ईरान में हिजाब पर बवाल बढ़ा , इंटरनेट बंद; 40 की मौत

नई दिल्ली (मानवी मीडिया): ईरानी महिला महसा अमिनी की मौत के बाद से पूरे ईरान में हिजाब के खिलाफ जारी प्रदर्शन और हिंसक हो गया। इस प्रदर्शन में अब तक 40 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। उग्र होते प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने इंटरनेट पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही ईरान के खुफिया मंत्रालय ने गुरुवार को चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शनों में भाग लेना अवैध है और प्रदर्शनकारियों पर केस चलाया जाएगा।

बता दें कि ईरान में महसा अमिनी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। पुलिस ने उन्हें महिलाओं के लिए ईरान के सख्त ड्रेस कोड के उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि महसा की मौत हार्ट अटैक से हुई। जबकि अमिनी के परिवार का दावा है कि महसा बिल्कुल स्वस्थ थीं। पुलिस हिरासत में ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई।

महसा अमिनी की मौत के बाद सबसे पहले कुर्दिस्तान में विरोध प्रदर्शन हुए। देखते ही देखते ये विरोध प्रदर्शन लगभग पूरे ईरान में होने लगे। महिलाएं महसा अमिनी की मौत का विरोध हिजाब जलाकर और अपने बाल काट कर जता रही हैं। ईरान में सुरक्षाबल लगातार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बल का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब तक ईरान में 40 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। यूएन, अमेरिका समेत तमाम देश इसकी आलोचना कर रहे हैं।

ईरानी पत्रकार और एक्टिविस्ट मसीह अलीनेजादी के मुताबिक, ईरान में अब तक 40 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। अकेले अमोल शहर में 10 लोगों की मौत हुई है। ईरान में फेसबुक, टेलीग्राम, ट्विटर और यूट्यूब को भी बैन कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के 50 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को दो थानों व कई वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान सुरक्षाबलों से हुई झड़पों में अब तक करीब 40 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है। सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के लिए रिहायशी बिल्डिंगों में भी छापेमारी कर रहे हैं।

वहीं अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की मौत पर सख्त रुख अपनाते हुए अपने देश में ईरानी खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय, सुरक्षा बलों और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अफसरों की संपत्तियों और बैंक खातें फ्रीज कर दिए हैं।

ईरान में सरकार ने इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप को बैन कर दिया है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा, ‘हम अपने ईरानी दोस्तों को जोड़े रखने के लिए काम कर रहे हैं और अपनी सेवा को चालू रखने के लिए अपनी तकनीकी क्षमता के भीतर कुछ भी करेंगे।’

ईरान में 2019 के बाद ये सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन बताए जा रहे हैं, उस वक्त जनता ईंधन की कीमतों को लेकर सड़क पर उतरी थी। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में महिलाएं शरिया कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। महिला न सिर्फ विरोध में हिजाब जला रही हैं, बल्कि अपने बाल भी काट कर विरोध जता रही हैं।

ईरान एक इस्लामिक देश है, जो शरिया कानून पर चलता है। ईरान में सात साल से ज्यादा की किसी भी लड़की को अपने बालों को कवर करने के बाद ही बाहर निकलने की अनुमति है। साथ ही इसी उम्र के बाद से लड़कियों को लंबे और ढीले कपड़े पहनने के लिए कहा जाता है। बीते पांच जुलाई को भी ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने हिजाब कानून लागू किया था, जो एक तरह की नई पाबंदी महिला और लड़कियों पर ईरान में लगाई गई है। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। नियम तोड़ने वाले पर कई बार जुर्माना तो कई बार गिरफ्तारी भी कर ली जाती है।

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