पेंशनरों ने ईपीएफओ के सर्कुलर की प्रतियां जलाकर किया विरोध प्रदर्शन

 लखनऊ, (मानवी मीडिया)  ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने  ईपीएफओ द्वारा  हायर पेंशन मामले में मा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रभाव  को  कम करने के लिए  उसकी गलत  व्याख्या कर मनमाने ढंग से  29 दिसंबर 22 को जारी सर्कुलर के विरोध में  देश भर के सभी ईपीएफओ कार्यालय  काली पट्टी बांध कर  प्रदर्शन   किया गया और  सर्कुलर की प्रतियां  जलाई गई। 

लखनऊ में कड़ाके  की  ठंड  के  बावजूद ईपीएफओ  के गोमती नगर स्थित कार्यालय पर  केन्द्र व राज्य  सरकार के सार्वजनिक निगमों एच ए एल,  एफसीआई ,आई टी आई,  रोडवेज, आवश्यक वस्तु  निगम, पी सीएफ,   अपट्रान , स्कूटर इंडिया,सीड  कार्पोरेशन आदि और अनेक निजी प्रतिष्ठानों के पेंशनरों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और नारेबाजी करके सर्कुलर की प्रतियां जलाई और इसके विरोध में क्षेत्रीय आयुक्त      ईपीएफओ   नवीन कुमार कन्नौजिया  को  ज्ञापन दिया उन्होंने ज्ञापन को श्रम मंत्रालय फॉरवर्ड करने तथा स्थानीय समस्याओ का तत्काल निराकरण करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन  में समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  के एस तिवारी,  मुख्य समन्वयक श्री राजीव भटनागर ने कहा कि मा0  सुप्रीम कोर्ट  ने अपने आदेश में पहले  ही  पेंशनरों के साथ अन्याय किया है रही   सही कसर ईपीएफओ ने अपने सर्कुलर में पूरी कर पेंशनरों की आशाओं पर कुठाराघात किया है जिससे लाखों पेंशनर उच्च पेंशन के लाभ से वंचित हो गये हैं इसलिए सरकार को इस सर्कुलर को वापस लेना पड़ेगा । प्रदर्शनकारियों को पी  के श्रीवास्तव, दिलीप पांडे, गिरेंद्र सिंह, आर एन द्विवेदी, सुभाष चौबे, उमाकांत सिंह शमसुल हसन, राजेश तिवारी,  अशोक बाजपेई,  ए  पी सिंह,  राजेश  द्विवेदी सतीश अग्निहोत्री,  आर पी सिंह,  हरिश्चंद्र त्रिपाठी ,विजय सिंह, काजिम रजा ,फ्रेडरिक क्रूज,रामसेवक शुक्ला, हरिशंकर  गुप्ता,  हनुमान यादव, पीताम्बर भट्ट आदि ने भी सम्बोधित करते हुए न्यूनतम पेंशन 7500 रू महीना,  डी ए व मुफ्त चिकित्सा सुविधा की माँग की और  मा o सुप्रीम कोर्ट  से मानवीय आधार पर पेंशनरों के पक्ष में आदेश देने की अपील की। 

उत्तर प्रदेश में  लखनऊ के अतिरिक्त कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, मेरठ, नोएडा, अलीगढ़ एवं आगरा  के  ईपीएफओ कार्यालयों पर भी   पेंशनरों  ने जोरदार प्रदर्शन किया । 


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