ध्यान दें -- नशे की एक बूंद और टूटती सांसे

लखनऊ (मानवी मीडिया)कल नशा मुक्त भारत आभियान कौशल का.... दो वर्ष पूर्ण कर रहा है, उसके लिए सभी देशवासियों से आग्रह है आइए मिलकर हमें अपने स्कूलों में नशा मुक्ति शपथ बच्चों को दिलानी है, ताकि देश से सफलतापूर्वक नशे को भगाया जा सके बच्चों को कराई गई शपथ, शायद उन्हें अपने जीवन के अंधेरे मोड़ पर याद रहे जहां उन्हें यह निर्णय लेना हो कि क्या सही है और क्या गलत ......

          .आइए मिलकर अपने विद्यालयों के बच्चों को कल प्रार्थना के समय यह शपथ दिलाये कि हम जीवन में कभी नशा नहीं करेंगे और अपने गांव को अपने समाज को और अपने देश को नशा मुक्त बनाएंगे

स्कूल, कॉलेज के बच्चों को , अपने पड़ोसियों, अपने व्यवसाय के साथियों को, अपने पत्रकार बंधुओं को, तथा अपने साथियों को शपथ दिलाते हुए छोटा सा वीडियो और फोटो के माध्यम से संदेश सभी तक पहुंचाएं।

बता दूं नशा मुक्ति अभियान , हिंदुस्तान नशा छोड़ो अभियान 19 अक्टूबर को 2020 को शुरू किया गया था ।माननीय शहरी आवासन एवं कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर  के मझले पुत्र आकाश किशोर उर्फ जेबी की आकस्मिक मृत्यु की स्मृति में।

जिस प्रकार आकाश किशोर कम उम्र में अपने परिवार को छोड़कर चले गए उसी प्रकार कोई अन्य युवा नशे की लत में फंसकर अपने परिवार को दुख की स्थिति में छोड़कर ना जाए।

*आइए मिलकर नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ लें*

       आपको जीवंत कहानी स्वर्गीय आकाश किशोर उर्फ जैबी की आत्मा की सजीवता से सुनाते है।

मैं आकाश किशोर उर्फ जेबी हूं।

मेरे मम्मी पापा ने मुझे बड़ी हसरत से बहुत दुख झेल कर पाला था बड़ा किया था। पढ़ाने का भी प्रयास किया मगर इंटर तक ही शिक्षा ग्रहण कर पाया। मैं जो कुछ भी करता था मेरे मम्मी पापा सब कुछ मानते थे। मेरे पास किसी चीज की कमी नहीं थी। मम्मी पापा मेरे भाई मेरे परिवार के लोग चाचा और बड़े बाबू, छोटे बाबू, मेरे चचेरे भाई-बहन मुझे बहुत चाहते थे। मेरी बहुत चिंता करते थे। मैं बगैर बताए कहीं भी चला जाता था जब तक नहीं आ जाता था तब तक पता लगाते रहते थे। मम्मी-पापा ने मेरी शादी बहुत धूमधाम से की। मेरी शादी में इतने ज्यादा लोगों को आमंत्रित किया गया कि लगभग 40-50 हजार लोग प्रीतिभोज में सम्मिलित हुए। सबने मुझे सुखी रहने का और मेरी पत्नी को सौभाग्यवती होने का बेहतर जिंदगी एक नई जिंदगी जीने का आशीर्वाद दिया। लेकिन मैं आज नहीं हूं, मैं स्वर्गीय हो गया हूं, मेरी पत्नी अब सौभाग्यवती नहीं रही विधवा हो गई है। मेरे मम्मी-पापा मेरे सभी भाई एवं सभी परिवार के सदस्य मेरे न रहने पर तड़प रहे हैं। इस सब का दोषी मैं हूं। मम्मी-पापा का पूरे परिवार का सब कुछ कहना मैंने माना लेकिन एक कहना नहीं माना, मैं चोरी छुपे शराब पीता रहा जिससे मेरा लीवर कमजोर हो गया। मेरे शरीर की छमता शराब पीने लायक नहीं थी। मैने फिर से शराब पीना शुरु कर दिया। इस बीच मेरे पापा करोना पॉजिटिव हो गए।  इसके लिए पापा को दो बार अस्‍पताल में भर्ती होना पड़ा। मेरे पापा को मौत के मुंह से निकल कर एक नई जिंदगी मिली। मगर मैं इस बीच शराब फिर से पीने लगा, जो मेरे लिए जहर थी। मेरे घरवाले जान नहीं पाते थे। कुछ लोगों को फोन करके मैं शराब मंगा लेता था, और चोरी-छिपे पी लेता था। नतीजा यह निकला कि मुझे फिर से ज्वाइंडिस हो गया। मैंने अपने पापा को बताया। पापा ने डॉक्टर से बात करके मेरा करोना टेस्ट कराया। शनिवार 17 अक्टूबर 2020 को सुबह मुझे खून की उल्टी हुई। मैंने पापा से बताया पापा ने मेरे भाइयों को तत्काल शताब्दी हॉस्पिटल में भेज कर मुझे भर्ती कराया। मेरे पेट में ब्लीडिंग हो रही थी। डॉक्टर साहब ने एंडोस्कोपी करके मेरा बहता हुआ खून बंद किया। खून की बहुत कमी आ गई थी। मेरे भाई मेरे मित्रों ने खून देकर मुझे बचाने का प्रयास किया। डॉक्टरों के लाख प्रयास करने पर भी मैं अपनी पत्नी अपने भाइयों और दोस्तों से बात करते अचानक मेरी आंखें बंद हुई और मैं इस दुनिया में नहीं रहा। मुझे यह उम्मीद नहीं थी कि मैं शराब पीने से मर जाऊंगा। क्योंकि बहुत लोग शराब पीते हैं, उनको कुछ नहीं होता लेकिन मेरी शराब से मौत हो गई। इसका कारण यह है कि मेरा शरीर नशा झेलने की क्षमता में नहीं था, क्योंकि मेरे मम्मी-पापा किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते हैं। मैं उन्हीं की संतान था, इसलिए नशा करने के लिए मेरा शरीर सहने की स्थिति में नहीं था। मैंने अपने मम्मी-पापा और भाइयों का कहना नहीं माना और आज मैं इस दुनिया में नहीं हूं। मेरा 2 साल का बेटा कृष्णा जीसे कुछ भी नहीं मालूम कि पापा कहां चले गए वह बगैर बाप का हो गया मेरी पत्नी विधवा हो गई। मेरे मम्मी पापा इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। आज मेरे चार भाई की जगह केवल तीन भाई बचे हैं। यदि मैं शराब नहीं पीता होता तो मैं आपके बीच होता। आज मेरी शोकसभा नहीं हो रही होती, जो मेरे लिए शोक हो रहा है यह नहीं होता। मैंने बहुत बड़ी गलती की है। लेकिन यह गलती अब वापस नहीं हो सकती। इसलिए मैं सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए विनती करता हूं कि यदि आप किसी प्रकार का नशा करते हैं तो उसे छोड़ दें। अपने बच्चे को नशे से दूर रखें। जो लोग दूसरों को नशा कराते हैं उन से अनुरोध है कि ऐसा न करें। किसी के जीवन से न खेलें नशा केवल घर ही नहीं बर्बाद करता बल्‍कि नशा करने वाले व्यक्ति को ही बर्बाद कर देता है। पूरे परिवार को बर्बादी की दहलीज पर लाकर खड़ा कर देता है। मैं इस गलती को स्वीकार करता हूं, मेरी तो मौत हो गई अब मैं वापस नहीं आ सकता लेकिन नशे के कारण किसी और की मौत न हो इसके लिए आप शराब पर रोक लगा सकते हैं, जो लोग शराब पीते हैं उनको शराब पीने से रोक सकते हैं। आप सब को यह काम मेरी मौत से सबक लेकर करना चाहिए। नशे की लत बहुत खराब होती है यह दिमाग को कमजोर कर देता है। जो मना करता है उसकी बात बुरी लगती है। समाज में प्रतिष्ठा बचाने के लिए नशा करने वाला आदमी झूठ बोलता है, मैंने भी यही किया मम्मी-पापा को धोखा दिया। भाइयों को धोखा दिया झूठ बोला काश मैं उनकी बात मान लेता तो आज मैं आपके बीच में होता। मेरा बेटा बगैर बाप का नहीं होता, मेरी पत्नी विधवा नहीं होती। मेरे मम्मी-पापा मेरे भाई-बहन मेरे परिवार के लोग आज तड़पते नहीं। मुझे माफ करना मैं जानता हूं कि आप लोग मेरे लिए शोक कर रहे हैं, दुख प्रकट कर रहे हैं, मेरी आत्मा को शांति आपके शांति पाठ से आपके शोक सभा से कुछ अंश तक जरूर मिलेगी, लेकिन मेरी आत्मा को पूर्ण शांति तभी मिलेगी जब आप एक आंदोलन चलाकर नशे को पूरी तरह से बंद करेंगे, और नशे के द्वारा किसी की भविष्य में मौत नहीं होने देंगे। जब यह आप करेंगे तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी।

@आपका बिछडा़ हुआ अभागा स्वर्गीय आकाश किशोर उर्फ जेबी

*मेरी पुण्यतिथि के दिन आप सब शपथ लें अपने आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाएंगे जब नशे के खरीदार ही नहीं होंगे तो व्यापार खुद ही बंद हो जाएगा

नोट- दीपावली के शुभ अवसर पर अपने व्यवसाय एवं संस्था के विज्ञापन/शुभकामना संदेश हेतु संपर्क करें मो0 98384 76221




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