मंत्री धर्मपाल सिंह ने गैर मान्यता प्राप्त सभी मदरसा का सर्वे का कार्य 15 सितम्बर तक पूरा कराने का दिया निर्देश

लखनऊ: (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री  धर्मपाल सिंह ने कहा है कि मदरसा शिक्षा में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के नियम लागू होंगे। उन्होंने रजिस्ट्रार को निर्देश दिये कि जिस प्रकार माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा में हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए उम्र की सीमा निर्धारित है, उसी प्रकार मदरसों में भी इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। इसके अतिरिक्त मदरसों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रचलित नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश व बाल्य देखभाल अवकाश दिये जाने का निर्देश निर्गत किये जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि पिछले तीन वर्षों से मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के परफारमेंश का गहन परीक्षण किया जाय, ताकि शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार कर बच्चों को आधुनिकता से जोड़ा जा सके।

      सिंह ने यह निर्देश आज विधान भवन में स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि मदरसों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए सभी मदरसों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के निर्देश जारी किये जायं और इसका कड़ाई से अनुपालन भी सुनिश्चित कराया जाय। उन्होंने मान्यता प्राप्त मदरसों में गत वर्षों के छात्रों की संख्या और उन वर्षों में छात्रों को वितरित की गई छात्रवृत्ति का सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये। यह भी कहा कि सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्थानान्तरण मदरसा प्रबंधकों की परस्पर सहमति एवं रजिस्टार के अनुमोदन से ही किया जाय। इसके लिए शासन स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया जाय।

     मंत्री  ने कहा कि  ऐसे सहायता प्राप्त मदरसें जहां प्रबंधन समिति विवादित है अथवा विधिमान्य प्रबंधन समिति नहीं है, वहां मृतक आश्रितों की नियुक्ति मदरसा नियमावली में दिये गये प्राविधानों के अनुसार प्रधानाचार्य एवं जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा की जायेगी। रजिस्ट्रार द्वारा वैध समिति के अस्तित्व में आने तक उस नियुक्ति पर कार्योत्तर अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित गैर मान्यता प्राप्त सभी मदरसांे का सर्वे कराया जाये और आगामी 15 सितम्बर तक रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराया जाय। इसके लिए उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में एक समिति बनाने के निर्देश भी दिये हैं। यह भी कहा कि वक्फ सम्पत्तियों से अवैध कब्जे हटाये जायें और उन सम्पत्तियों को आम-जनमानस के कल्याण हेतु इस्तेमाल किया जाय।

     बैठक में  निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण  इन्दुमति, रजिस्ट्रार  जगमोहन सिंह सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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