वायुसेना प्रमुख, बोले- 24 जून से शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया


नई दिल्ली (मानवी मीडिया
भारतीय वायु सेना (IAF) प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी शुक्रवार को छह अग्रिम ठिकानों के दौरे पर निकले हैं। इस दौरान वे सैनिकों को संबोधित करेंगे और अग्निपथ भर्ती योजना की डिटेल पर उनके साथ चर्चा करेंगे। IAF ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दौरे का उद्देश्य वायुसेना में अंतिम व्यक्ति को योजना की जानकारी देना है। 

वायु सेना के वर्तमान में पूरे भारत में 60 से अधिक हवाई स्टेशन हैं। इन्हें सात कमांड में बांटा गया है: नई दिल्ली में पश्चिमी वायु कमान, शिलांग में पूर्वी वायु कमान, प्रयागराज में मध्य वायु कमान, और तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) में दक्षिणी वायु कमान, गांधीनगर में दक्षिण पश्चिमी वायु कमान, बेंगलुरु में प्रशिक्षण कमान और नागपुर में रखरखाव कमान। सबसे बड़ा एयरबेस हिंडन, उत्तर प्रदेश में है।

भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को वर्ष 2022 के लिए अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 करने के लिए सरकार की सराहना की। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत ऊपरी उम्र सीमा बढ़ाए जाने से युवाओं के बड़े हिस्से को अग्निवीर के तौर पर शामिल किया जा सकेगा। एक वर्चुअल संबोधन में, भारतीय वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा, "यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ऊपरी आयु सीमा (भर्ती के लिए) को संशोधित कर 23 वर्ष कर दिया गया है। इससे युवाओं को लाभ होगा। भारतीय वायु सेना के लिए भर्ती प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी।"

उन्होंने कहा, "सरकार ने अग्निपथ योजना की घोषणा की है जिसके तहत युवा सशस्त्र बलों में शामिल हो सकेंगे। आयु मानदंड 17.5 से 21 वर्ष होगा। यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पहली भर्ती के लिए, ऊपरी आयु सीमा को संशोधित करके 23 वर्ष कर दिया गया है। युवाओं को लाभ होगा।' COVID-19 ने सेना की भर्ती को दो साल से अधिक समय तक रोक दिया था। 2019-2020 में सेना ने जवानों की भर्ती की और उसके बाद से कोई एंट्री नहीं हुई है। दूसरी ओर, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना दोनों ने क्रमशः पिछले दो वर्षों में भर्ती की थी।  
 
अधिक योग्य और युवा सैनिकों को भर्ती करने के लिए दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव के संबंध में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे और चयन के लिए पात्रता आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।

रोजगार के पहले वर्ष में एक ‘अग्निवीर’ का मासिक वेतन 30,000 रुपये होगा, लेकिन हाथ में केवल 21,000 रुपये ही आएंगे। हर महीने 9,000 रुपये सरकार के समान योगदान वाले एक कोष में जाएंगे। इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में मासिक वेतन 33,000 रुपये, 36,500 रुपये और 40,000 रुपये होगा। प्रत्येक ‘अग्निवीर’ को ‘सेवा निधि पैकेज’ के रूप में 11.71 लाख रुपये की राशि मिलेगी और इस पर आयकर से छूट मिलेगी।

यह भर्ती ‘‘अखिल भारतीय, अखिल वर्ग’’ के आधार पर की जाएगी। इससे उन कई रेजींमेंट की संरचना में बदलाव आएगा, जो विशिष्ट क्षेत्रों से भर्ती करने के अलावा राजपूतों, जाटों और सिखों जैसे समुदायों के युवाओं की भर्ती करती हैं।

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