मुख्यमंत्री ने 21 जून, 2022 को 8वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को प्रदेश में व्यापक जनसहभागिता के साथ सम्पन्न कराने के निर्देश दिये


आजादी के अमृत वर्ष में आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश में 75,000 स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन कराया जाए, सभी 58,000 ग्राम पंचायत, 14,000 नगरीय वॉर्ड के लोग कार्यक्रम से जुड़ें

3.50 करोड़ लोगों को योग से जोड़ने के लक्ष्य के साथ वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाए

योग भारतीय मनीषा द्वारा विश्व को प्रदान किया गया अमूल्य उपहार, प्रधानमंत्री जी ने ऋषि परम्परा के इस प्रसाद से पूरी दुनिया को लाभान्वित कराया

आजादी के अमृत वर्ष में प्रधानमंत्री  के मार्गदर्शन में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश के 75 ऐतिहासिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे, इन स्थलों में उ0प्र0 के 06 प्रमुख स्थल सम्मिलित

प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन कराया जाए

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों से जोड़ा जाए

ग्राम्य विकास तथा नगर विकास विभाग द्वारा योगाभ्यास के लिए प्रस्तावित स्थलों, पार्कों आदि की साफ-सफाई करा ली जाए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए

एन0सी0सी0 कैडेट, स्काउट एण्ड गाइड तथा एन0एस0एस0 स्वयंसेवकों सहित विद्यार्थियों को योग दिवस से जोड़ा जाना चाहिए

कार्यक्रम की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल द्वारा सतत् पेट्रोलिंग की जानी चाहिए
 

लखनऊ (
मानवी मीडिया) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने 21 जून, 2022 को 8वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को प्रदेश में व्यापक जनसहभागिता के साथ सम्पन्न कराने के निर्देश दिये हैं। इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘मानवता के लिए योग’ निर्धारित की गयी है। उन्होंने कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराए जाने के निर्देश भी दिये हैं।
मुख्यमंत्री  आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक बैठक में 8वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष में आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश मंे 75,000 स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन कराया जाए। यह सुनिश्चित कराएं कि सभी 58,000 ग्राम पंचायत, 14,000 नगरीय वॉर्ड के लोग कार्यक्रम से जुड़ें। इस प्रकार, 3.50 करोड़ लोगों को योग से जोड़ने का लक्ष्य लेकर वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाए। लाइव टेलीकास्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि योग, भारतीय मनीषा द्वारा विश्व को प्रदान किया गया वह अमूल्य उपहार है जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। हमारी ऋषि परम्परा के इस प्रसाद से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने पूरी दुनिया को लाभान्वित कराया है। आजादी के अमृत वर्ष में प्रधानमंत्री  के मार्गदर्शन में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश के 75 ऐतिहासिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि इन स्थलों में उत्तर प्रदेश के 06 प्रमुख स्थल सम्मिलित किये गए हैं। भारत सरकार द्वारा चयनित प्रदेश के 06 स्थलों-सारनाथ (वाराणसी), रेजीडेंसी (लखनऊ), अयोध्या, कुशीनगर, फतेहपुर सीकरी (आगरा) और हस्तिनापुर (मेरठ) में वृहद आयोजन की तैयारी की जाए। इन कार्यक्रमों में केन्द्र सरकार के मंत्रीगण प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों यथा राजभवन (लखनऊ), त्रिवेणी संगम (प्रयागराज), झाँसी किला, मथुरा, मां विंध्यवासिनी धाम परिसर, श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर गोरखपुर, नैमिषारण्य (सीतापुर), श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर (वाराणसी), बिठूर (कानपुर), चित्रकूट, श्रावस्ती और अक्षय वट वाटिका (मुजफ्फरनगर) में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन कराया जाए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि योग दिवस के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से आमजन स्वतः स्फूर्त भाव से जुड़ें, इसके लिए सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाना चाहिये। प्रत्येक जनपद में एक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाए। मंत्रीगण अपने प्रभार वाले मण्डल के किसी जनपद में प्रतिभाग करेंगे। कुछ जिलों में केन्द्र सरकार के मंत्रीगणों की उपस्थिति होगी। जहां मंत्रीगणों की उपस्थिति नहीं हो सकेगी, वहां नोडल अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। योगाभ्यास कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए योग प्रशिक्षक भी उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री  ने निर्देशित किया कि ग्राम्य विकास तथा नगर विकास विभाग द्वारा योगाभ्यास के लिए प्रस्तावित स्थलों, पार्कों आदि की साफ-सफाई करा ली जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। एन0सी0सी0 कैडेट, स्काउट एण्ड गाइड तथा एन0एस0एस0 स्वयंसेवकों सहित विद्यार्थियों को योग दिवस से जोड़ा जाना चाहिए। कार्यक्रम की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल द्वारा सतत् पेट्रोलिंग की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस लाइन्स में भी योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन कराने के निर्देश दिए।
Previous Post Next Post