दहेज की डिमांड करना इस कंपनी के कर्मचारियों को पड़ेगा महंगा, धोना पड़ सकता है नौकरी से हाथ


नई दिल्ली (मानवी मीडिया): शारजाह स्थित एरीज़ ग्रुप एंड कंपनी ने अपने कर्मचारियों पर दहेज विरोधी नीति लागू किया है। यानी इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी अगर दहेज की मांग करेंगे तो उन्हें नौकरी से भी हाथ धोनी पड़ेगी और उनपर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इस ऐतिहासिक पहल की पूरी दुनिया में तारीफ की जा रही है। कंपनी के देशों में कारोबार चल रहा है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ सोहन रॉय दुनिया में पहली बार है कि किसी संस्था द्वारा दहेज विरोधी नीति को रोजगार एग्रीमेंट का हिस्सा बनाया गया है और एक भारतीय संस्थान के रूप में, हमें इस पर बहुत गर्व है।

सोहन रॉय 16 देशों में अपना कारोबार चलाते हैं और दो लड़कियों के पिता हैं। सोहन रॉय ने खलीज टाइम्स से बात करते हुए कहा कि 16 देशों में कंपनी की शाखाओं में काम करने वाले भारतीयों सहित सभी कर्मचारियों के बीच दहेज विरोधी अभियान को मजबूत किया जाएगा। केरल के रहने वाले सोहन रॉय ने कहा कि हालांकि समाज से दहेज संस्कृति को पूरी तरह से खत्म करना मुश्किल है, लेकिन उनका समूह अपने कर्मचारियों के बीच इस प्रथा को खत्म करने के लिए सब कुछ करेगा। कंपनी के नियमों के मुताबिक कंपनी का जो भी स्टाफ भविष्य में दहेज लेन-देन में शामिल पाया जाता है, उसे कंपनी के साथ भविष्य में भी काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।दहेज के खिलाफ कंपनी का कानूनबता दें, इसी साल 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर कंपनी ने देहज विरोधी कानून का प्रस्ताव रखा था। इसी सप्ताह कंपनी ने इसे लागू किया है। 16 देशों में कंपनी की शाखाओं में काम करने वाले भारतीयों सहित सभी कर्मचारियों के बीच इस नीति को मजबूती से लागू की गई है। नए नियमों के अनुसार, भविष्य में दहेज लेने या देने वाले किसी भी कर्मचारी को आगे काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों को एग्रीमेंट रिन्युअल कराने के लिए पहले इस दहेज विरोधी नीति पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही दहेज विरोधी जागरूकता अभियान चलाने को भी निर्देश जारी किया गया है

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