मुख्यमंत्री योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूलकिट, हस्तशिल्पियों एवं उद्यमियों को किया सम्मानित

लखनऊ: (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि हस्तशिल्पियों के प्रयास से प्रदेश सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा है। लोगों के मन में विश्वास बढ़ा है कि उत्तर प्रदेश अब विकास हेतु कार्य कर रहा है। देश और दुनिया में निवेश के सबसे अच्छे गंतव्य के रूप में प्रदेश उभरा है। प्रधानमंत्री जी ने प्रदेश की ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ को आत्मनिर्भर भारत की बैकबोन बताया है। उन्होंने इसे ‘लोकल फॉर वोकल’ कहा है। हमें अपने उत्पाद की विशिष्टता व श्रेष्ठता साबित करने की दिशा मंे प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री  आज यहां लोक भवन में आयोजित एम0एस0एम0ई0/हस्तशिल्प पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के 05 लाभार्थियों को टूलकिट प्रदान की। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के 10 हस्तशिल्पियों को विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार तथा 10 उद्यमियों को एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र में विशिष्ट कार्य हेतु राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने आगरा एवं कानपुर में फ्लैटिड फैक्ट्रीज कॉम्प्लेक्स का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। उन्होंने कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद का भी अवलोकन किया। 

मुख्यमंत्री  ने सृष्टि के आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पावन जयन्ती एवं आधुनिक भारत के शिल्पी के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि आज यहां प्रदेश से आये हस्तशिल्पियों व कारीगरों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ है। प्रदेश के हस्तशिल्पियों ने अपने परम्परागत पेशे को तमाम अभाव व चुनौतियों के बावजूद संरक्षित रखा है। उनके हुनर को प्रधानमंत्री जी ने एक मंच दिया। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वर्ष 2017 में प्रदेश में नई सरकार के गठन के पश्चात इस क्षेत्र के विकास में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास प्रारम्भ हुए। इसके लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की गई-‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ तथा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ में प्रत्येक जनपद का अपना विशिष्ट प्रोडक्ट है। उसकी डिजाइनिंग, तकनीक, मार्केटिंग, ब्राण्डिंग तथा पैकेजिंग को सरकार के स्तर पर प्रोत्साहन देने की कार्यवाही की गई है। परम्परागत कारीगर एवं हस्तशिल्पी महात्मा गांधी जी की ग्राम स्वराज्य की संकल्पना को साकार करने तथा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक थे। विश्वकर्मा श्रम सम्मान के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित किया गया है। इन हस्तशिल्पियों को डिजाइन, पैकेजिंग, प्रशिक्षण तथा टूलकिट उपलब्ध कराया गया है। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक एम0एस0एम0ई0 उद्यम वाला राज्य है। अनुमानतः राज्य में लगभग 90 लाख से अधिक एम0एस0एम0ई0 मौजूद है। औद्योगिक विकास की पहली शर्त होती है कि एम0एस0एम0ई0 के क्लस्टर की उपस्थिति हो, जिसकी अनन्त सम्भावनाएं प्रदेश में मौजूद हैं। गोरखपुर मंे टेराकोटा, आजमगढ़ में ब्लैक पॉटरी, मुरादाबाद में पीतल की कलाकृति, फिरोजाबाद में ग्लास, कन्नौज में इत्र, अलीगढ़ में ताले व हार्डवेयर, भदोही की कालीन, सहारनपुर का क्राफ्ट व वाराणसी के हस्तशिल्प तथा बुन्देलखण्ड की कारीगरी को बढ़ावा दिया गया है। आज यहां पर ओ0डी0ओ0पी0 के विशिष्ट कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण विगत 03 वर्षों से पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन नहीं हो पाया था। आज विश्वकर्मा जयन्ती के अवसर पर हस्तशिल्पियों एवं उद्यमियों को वर्ष 2019-20 वर्ष, 2020-21 एवं वर्ष 2021-22 के पुरस्कार वितरित किये गये हैं। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों एवं उद्यमियों के प्रयास से गुड गवर्नेंस इंडेक्स-2021 में प्रथम स्थान, इण्डिया इनोवेशन इंडेक्स में 7वां स्थान, एक्सपोर्ट प्रीपेयर्डनेस इंडेक्स (ई0पी0आई0) में 6वां स्थान व लॉजिस्टिक ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (लीड्स) में छठे स्थान की उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। विगत 05 वर्ष में प्रदेश की एम0एस0एम0ई0 इकाईयों द्वारा विशेष कार्य किये गये हैं। वर्ष 2017-18 से 2022 तक के बीच भारत सरकार के पोर्टल पर प्रदेश की कुल लगभग 13.5 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयों का पंजीकरण हुआ है, जिसमें लगभग 94 लाख रोजगार का सृजन हुआ है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना कालखण्ड में 40 लाख प्रवासी कामगार प्रदेश में वापस आये थे। एम0एस0एम0ई0 की इकाइयों में इन सभी कामगारों को रोजगार मिला। उस समय प्रदेश के विषय में अव्यवस्था की आशंका थी, वह सुव्यवस्था में बदल गई। प्रदेश को पर्याप्त मात्रा में मैन पावर मिल गया। इसने पूरी दुनिया को प्रदेश की ताकत का एहसास करा दिया। प्रदेश में बेहतरीन कानून व्यवस्था और औद्योगिक निवेश के कारण एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में विशेष कार्य हो रहा है। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि विगत 05 वर्षों में ढाई वर्ष कोरोना महामारी का था। तब भी प्रदेश ने अपना निर्यात 88 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 01 लाख 56 हजार करोड़ रुपये पहुंचा दिया। प्रदेश सरकार लगभग दोगुना निर्यात करने में सफल हुई। एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र में प्रदेश ने जो कार्य प्रारम्भ किया है, वह देश में विश्वसनीयता का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 90 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स को विशिष्टता के साथ श्रेष्ठतम उत्पाद के रूप में स्थापित करने के साथ ही, क्वालिटी पर ध्यान दिया जाए, तो प्रदेश दुनिया में छा जाएगा। प्रदेश में कॉमन सर्विस सेन्टर की स्थापना, एक ही स्थान पर बेहतरीन व अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सी0एस0सी0 में डिजायनिंग, पैकेजिंग, यूनिट की स्थापना करने के साथ ही, प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करनी होगी। यह आमजन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस दिशा में एम0एस0एम0ई0 विभाग को मजबूती से काम करना है। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि आज यहां जनपद आगरा एवं कानपुर के फ्लैटिड फैक्ट्री कॉम्प्लैक्स के शिलान्यास कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश में भारत सरकार के सहयोग से तीन जनपदों आगरा, कानपुर और गोरखपुर का चयन किया गया है। इन्हें क्रमशः आगे बढ़ाया जायेगा। फ्लैटिड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स में एक ही स्थान पर अनेक उद्यमियों को जगह प्रदान की जा रही है। प्रथम चरण में जनपद आगरा में 26.41 करोड़ रुपये की लागत से रेडिमेड गारमेन्ट क्लस्टर की फ्लैटिड फैक्ट्री में 40 इकाइयों की स्थापना की जा रही है। जनपद कानपुर नगर में 24.72 करोड़ रुपये की लागत से होजरी उद्यमियों हेतु सिलाई क्लस्टर की फ्लैटिड फैक्ट्री में 68 इकाइयों की स्थापना की जा रही है। यह प्रदेश के लिए रेडिमेन्ट गारमेन्ट के हब के रूप में उभरने का एक अवसर होगा। प्रदेश के सभी हस्तशिल्पी एवं उद्यमी इस अवसर को बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ईज़ ऑफ डूईंग बिजनेस के अन्तर्गत प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 यूनिट लगाने के लिए 72 घण्टे के अन्दर क्लीयरेंस मिल जाएगा। यह सुविधा 01 हजार दिनों की होगी इस दौरान कोई जांच नहीं होगी। इन 01 हजार दिनों में फैक्ट्री अपनी क्लीयरेंस को सिद्ध कर सकता है। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में स्थापित यूनिट उत्पाद की क्वालिटी पर ध्यान दे, तो उत्पाद को वैश्विक मंच मिलेगा। उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हुई है। प्रदेश में विभिन्न एक्सप्रेस-वे, अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एवं जल मार्गों का विकास किया गया है। 

इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  राकेश सचान ने कहा कि एम0एस0एम0ई0 विभाग अपनी परम्परा के अनुसार सफल उद्यमियों व हुनरमंद कारीगर, शिल्पियों को प्रतिवर्ष सम्मानित करता है। कोराना कालखण्ड के कारण विगत 03 वर्षाें के पश्चात् आज यहां इस वर्ष उद्यमियों व हुनरमंद कारीगर, शिल्पियों को सम्मानित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का सपना वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए आगामी 23 सितम्बर, से 02 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जनपदों में ओ0डी0ओ0पी0 एवं खादी से सम्बन्धित मेले का आयोजन किया जाएगा। 

इस अवसर पर सलाहकार मुख्यमंत्री  अवनीश कुमार अवस्थी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त  अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0  अमित मोहन प्रसाद सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं उद्यमी तथा हस्तशिल्पी उपस्थित थे।


Previous Post Next Post