भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा क्षेत्र में सहयोग का दायरा बढ़ाएंगे


नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और पुख्ता करने तथा इसके दायरे को व्यापक बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की चार दिन की यात्रा पर आए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ले के साथ बुधवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता की। वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों मंत्रियों ने रक्षा सहयोग से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कोरोना महामारी के बावजूद ये गतिविधि बढ़ी हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में सहयोग का दायरा व्यापक करने के उपायों पर भी चर्चा की। वार्ता के दौरान दोनों मंत्रियों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक सामरिक साझेदारी के महत्वपूर्ण सतंभों रक्षा तथा सुरक्षा के संदर्भ में स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने व्यापक सामरिक साझेदारी के क्रियान्वयन के प्रति वचनबद्धता दोहराई और कहा कि यह परस्पर विश्वास, समझ , साझा हितों तथा लोकतंत्र और नियमों में बंधी व्यवस्था के साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच अभ्यासों की बढ़ती संख्या और विविधता का स्वागत किया और भारत-ऑस्ट्रेलिया सैन्य साजो सामान आदान-प्रदान से संबंधित व्यवस्था के तहत संचालन संबंधी मेलजोल पर भी बल दिया।

रक्षा मंत्रियों ने रक्षा अनुसंधान एवं सामग्री सहयोग पर भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त कार्य दल के प्रति वचनबद्धता दोहराई। इस कार्य दल की इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया में बैठक होनी है। यह कार्य बल दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण तंत्र के रूप में कार्य करता है। दोनों मंत्रियों ने आपूर्ति श्रंखला को मजबूत बनाने तथा अपनी अपनी सेनाओं को सामान की आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए औद्योगिक सहयोग को और अधिक बढ़ाने की संभावनाओं का पता लगाने पर भी चर्चा की. दोनों पक्षों ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा औद्योगिक आधार को बढ़ाने तथा अवसरों का पता लगाने पर भी सहमति व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के बीच युवा अधिकारियों के आदान-प्रदान कार्यक्रम :जनरल रावत यंग ऑफिसर एक्सचेंज प्रोग्राम: को इसी वर्ष शुरू किए जाने का भी स्वागत किया। दोनों मंत्रियों ने सामरिक चुनौतियों तथा क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और स्वतंत्र, मुक्त तथा समावेशी , समृद्ध एवं नियम आधारित हिन्द प्रशांत क्षेत्र के साझा लक्ष्य के प्रति अपनी वचनबद्धता जाहिर की। दोनों देशों ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया में आगामी अक्टूबर में होने वाले हिंद प्रशांत अभ्यास को लेकर भी आशान्वित हैं।

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