अव्यवस्था एवं वित्तीय अनियमितता के दोषी 09 पशु चिकित्साधिकारियों का निलम्बन


लखनऊ: (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री  धर्मपाल सिंह के निर्देश पर पशुपालन विभाग में गौशालाओं की देखरेख में घोर लापरवाही एवं गम्भीर वित्तीय अनियमितता पाये जाने पर विगत मई 2022 से अब तक कुल 09 मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारियों, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों तथा संयुक्त निदेशकों के खिलाफ निलम्बन/अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

पशुधन मंत्री ने यह जानकारी देते हुए बताया कि  मुख्यमंत्री  की कानून व्यवस्था एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में किसी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जायेगी। पशुओं की देखरेख, चारा, पानी एवं उपचार आदि के बारे में कोई समझौता नहीं किया जायेगा। भविष्य में इस प्रकार की कोई प्रशासनिक विफलता एवं वित्तीय अनियमितता पाये जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिन पशु चिकित्साधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें डा0 जितेन्द्र सिंह राजपूत पशु चिकित्साधिकारी सुरहा, जनपद महोबा के विरुद्ध 30 मई 2022 को विभिन्न मामलों में दोषी पाये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू किये जाने के आदेश दिए गए। इसी प्रकार डा0 जयकेश कुमार पाण्डेय, संयुक्त निदेशक मानकीकरण शामिल हैं। 

पशुधन मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार अनिल कुमार कुशवाहा मुख्य पशुचिकित्साधिकारी आयोध्या के विरुद्ध 01 जून 2022 के माध्यम से निलम्बन की कार्यवाही करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्थित की गई है। इसके अलावा डा0 वीरेन्द्र सिंह मुख्य पशुचिकित्साधिकारी आजमगढ़ के खिलाफ 10 जून, 2022, डा0 ए0के0 सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बलरामपुर एवं डा0 सुरेन्द्र कुमार उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बलरामपुर के विरुद्ध 14 जून, 2022 के माध्यम से अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्थित की गई।

पशुधन मंत्री ने बताया कि डा0 रामधन त्रिपाठी उप मुख्य चिकित्साधिकारी मिश्रिख सीतापुर के खिलाफ 14 जून, 2022, डा0 सीमा उप मुख्य चिकित्साधिकारी कौशाम्बी के विरुद्ध 15 जून 2022, डा0 रवि प्रकाश द्विवेदी पशुचिकित्साधिकारी, जहानागंज जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध 16 जून 2022 को अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए गए। इसी प्रकार डा0 मारकण्डेय मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बाराबंकी को 16 जून, 2022 को निलम्बित कर अनुशासनिक कार्यवाही किए जाने के आदेश दिए गए।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव पशुधन मत्स्य एवं दुग्ध विकास डॉ0 रजनीश दुबे ने बताया कि गो-संरक्षण केन्द्रों को और शसक्त एवं पशुओं के अनुकूल बनाये जाने के लिए एक पोर्टल बनाया जा रहा है। जिस पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रत्येक गो-संरक्षण केन्द्र का डाटावेस तैयार कराया जायेगा, जिसके माध्यम से गो-संरक्षण केन्द्रों पर बारीक निगरानी रखी जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि गो-संरक्षण केन्द्रों की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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