी.पी. में निस्तारित किया जाता है। इन वाहनों पर लगे जी.पी.एस. के माध्यम से ट्रैक करते हुए डी-स्लज के कार्यो का पर्यवेक्षण किया जाता है।

3) नागरिको की जागरुकता एवं योजना में सहभागी बनने के संबंध में सिटीजन पार्टीसिपेशन के संबंध में 1800 अंक निर्धारित किए गए -(CITIZEN'S VOICE)

स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के माध्यम से नागरिको की स्वच्छता के प्रति सहभागिता सुनिश्चित करायी गयी जिसके लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम निरन्तर कराये गये। साथ ही आम जनता की राय भी प्राप्त की गयी। इसके चरण के अंतर्गत सामान्य नागरिक द्वारा भारत सरकार के एम.ओ.एच.ओ.यू. एप के द्वारा प्राप्त शिकायतो का त्वरित निस्तारण, ई-मेल एवं कॉल के द्वारा प्राप्त शिकायतो का निस्तारण व सुझावो पर विचार किया गया। नागरिको द्वारा अपना फीडबैक भारत सरकार की वेबसाइट पर दर्ज कराने एवं भारत सरकार द्वारा जारी स्वच्छता ऐप  को डाउनलोड कर उस पर गंदगी सम्बन्धी शिकायते अपलोड करने, शिकायतों का निस्तारण, निस्तारण उपरांत नागरिको का फीडबैक पर भी नगर निगम को अंक प्राप्त हुए।

सामान्य जनता को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से स्कूल बच्चो के मध्य निबंध, वाद-विवाद, चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित करायी गयी तथा नुक्कड़ नाटक भी आयोजित कराये गये। स्वच्छता एवं पर्यावरण के अत्यंत दूषित करने वाले प्लास्टिक को बंद करने का एक अभियान भी शहर में चलाया गया। प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम लखनऊ थैला बैंक की शुरुआत की गयी जो प्रत्येक जोन में स्थापित है। इसके अतिरिक्त बर्तन बैंक सभी कल्याण मण्डपो में प्रारम्भ कराया गया है। साथ ही पुराने कपड़ो का जरूरतमंदो तक पहुँचाने के लिए ‘नेकी की दीवार’ के नाम से कपड़े एकत्रित किए गए जहाँ से कोई भी व्यक्ति बिना किसी शुल्क के कपड़े ले सकता है।

महिलाओं को स्वच्छता के प्रति विशेष प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को 500 पीपीई किट व हाईजीनिक किट वितरित की गयी।

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