सूरत के इस मंदिर में भोलेनाथ को चढ़ाते हैं जिंदा केकड़े कारण जाने


गुजरात  (
मानवी मीडिया भगवान शिव को बेल पत्र अधिक प्रिय है। इसलिए बेल पत्र चढ़ाने से शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर इच्छा को पूरा करते हैं। अब तक भोलेनाथ के मंदिर में प्रसन्न करने के लिए कई चीज़ें चढ़ावे के रूप में चढ़ाई जाती हैं। इस चढ़ावे में दूध, दही, मिठाईयां, पुष्य आदि शामिल होते हैं।

हिंदू धर्म में भगवान शिव दया और करुणा के देव भी कहलाते हैं। महादेव का स्वभाव भोला है, इसलिए उनको भोलेनाथ भी कहते हैं। ऐसे में गुजरात के इस मंदिर में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जीवित केकड़े चढ़ाए जाते हैं।

भक्तों द्वारा यहां भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले केकड़ों को पूजा के बाद तापी नदी में छोड़ दिया जाता है। भक्तों का कहना है कि उनके बच्चों को अपने जीवनकाल में कभी भी कान में दर्द का अनुभव नहीं होगा। एक भक्त ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि यदि आप यहां केकड़े चढ़ाते हैं तो आपके कान संबंधी रोग दूर हो जाते हैं।

एक अन्य भक्त ने कहा, 'यहां साल में एक बार केकड़े चढ़ाए जाते हैं। हमारा मानना है कि यहां केकड़े चढ़ाने से हमारे बच्चों के कान में दर्द नहीं होगा।'

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