IRDA RBI, LIC, GBICअधिकारी बनकर इंश्योरेंस में बोनस दिलाने, वाला यूपी एसटीए ने किया गिरफतार

लखनऊ (मानवी मीडिया)IRDA  (Insurance Regulatory and Development Authority) RBI, LIC, GBIC  आदि के अधिकारी बनकर इंश्योरेंस में बोनस दिलाने, एजेन्ट कोड हटवाने व बन्द पालिसी का क्लेम दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रूपये की ठगी करने वाले गिरोह का वांछित अभियुक्त दिल्ली से गिरफ्तार। 

दिनांकः 09-12-2022 को एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को IRDA (Insurance Regulatory and Development Authority) RBI, LIC, GBIC) आदि के अधिकारी बनकर इंश्योरेंस में बोनस दिलाने, एजेन्ट कोड हटवाने व बन्द पालिसी का क्लेम दिलाने का झांसा देकर करोडों रूपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का वांछित अभियुक्त विमल कुमार गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गयी। 

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः- 

विमल कुमार गुप्ता पुत्र सुरेश चन्द्र गुप्ता निवासी ई-101 प्रथमतल, एक्सप्रेस ग्रीन, सेक्टर-1 वैशाली, गाजियाबाद।

बरामदगी-

1. 77 अदद डेटा शीट

2. 01 अदद मोबाइल फोन। 

3. 01 अदद आधार कार्ड

4. 310/- रूपये नगद।

गिरफ्तारी का दिनांक, स्थान व समयः-  

दिनांकः 09-12-2022, स्थानः एच-2, प्रथमतल, कैलाश पार्क, मोतीनगर, दिल्ली। समय 16ः10 बजे। 

उल्लेखनीय है कि दि0 29-04-2022 को एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश द्वारा IRDA (Insurance Regulatory and Development Authority) RBI, LIC, GBIC आदि के अधिकारी बनकर इंश्योरेंस में बोनस दिलाने, एजेन्ट कोड हटवाने व बन्द पालिसी का क्लेम दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले संगठित गिरोहों की सूचना प्राप्त होने पर इस गिरोह के सरगना सहित 09 सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए ठगी के 26,04,300/- रूपये बरामद किये गये थे। इस गिरोह के कुछ सक्रिय सदस्य फरार हो गये थे, जिसकी गिरफ्तारी हेतु विशाल विक्रम सिंह प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, उ0प्र0 के पर्यवेक्षण मे एस0टी0एफ0 मुख्यालय स्थित साइबर टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। 

अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ था कि थाना कृष्णानगर कमिश्नरेट लखनऊ में  आशा मिश्रा द्वारा मु0अ0सं0 172/2022 धारा 406/420/506/409/ 120बी भादवि पंजीकृत कराया गया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि IRDA  (Insurance Regulatory and Development Authority) RBI, LIC, GBIC आदि के अधिकारी बनकर इंश्योरेंस में बोनस दिलाने, एजेन्ट कोड हटवाने व बन्द पालिसी का क्लेम दिलाने का झांसा देकर उनसे पिछले 06 माह के अन्दर इन्श्योरेन्श एजेन्टों द्वारा अपने कमीशन के लिए 22 लाख रूपये की भारती एक्सा लाइफ व मैक्स लाइफ इन्ष्योरेन्श की 13 बीमा पालिसी धोखे से करा ली गयी है, जिसके सम्बन्ध में एस0टी0एफ0 द्वारा दिनांक 29-04-2022 को सरगना देवेन्द्र सिंह सहित 09 सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था तथा कुछ सदस्य गिरफ्तारी के डर से फरार हो गये थे, जिनकी गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अभिसूचना संकलन के कार्यवाही की जा रही थी। तभी विश्वस्त सूत्रों से जानकारी हुई कि इस गिरोह का एक फरार सदस्य मोतीनगर, दिल्ली में एक काल सेण्टर चला रहा है तथा पूर्व की भाँति ठगी के कार्य में अभी भी लिप्त है। मुखबिर से प्राप्त इस सूचना पर थाना कृष्णानगर, लखनऊ में पंजीकृत उपरोक्त अभियोग के विवेचक को साथ लेकर मरकरी इंश्योरेन्स ब्रोकर्स, प्रा0लि0 के कार्यालय एच-2, प्रथमतल, कैलाश पार्क, मोतीनगर, दिल्ली में पहुँच कर उपरोक्त अभियुक्त को उसके कार्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके पास से उपरोक्त बरामदगी की गयी। 

गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि उसने वर्ष 2009 मे नेट एम्बिट कम्पनी में पहली बार टेलीकालर के पद पर ज्वाइन किया। उसके बाद यूनीकान इंश्योरेन्स कम्पनी में टीम लीडर फिर बी0एम0ए0 कम्पनी में मैनेजर फिर क्रास रोड्स कम्पनी में ए0वी0पी0 (अस्सिटेन्ट वायस प्रेसिडेन्ट) उसके बाद श्री बालाजी इंश्योरेन्स में वायस प्रेसिडेन्ट के पद पर कार्य किया। अक्टूबर 2021 में ई0डी0ओ0 सी0डी0 सोल्यूशन्स जो देवेन्द्र सिंह की कम्पनी थी, मे 40 प्रतिशत कमीशन पर साझेदारी में पूरी टीम लेकर डी0एल0एफ0-42, कीर्तीनगर में काम करता था। अप्रैल 2022 में एस0टी0एफ0 द्वारा देवेन्द्र सिंह व उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। मैं गिरफ्तारी के डर से फरार हो गया। फरारी के दौरान मेरे द्वारा दूसरी इंश्योरेन्स कम्पनी मरकरी इंश्योरेन्स ब्रोकर्स में धर्मवीर के साथ ए0वी0बी0 के पद पर ज्वाइन कर लिया व पालिसी बेचने का कार्य करने लगा। इस कम्पनी के पास खुद का कोड नही है इसलिए बिजनेस आथेन्टिक इंश्योरेन्स ब्रोकर के कोड पर लागिन किया जाता है इसी तरह अन्य कम्पनियां भी सब ब्रोकिंग बिजनेस लागिन करती कराती हैं। पिछले महीने आथेन्टिक से पेमेन्ट का इश्यू आ गया, जिसके कारण दि0 06-12-2022 से पालिसी बाजार के कोड में वह अपना बिजनेस लागिन करा रहा है। 

डेटा के बारे में पूछने पर बताया कि डेटा वह नेट एम्बिट से लेकर यूनीकान इंश्योरेन्स में आया था व वहाँ से डाटा लेकर क्रास रोड्स कम्पनी में ज्वाइन किया उसके बाद वहाँ से डेटा लेकर श्री बालाजी इंश्योरेन्स में पालिसी बेचा गया। फिर वहाँ से डेटा लेकर देवेन्द्र के साथ इ0डी0ओ0सी0डी0 में पालिसी बेचा और यह डेटा इ0डी0ओ0सी0डी0 का भी है, जो मैंने वहाँ से लाकर वर्तमान में मरकरी में पालिसी बेच रहा हूँ। टेलीमार्केटिंग में डेटा चोरी करना आम बात है। अधिकारी/ कर्मचारी ही डेटा चोरी करके मार्केट में बेचते हैं क्योंकि डेटा सिक्योरिटी का कोई सिस्टम किसी ब्रोकर इंश्योरेन्स कम्पनियों के पास नही है।

उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्त को थाना कृष्णानगर पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में मु0अ0सं0 172/2022 धारा 406/420/506/409/120बी भादवि में दाखिल किया गया अग्रेतर कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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