शिक्षकों को समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देना चाहिए - आनंदीबेन पटेल


लखनऊः  (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज अपने चण्डीगढ़ भ्रमण के दौरान उत्तर प्रदेश के कुलपतियों के साथ पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ का भ्रमण किया। राज्यपाल जी ने पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ के विभिन्न विभागों और छात्रावासों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय की व्यवस्था, एल्युमनी हाउस, बॉटेनिकल गार्डन, होटल मैनेजमेंट, शोध प्रयोगशालाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित विभिन्न परिसरों का सूक्ष्म अवलोकन किया।
इसके साथ ही राज्यपाल  ने केन्द्रीय अन्वेषण प्रयोगशाला (सी0आई0एल0) का निरीक्षण कर वहां पर स्थापित तीन प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया और पंजाब विश्वविद्यालय स्थित पुस्तकालय, छात्रावास संख्या-7 और शूटिंग रेंज का दौरा कर विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों तथा छात्रों से वहां पर हो रहे शोध और नवाचार के बारे में विस्तृत बातचीत की।
इस अवसर पर राज्यपाल  ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों को विकास की आधारभूत इकाई आंगनबाड़ी केन्दों तथा ग्राम पंचायतों से संवाद स्थापित कर विकास कार्यों को गति देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपना कार्य विश्वविद्यालय तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि अपने शोध एवं नवाचार का लाभ सुदूर ग्रामीण अंचल की जनता तक प्राथमिकता से पहुंचाना भी उनका दायित्व है। राज्यपाल  ने सुझाव दिया कि शिक्षकों को चाहिए कि वे अपने शैक्षणिक कार्यों के साथ ही समाज कल्याण के कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान दें।  उन्होंने कहा कि श्रेष्ठता और अलगाव की मानसिकता को हमें जड़ से मिटाना होगा तथा अनुसंधान और बुनियादी ढांचे को जनसामान्य के लिए विकसित कर लागू किया जाना आवश्यक होगा, क्योंकि शिक्षा समाज की सेवा के लिए ही होती है।
इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालिय के कुलपति प्रो. राज कुमार ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय के विभागों की अनुसंधान और प्रौद्योगिकी की क्षमता और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे व्यावसायिक उत्पादन में पंजाब विश्वविद्यालय की प्रौद्योगिकी से संबंधित डिलिवरेबल्स का उपयोग किया जा सकता है।  
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों से भ्रमण पर गये कुलपतिगण, पंजाब विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
Previous Post Next Post