दिल्ली और लखनऊ से जुड़ेगा बुंदेलखंड, प्रधानमंत्री मोदी कल करेंगे उद्घाटन



लखनऊ (मानवी मीडिया): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 16 जुलाई को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में दशकों से पिछड़ेपन का शिकार रहे उपेक्षित बुंदेलखंड क्षेत्र ने एक्सप्रेस वे के जरिये विकास की राह पर सरपट दौड़ने के लिये तैयारी पूरी कर ली है

दिल्ली और लखनऊ से सीधे जोड़ने वाले 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के जरिये दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की दूरी उच्च गति से तय की जा सकेगी। सरकार का दावा है कि वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे निर्माण की अनुमानित अवधि से आठ महीने पहले बनकर तैयार हाे गया है। इसे 28 माह में बना लिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी 14,850 करोड़ रुपए की लागत से बने चार लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का शनिवार को जालौन जिले के कैथेरी गांव से सुबह साढ़े दस बजे लोकार्पण करेंगे। सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मोदी ने फरवरी 2020 में इसका शिलान्यास किया था। उप्र सरकार का दावा है कि इसे अनुमानित लागत से करीब 12.72 प्रतिशत कम कीमत में बना लिया गया है। इससे सरकारी खजाने को 1132 करोड़ रुपये का लाभ है

विभिन्न एक्सप्रेस वे के जरिये दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की दूरी को पूरा करने में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की हिस्सेदारी 296 किमी रहेगी। जबकि, डीएनडी फ्लाईवे नौ किमी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे 24 किमी, यमुना एक्सप्रेस वे 165 किमी और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे 135 किमी की हिस्सेदारी निभायेंगे।

बुंदलेखंड एक्सप्रेस वे लोगों को दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी जोड़ेगा। इससे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा जिलों के लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सरकार का कहना है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे इस इलाके की कनेक्टिविटी में सुधार के साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। बांदा और जालाैन में एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक कारिडोर भी बनाया जा रहा है। इसके लिए सलाहकार एजेंसी का चयन हो चुका है। उद्योग लगने से लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। एक्सप्रेस वे के आरओडब्ल्यू के तहत लगभग सात लाख पौधे रोपे जा रहे हैं।

मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल एक्सप्रेस वे का 16 जुलाई को होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा ले चुके हैं। यह एक्सप्रेस वे चार लेन की चौड़ाई में है। एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकासी के लिए 13 स्थानों पर इंटरचेंज सुविधा दी गई है। परियोजना के आस-पास के गांव के निवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा के लिए स्टैगर्ड रूप में सर्विस रोड का निर्माण किया गया है। एक्सप्रेसवे पर चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, छह टोल प्लाजा, सात रैम्प प्लाजा, 293 लघु सेतु, 19 फ्लाई ओवर और 224 अण्डरपास का निर्माण किया गया है।

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