लखीमपुर में दोनों बहनों का हुआ अंतिम संस्कार, 6 दरिंदे गिरफ्तार

लखनऊ(मानवी मीडिया)- लखीमपुर खीरी में दो सगी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में गुरुवार देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लड़कियों के परिवारवालों को जिलाधिकारी ने तीन मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। बता दें कि पुलिस ने इस मामले के सभी छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दोनों बहनों संग पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया, इसके बाद उनकी रस्सी से गला दबाकर हत्या की गई। फिर शवों को पेड़ से लटका दिया गया।

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दुष्‍कर्म के बाद सगी बहनों की हत्‍या के मामले में दिनभर चली उठापठक के बाद देर शाम भारी सुरक्षा बल के बीच शवों का अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद उस वक्त एक बार फिर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए जब परिवार जनों ने दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, बेटियों के शव यूं ही रहेंगे। हालांकि बाद में प्रशासन के मनाने पर परिजन मान गए और उन्होंने स्वेच्छा से अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी।

6 दरिंदों को किया गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी के निघासन में दो सगी दलित बहनों की हत्या के मामले में दुष्कर्म के आरोपित जुनैद, सोहैल, आरिफ, हफीज व करीमुद्दीन के साथ मदद करने वाले छोटे को गिरफ्तार किया गया है। इसमें जुनैद की तो पुलिस से मुठभेड़ भी हुई जिसमें उसको गोली लगी। फिलहाल उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी आरोपी पीड़ित परिवार के पड़ोसी हैं।

 लड़कियों के किडनैप होने और शव बरामद होने के बीच  क्या कर रहा था पीड़ित परिवार?

सरकार के कदम से कांप उठेगी आने वाली पीढिय़ों की आत्मा

इस मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखीमपुर कांड मामले में कहा कि अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या में जुनैद, सोहेल, हाफिजुल, करीमुद्दीन और आरिफ शामिल थे। पहले लड़कियों की गला दबाकर हत्या की गई और फिर उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। सरकार ऐसा कदम उठाएगी कि उनकी आने वाली पीढिय़ों की आत्मा भी कांप उठेगी। इस परिवार को न्याय दिया जाएगा; फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लखीमपुर की घटना दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। मैं विपक्ष से उम्मीद करता हूं, चाहे अखिलेश यादव हों, प्रियंका गांधी हों या मायावती हों, वे मामला का राजनीतिकरण करने के बजाय परिवार को सांत्वना दें। यूपी में कानून का राज कायम है।

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