शहीदों की पत्नियों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ायी जाये


लखनऊः(मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज यहाँ राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस आर्म्ड फोर्सेज सहायता संस्थान, लखनऊ की प्रबंध समिति की 39वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संस्थान ने राज्यपाल  के साथ 12 मदों पर चर्चा की, जिनमें समिति के वित्तीय विवरण, आय-व्ययक लेखा का अनुमोदन, सहायता के लिए लाभार्थियों को हुए भुगतान का विवरण, आश्रितों के बच्चों के लिए साइकिल, लैपटॉप/टैबलेट हेतु प्रस्ताव का विवरण आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

राज्यपाल  ने गतवर्ष संस्थान की 38वीं बैठक में लिए गए निर्णयों का अनुश्रवण करते हुए आश्रित लाभाथिर्यों के बच्चों को शिक्षा सहायता के तहत दी जाने वाली राशि की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षा के लिए सहायता राशि पर्याप्त है या नहीं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से बच्चों की वास्तविक फीस तथा छात्रावास सुविधा जैसे व्यय का विवरण प्राप्त कर अवगत कराने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्यपाल ने शहीदों की पत्नियों को पर्याप्त सहायता देने पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि संस्थान शहीदों की पत्नियों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होंने ऐसी आश्रित महिआलों को स्वालम्बन में शत्-प्रतिशत सहयोग करने तथा उनके जीवन-यापन हेतु स्थापित होने में आ रही सभी समस्याओं का निराकरण करने को कहा। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए तत्काल प्रभाव से एक एप विकसित करने का निर्देश दिया, जिस पर इस प्रकार की आश्रित महिलाएं अपनी समस्या अपलोड कर संस्थान से सहायता प्राप्त कर सकें।

इसी क्रम में राज्यपाल ने थानों एवं पुलिस कार्यालयों पर संस्थान द्वारा दी जाने वाली सहायता योजनाओं के प्रदर्शन पट लगवाने के अपने आदेश की पुनरावृत्ति की और इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का कहा। सभी सम्बन्धित बलों द्वारा आश्रितों के लिए हेल्प लाइन नम्बर जारी करने के अपने पिछले आदेश पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा जिन बलों ने अभी तक ये नम्बर जारी नहीं किए हैं वे शीघ्र ही हेल्प लाइन विकसित कर अवगत कराएं।

शहीद एवं आश्रितों के बच्चों को साइकिल, टैबलेट तथा लैपटॉप दिए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए राज्यपाल जी ने बच्चों को गियर वाली साइकिल प्रदान कराने तथा स्नातक कर रहे बच्चों को लैपटाप उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि कक्षा 01 से 05 तक के बच्चों को साइकिल न दी जाए। छोटे बच्चों को साइकिल देने से उन्हें चोट लग सकती है।

बैठक में राज्यपाल ने 16 आश्रित लाभाथिर्यों को तीन लाख रूपयों की फिक्स डिपाजिट का प्रमाण-पत्र वितरित किया। उन्होेंने प्रत्येक महिला एवं बालक लाभार्थी से उसके आगामी  आय के स्रोत, आवास और बच्चों की शिक्षा-व्यवस्था की जानकारी ली, और सभी की समस्याओं का मौके पर ही समाधान के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये।

बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर प्रदेश के वित्त मंत्री  सुरेश खन्ना, विधान परिषद सदस्य तथा समिति के सदस्य  अरूण पाठक, अपर मुख्य सचिव वित्त  प्रशांत त्रिवेदी, पुलिस महानिदेशक उ0प्र0  डी0एस0 चौहान, सचिव वित्त  शाहिद मंजर अब्बास रिजवी, विशेष सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्रानिक  कुमार विनीत, गैर सरकारी समिति के सदस्य मेजर जनरल शशिकान्त सिंह, से0नि0डी0जी0पी0  प्रवीण सिंह, ब्रिगेडियर पारितोष शाह, ब्रिगेडियर रवि तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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