अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन’ में पधारे 57 देशों के मुख्य न्यायाधीशों व अन्य प्रख्यात हस्तियों का भव्य स्वागत



लखनऊ (मानवी मीडिया) देश के रक्षामंत्री  राजनाथ सिंह ने आज सायं सी.एम.एस. कानपुर रोड परिसर में आयोजित विश्व के 57 देशों से पधारे मुख्य न्यायाधीशों व अन्य प्रख्यात हस्तियों के ‘स्वागत समारोह’ में बोलते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन के माध्यम से सी.एम.एस. सारे विश्व के बच्चों के लिए एक नया भविष्य निर्मित कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह बड़ी प्रसन्नता की बात है कि विभिन्न देशों के राजनीतिज्ञ, न्यायविद् व कानूनविद् भावी पीढ़ी के सुन्दर व सुरक्षित भविष्य एवं विश्व मानवता की बेहतरी के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। निश्चित रूप से इस सम्मेलन ने लखनऊ के गौरव को अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। मुख्य न्यायाधीशों के स्वागत समारोह में मॉरीशस के राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराजसिंग रूपन, एंटीगुआ और बारबुडा के गवर्नर-जनरल सर रॉडनी एरे लॉरेंस विलियम्स, घाना संसद के स्पीकर  एल्बन सुमाना किंग्सफोर्ड बैगबिन समेत विभिन्न देशों की प्रख्यात हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा को बढ़ाया। स्वागत समारोह की अध्यक्षता मेयर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने की। विदित हो कि सिटी मान्टेसरी स्कूल द्वारा ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 23वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ 18 से 22 नवम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद के अध्यक्ष, न्यायमंत्री, संसद सदस्य, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीश एवं विश्व प्रसिद्ध शान्ति संगठनों के प्रमुख समेत 57 देशों के 250 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व कानूनविद् प्रतिभाग कर रहे हैं।

इससे पहले, सी.एम.एस. संस्थापक व अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के संयोजक डा. जगदीश गाँधी ने मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मंत्री भारत सरकार राजनाथ सिंह व विभिन्न्न देशों से पधारे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्य न्यायाधीशों आदि सभी अतिथिगणों का हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया। अपने संबोधन में डा. गाँधी ने विश्व के सभी देशों का आह्वान करते हुए कहा कि विश्व के सभी देश मिलकर संसार को सुरक्षित बनाने के लिए सहयोग करें एवं भावी पीढ़ी को स्वच्छ व भयरहित समाज उपलब्ध कराने में ठोस पहल करें। सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने भी देश-दुनिया से पधारे न्यायविद्ों व कानूनविद्ों का स्वागत करते हुए कहा कि एकता, शान्ति व सौहार्द से परिपूर्ण विश्व की स्थापना निश्चित रूप संभव है बशर्ते इस उद्देश्य हेतु ईमानदारी व खुले दिल से प्रयास किया  जाए।

इस अवसर पर जहाँ एक ओर सी.एम.एस. छात्रों ने देश-विदेश की इन प्रख्यात हस्तियों के सम्मान में रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों की इन्द्रधनुषी छटा बिखेर कर अनेकता में एकता का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया तो वहीं दूसरी ओर 57 देशों  से पधारे मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व कानूनविदों की जोरदार उपस्थिति ने लखनऊ का नाम विश्व पटल पर आलोकित किया। इस भव्य समारोह में रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने मॉरीशस के राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराजसिंग रूपन को ‘महात्मा गाँधी अवार्ड फॉर वर्ल्ड यूनिटी’ से नवाजा जबकि मेयर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने पेरू के सुपीरियर कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुश्री जोसेफा विसेंटा इज़गा पेलेग्रिन को ‘लखनऊ शहर की चाबी’ भेंटकर सम्मानित किया।

इससे पहले, आज अपरान्हः सत्र में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में विभिन्न देशों के राष्ट्रप्रमुखों व न्यायविद्ों ने विश्व के दो अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य हेतु सी.एम.एस. की इस ऐतिहासिक पहल की भरपूर सराहना की। न्यायविद्ों का कहना था कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है दुनिया के देशों में एकता की। यह तभी संभव है जब विश्व समुदाय एक अन्तर्राष्ट्रीय कानून व्यवस्था से संचालित हो। प्रेस कान्फ्रेन्स में श्री एमिल कॉन्स्टेंटिनेस्कु, पूर्व राष्ट्रपति, रोमानिया, श्री स्टीपन मेसिक, पूर्व राष्ट्रपति, क्रोएशिया; श्री जोसेलेर्मे प्रिवर्ट, पूर्व राष्ट्रपति, हैती; डा. पकालिथा बी. मोसिलिली, पूर्व प्रधानमंत्री, लेसोथो; श्री जीन-हेनरी सेन्ट, पूर्व प्रधानमंत्री, हैती समेत अनेक न्यायविद्ों ने अपने विचार व्यक्त किये।

सिटी मांटेसरी. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी  हरि ओम शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मॉरीशस के राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराजसिंग रूपन द्वारा कल 19 नवम्बर, शनिवार को प्रातः 9.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया जायेगा। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य श्री सुधांशु त्रिवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा को बढ़ायेंगे। इससे पहले, विभिन्न देशों से पधारी प्रख्यात हस्तियाँ, न्यायविद् व कानूनविद् सी.एम.एस. छात्रों व शिक्षकों के ‘विश्व एकता मार्च’ में शामिल होकर द्वारा विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य का अलख जगायेंगे। यह विशाल मार्च कल 19 नवम्बर को प्रातः 8.00 बजे पुरानी चुंगी से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम तक निकाला जायेगा। कल ही, 19 नवम्बर को सायं 6.00 बजे विभिन्न देशों से पधारे गणमान्य अतिथि नवनिर्मित हाईकोर्ट परिसर का अवलोकन करने जायेंगे एवं इसके उपरान्त सायं 7.30 बजे 5, कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास जायेंगे, जहाँ मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न देशों से पधारे गणमान्य अतिथियों को रात्रिभोज पर आमन्त्रित किया है।

 शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, ऑस्ट्रेलिया, अज़रबैजान, बांग्लादेश, बेनिन, बोलीविया, बोत्सवाना, ब्राजील, बुर्किना फासो, कैमरून, चिली, कोमोरोस, कोस्टारिका, क्रोएशिया, इक्वाडोर, ंइजिप्ट, अल साल्वाडोर, इस्वातिनि, फिजी, घाना, गिनी, गुयाना, हैती, इटली, जापान, जमैका, किर्गिज़ रिपब्लिक, लेबनान, लेसोथो, लीबिया, मेडागास्कर, मलावी, मॉरिटानिया, मॉरीशस, मंगोलिया, मोरक्को, मोज़ाम्बिक, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैंड्स, नाइजर, नाइजीरिया, उत्तर मैसेडोनिया, पापुआ न्यू गिनी, पेरू, रोमानिया, रूस, साओ टोम और प्रिंसिपे, सर्बिया, सोमालिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, दक्षिण सूडान, सूरीनाम, तंजानिया, थाईलैंड, तुर्की, अमेरिका, जाम्बिया एवं भारत प्रमुख हैं

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