अंसारी की मुश्किलों में बढी, अब 33 साल पुराने एक और केस में आरोप तय


लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश की मऊ सदर सीट से बहुजन समाज पार्टी के बाहुबली विधायक माफिया मुख्तार अंसारी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने फर्जी कागजात के जरिए शस्त्र लाइंसेंस हासिल करने के मामले में मुख्तार अंसारी पर पांच धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं.

कोर्ट ने आईपीसी की धारा 467, 468, 420, 120 बी और एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 (2) के तहत बाहुबली विधायक पर आरोप तय किए हैं. अब जल्द ही अदालत में इस मुकदमे का ट्रायल शुरू हो सकेगा. हालांकि सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी ने खुद पर तय किए गए आरोपों को नकार दिया और अदालत से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की गुहार लगाई. 

मुख्तार अंसारी पर आरोप है कि 10 जून 1987 में उन्होंने फर्जी कागजात और जिलाधिकारी के जाली दस्तखत बनाकर गलत तरीके से शस्त्र लाइसेंस हासिल किया था. जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद मुख्तार के खिलाफ गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. लंबे अरसे से यह मामला अलग-अलग अदालतों में लटका रहा. कुछ साल पहले ही यह मामला प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था.

Popular posts from this blog

उ0प्र0:: सीओ महिला सिपाही के साथ आपत्तिजनक स्थित में पकड़े गए

उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम के गोदामों में तीस हज़ार श्रमिक, जो ठेकेदारों द्वारा भर्ती किये जा रहे थे उन्हें नियमितीकरण कराने के लिए , मुख्यमंत्री योगी को लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश में 40 घंटे तक नहीं थमेगी बारिश:मौसम वैज्ञानिक