यूपी कोऑपरेटिव बैंक लि0, लखनऊ के सर्वर को हैक कर, रू0 146 करोड के फ्राड पांच गिरफ्तार

लखनऊ (मानवी मीडिया) 18 महीने में लगभग 01 करोड़ रूपये खर्च कर, 03 हैकरों, 06 डिवाइस, 03 कीलागर साफ्टवेयर, 03 बैंक अधिकारियों की मदद से उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लि0, मुख्यालय लखनऊ के सर्वर को हैक कर, रू0 146 करोड के फ्र आरटीजीएस करने वाले साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह के 02 मास्टरमाइण्ड सहित 05 अभियुक्त लखनऊ से गिरफ्तार।

दिनांकः 31-10-2022 को एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को 18 महीने में लगभग 01 करोड़ रूपये खर्च कर, 03 हैकरों, 06 डिवाइस, 03 कीलागर साफ्टवेयर, 03 बैंक अधिकारियों की मदद से उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लि0, मुख्यालय लखनऊ के सर्वर को हैक कर, प्रबन्धक व कैशियर के लागिन आइडी पासवर्ड प्राप्त कर, सिस्टम को रिमोट एक्सिस पर लेकर एनएडी अनुभाग में खुले 07 खातों से 08 लेन-देन के माध्यम से रू0 146 करोड़ के आरटीजीएस करके ठगी का प्रयास करने वाले साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह के 02 मास्टरमाइण्ड सहित 05 अभियुक्तों को लखनऊ से गिरफ्तार करने मे उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:-

1- राम राज पुत्र स्व0 कालीचरन, निवासी ग्राम व पोस्ट-कुम्भीपुर, थाना खागा, जनपद-फतेहपुर हाल पता 548/80, गायत्री नगर नियर पारा पुलिस चौकी, थाना-पारा, लखनऊ। (अनुभाग अधिकारी, गृह अनुभाग-15, लोक भवन, लखनऊ)( मास्टर माइण्ड)

2- ध्रुव कुमार श्रीवास्तव पुत्र विनोद कुमार श्रीवास्तव, निवासी न्यू कालोनी लोधीपुर, थाना रोजा, जनपद-शाहजहॉपुर, हाल पता-सुनहली अलीगजं, कृष्णा नगर, लखनऊ। (मास्टर माइण्ड)

3- कर्मवीर सिंह पुत्र स्व0 अमर सिंह, निवासी-अम्बेडकर नगर, आगरा रोड़, जनपद-एटा हाल पता-308, रातन लोक अपार्टमेन्ट, रतनखण्ड, शारदा नगर, लखनऊ। (सहायक प्रबन्धक, उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक लि0, भुगतान कार्यालय-महमूदाबाद, जनपद-सीतापुर)

4- आकाश कुमार पुत्र  हंसराज, निवासी-नौबस्ता बम्बा, थाना-नौबस्ता, जनपद-कानपुर नगर, हाल पता-सुनहली अलीगजं, कृष्णा नगर, लखनऊ।

5- भूपेन्द्र सिंह पुत्र  के0एन0 सिंह, निवासी-ग्राम जर्गनाथ विघा, पोस्ट बाबू अमौना, थाना-दाऊद नगर, जिला औरागांबाद, बिहार, हाल पता-1/852 रूचि खण्ड-प्प्, रायबरेली रोड़, लखनऊ।

बरामदगी-

1. 01 बैंक आइडी कार्ड। 

2. 25 सेट आधार कार्ड व हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक।

3. 25 सेट निवास प्रमाण पत्र एवं भारतीय गैर न्यायिक स्टाम्प सादे हस्ताक्षरित।

4. 08 अदद मोबाइल फोन।  

5. 07 अदद एटीएम कार्ड।

6. 01 अदद आधार कार्ड।

7. 01 अदद पैन कार्ड।

8. 01 मैट्रो कार्ड।

09. 01 अदद निर्वाचन कार्ड।

10. 01 अदद डीएल।

11. रू 15390/ नकद।

12. 25 सेट हाईस्कूल व इंटर के मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र

13. 01 अदद चार पहिया वाहन ( यूपी 32 एलपी 5255 क्रेटा)

14. 02 अदद दो पहिया वाहन। 

गिरफ्तारी का दिनांक, स्थान व समयः-  

 दिनांकः 31-10-.2022, स्थानः बांस मण्डी तिराहा निकट पालीटेक्निक चौराहा लखनऊ, समयः 21ः00 बजे। 

दिनांक 16-10-2022 को  अजय कुमार त्रिपाठी, सहायक महाप्रबन्धक, एन0ए0डी0, उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक मुख्यालय, लखनऊ द्वारा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या-28/2022, धारा 419/420/452 भा0द0वि0 एवं 66/66सी सूचना प्रद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम-2008 पंजीकृत कराया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि दिनांक 15-10-2022 को अपराह्न 2ः45 से 3ः25 बजे के मध्य उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक लि0 के एन0ए0डी0 अनुभाग में खुले जिला सहकारी बैंकों के 07 खातों से 08 लेन-देन के माध्यम से श्री विकास पाण्डेय, सहायक कैशियर एवं श्री मेवालाल प्रबन्धक की सीबीएस आईडी से अनाधिकृत तरीके से अन्य बैंक आईसीआईसीआई एवं एचडीएफसी के खातों में रू0 146.00 करोड़ आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से ट्रान्सफर किये गये हैं।

  जिसके क्रम में विशाल विक्रम सिंह प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, उ0प्र0 के पर्यवेक्षण मे एस0टी0एफ0 मुख्यालय स्थित साइबर टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा अभिसचूना तन्त्र को सक्रिय किया गया। अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक लि0, मुख्यालय, 2-एम0जी0मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ के सर्वर को हैक कर डिवाइस व की-लागर का प्रयोग कर बैंक के प्रबन्धक व कैशियर की आईडी का लॉगिन आईडी, पासवर्ड प्राप्त कर रिमोट एक्सिस से भूमि सागर ग्रुप आफ कम्पनीज के आईसीआईसीआई एवं एचडीएफसी खातों में रू0 146.00 करोड़ आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से ट्रान्सफर किये गये हैं। 

एसटीएफ टीम द्वारा उपरोक्त प्रकरण में तकनीकी विशेषज्ञता एवं मुखबिर के माध्यम से सूचना संकलित की गयी। दिनांक 31-10-2022 को समय करीब 21.00 बजे से बांस मण्डी तिराहा निकट पालीटेक्निक चौराहा लखनऊ से उपरोक्त साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह के 02 मास्टर माइण्ड सहित 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे उपरोक्त बरामदगी हुई।  

उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्त ध्रुव कुमार श्रीवास्तव (मास्टर माइण्ड) द्वारा पूछताछ मंे बताया गया कि मैं लखनऊ मंे अपने मित्र ज्ञानदेव पाल के साथ मई 2021 मंे आया था। यहॉ मेरी मुलाकात आकाश कुमार से हुई। आकाश कुमार के माध्यम से ही मैं और ज्ञानदेव पाल, एक ठेकेदार से मिले। उसने बताया कि मेरे पास एक हैकर है। यदि हम लोग बैंक के किसी अधिकारी को सेट कर लें तो बैंक के सिस्टम को रिमोट एक्सिस पर लेकर हम लोग लगभग 300.00 करोड़ रूपये अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लंेगें। इसके बाद हम लोगों की मीटिंग भूपेन्द्र सिंह के माध्यम से कर्मवीर सिंह सहायक प्रबन्धक, उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक लि0, महमूदाबाद से हुई। हम लोगों द्वारा मुम्बई से एक हैकर बुलाया गया, जिसको मैंने होटल कम्फर्ट जोन चारबाग में रूकवाया। उस हैकर द्वारा एक डिवाइज तैयार की गयी, जिसको कर्मवीर सिंह व ज्ञानदेव पाल डिवाइस को बैंक के सिस्टम में लगाते रहे। 08 बार प्रयास किया गया पर सफलता नही मिली। इसी बीच हम लोगों की मुलाकात रामराज जो कि लोक भवन में अनुभाग अधिकारी से हुई। इन्हीं की टीम में उमेश गिरी था जिसने आर0एस0दुबे (पूर्व बैंक प्रबन्धक) से सम्पर्क किया। दिनांक 14-10-2022 को आर0एस0दुबे, रवि वर्मा व ज्ञानदेव पाल सायः 6ः00 बजे के बाद बैंक गय,े कीलागर इन्सटाल किया व डिवाइस लगायी। दिनांक 15-10-2022 को सुबह हम लोग (05 टीमों के लगभग 15-20 लोग के साथ) केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास पहुंचे। इसके बाद रवि वर्मा व आर0एस0 दुबे बैंक के अन्दर गये क्योकि जब बाहर से ट्रांजेक्शन होता तो वह लोग सिस्टम में इन्सटाल साफ्टवेयर को अनइन्सटाल कर देते व सिस्टम में लगे डिवाइस व बैंक में लगे डी0वी0आर0 को निकाल लेते, परन्तु गार्ड ने उनको अन्दर टोक दिया जिसके पश्चात यह लोग वापस आ गये। इसके पश्चात लंच के समय पर ज्ञानदेव पाल, उमेश गिरी, बैंकर व साइबर एक्सपर्ट के साथ मिलकर 146.00 करोड़ रूपये गंगासागर सिंह की कम्पनियों के अलग अलग खातों मंे आरटीजीएस के माध्यम से ट्रन्सफर कर दिये। इसके पश्चात सभी गैंग के सदस्य ब्रेक प्वाइन्ट ढावा लखनऊ अयोध्या रोड़ बाराबकी पर गये, इसी बीच गंगासागर के एकाउंट फ्रीज हो गये। 2-3 घंटे तक जब रूपये गंगासागर के एकाउंट से ट्रान्सफर नहीं हुए तब मैं भी अपनी टीम के साथ नैनीताल भाग गया व अन्य लोग भी फरार हो गये।

उपरोक्त काम को करने के लिये हम लोग 18 माह से प्रयासरत थे। मैंनें हैकरों व गिरोह के सदस्यों के रूकने के लिये होटल कम्फर्ट जोन, चारबाग, लखनऊ में लगभग 1 वर्ष तक कई कमरे बुक कराये थे, जिसका मैंने लगभग 30.00 लाख रूपये भुगतान किया है। इसके अतिरिक्त 15-20 लाख रूपये मेरे द्वारा और भी खर्च किये गये हैं। डिवाइस के लिये गिरोह के अन्य सदस्यों ने भी लगभग 50 लाख रूपसे खर्च किये थे। इस काम में हम लोगों द्वारा करीब 1.00 करोड़ रूपये खर्च किये गये। जिसके सम्बन्ध में उपरोक्त गैंग के सदस्यों नें भी धु्रव द्वारा बतायी गयी बातों का समर्थन किया।

बरामदशुदा हाईस्कूल व इंटर के मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, निवास प्रमाण पत्र एवं भारतीय गैर न्यायिक स्टाम्प सादे हस्ताक्षरित आदि के बारें में रामराज उपरोक्त ने बताया कि मैंनें अपने साथी विनय गिरी के साथ मिलकर 120-130 बच्चों को विभिन्न सरकारी विभागों (रेलवे ग्रुप सी गु्रप डी, हाइकोर्ट, एनटीपीसी, टीजीटी, पीजीटी, एनम आदि) में भर्ती करने के नाम पर पद के अनुसार रूपये ले रखे हैं और भर्ती होने के पश्चात् भी कुछ रूपये की बात की है। उनमें से कुछ बच्चे अपने आप भर्ती हो जाते हैं जिनसे बाद में रूपया लिया जाता है। जिसकी सिक्योरिटी के तौर पर मैंने ये सारे कागजात ले रखे थे। मैं सचिवालय में अनुभाग अधिकारी हूँ, जिससे मुझेे भर्ती सम्बन्धित जानकारी आसानी से मिल जाती है, जिसका लाभ उठाकर मैं लोंगों का विश्वास हासिल कर लेता हूॅं और फ्राड करता हूॅ।

उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्तों को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, लखनऊ में पंजीकृत  मु0अ0स0 2022/2022 धारा 419/420/452/467/468/471/120 बी भा0द0वि0 व 43/66/66सी सूचना प्रोद्यौगिकी अधिनियम में दाखिल कर अग्रेतर विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

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