वृद्धावस्था में महिलाओं को असहाय न छोड़ें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल


लखनऊ: (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज यहां राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष से ऑनलाइन जुड़कर मथुरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में राज्यपाल  ने महिला उद्यमियों एवं अन्य लघु उद्यमियों की ओर ध्यानार्षित कराते हुए कहा कि आज के सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए उद्योगपति उपस्थित हैं, मैं चाहँूगी कि आप लोग इन लघु उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं को तकनीकी जानकारियों, उत्पाद में गुणवत्ता सुधार, उत्पादन को बेहतर करने की तकनीकी जानकारी प्रदान करके उनके उद्योग को आगे बढ़ाने में सहायता करें। उन्होंने लघु उद्यमियों की पहँुच विदेशी मार्केट तक कराने में सहायता करने की विशेष अपील सम्मेलन में की।

इसी क्रम में राज्यपाल  ने वैश्य समाज से कहा कि वे सब महिला जीवन को प्रभावित करने वाली कुरीतियों को अपने समाज से दूर करें। उन्होंने कहा वैश्य समाज को महिला सशक्तिकरण की ओर सिर्फ आर्थिक प्रगति से नही बल्कि सम्रगता से जुड़ना चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने समाज की महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार, अपने विवाह पर स्वयं निर्णय लेने का अधिकार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक कार्यों में प्रतिभाग करने की छूट प्रदान करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा सामाजिक सुधारों के लिए प्रयास भी सामाजिक स्तर पर होने चाहिए। बड़े बदलाव व्यक्तिगत स्तर पर किए गए प्रयासों से नहीं अपितु सबको जोड़कर सामूहिक प्रयासों से सम्भव होंगे। अपने सम्बोधन में उन्होंने वृन्दावन में रह रही निराश्रित विधवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने वृद्धावस्था में महिलाओं को असहाय न छोड़ने की भावुक अपील की।

राज्यपाल  अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के 9वें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मेलन में सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में वैश्य समाज ने न केवल उद्यम के क्षेत्र में अग्रणी जगह बनाई है, बल्कि राष्ट्र की सेवा के लिए कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन भी खड़े किये हैं। यह बहुत अच्छी बात है कि वैश्य समाज ने अपने सेवा कार्य में कभी भी धर्म या जाति को आधार नहीं बनाया है और इन सब बातों से ऊपर उठकर अपनी सेवा समाज के हर वर्ग को प्रदान की है। 

उन्होंने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश की आदर्श स्थितियों के सृजन के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक नीतियों का निर्धारण किया गया है। प्रदेश में विकास को गतिशीलता प्रदान करने की संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उद्यमी समाज इनका लाभ लेकर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग करें, ताकि यह प्रदेश आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन में समाज की समस्याओं के निराकरण के संबंध में चर्चा होगी तथा देश और प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने पर भी विचार-विमर्श किया जायेगा।

इस अवसर पर ऑनलाइन जुड़े अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता के अतिरिक्त समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन0आर0आई0 तथा निवेश प्रोत्साहन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ0 नीरज बोरा, अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथिलेश अग्रवाल सहित विभिन्न देशों एवं विभिन्न राज्यों से आये हुए वैश्य समाज के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।


Previous Post Next Post