मंत्री गुलाब देवी ने कर्मचारियों को समय से ऑफिस आने अपने दायित्वों का निवर्हन ईमानदारी से करने के दिये निर्देश

लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने आज योजना भवन में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों से मुलाकात परिचयात्मक बैठक में की। बैठक में मंत्री जी द्वारा शासन एवं विभाग के अधिकारियों का परिचय प्राप्त किया गया। 

माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गुलाब देवी ने माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत किये गये विभागीय कार्यों के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए प्रशंसा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अच्छी चीजों को अपनाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि समस्त अधिकारी आफिस में समय से आए तथा अपने कार्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें। जन प्रतिनिधियो से संपर्क बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल में आ रही शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध रूप से किया जाए। मंडलीय अधिकारी जिलों में जाकर निरीक्षण करे और ये देखे कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत जो कार्य किया जा रहा है वो सही से हो रहा है की नही। बजट का उपयोग जिस कार्य के लिए दिया गया है उसी कार्य में व्यय किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य वर्ष में कम से कम दो बार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के साथ वार्ता अवश्य करें। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन एवं प्रशासन से मिलकर एक साथ कार्य करे जिससे कार्य में तेजी आये। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा ऐसे दो विभाग है जो दया और कर्तव्य-निष्ठा से जुड़े है। चिकित्सा में आदमी को जीवन मिलता है और शिक्षा में गुरु का स्थान भगवान से ऊपर रखा जाता है। उन्होंने कहा कि यू0पी0 बोर्ड की परीक्षा के दौरान विभिन्न जनपदों के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पायी गयी। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने नकलविहीन परीक्षा पूर्ण कराने हेतु शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारियो को बधाई दी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव  आराधना शुक्ला ने शिक्षा की परंपरा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  के प्रयासो से शिक्षा में बहुत बदलाव आए है। उन्होंने कहा कि यू0पी0 बोर्ड की परीक्षा में जहां नकल होना आम बात थी उसमे सख्ती लाते हुए नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराई गई है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज इस बार शताब्दी वर्ष मना रहा है। उन्होंने बताया कि विगत 05 वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा 40 हजार से अधिक शिक्षको की नियुक्ति की गई है। 280 नए विद्यालयों का संचालन किया गया है  तथा 270 विद्यालयों का निर्माण किया गया है। स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं जैसे बाथरूम, पानी, बिजली, लैब तथा प्रैक्टिकल आदि की व्यवस्था का ध्यान रखा जा रहा है। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। संस्कृत बोर्ड में भी बहुत बदलाव किए गए है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अनुपालन करने का कार्य भी किया जा रहा है। शिक्षको की नियुक्ति की जा रही है। नए विद्यालयों बनाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप 100 दिन, 6 माह, 05 साल की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। 

अपर मुख्य सचिव द्वारा विभाग के कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। विभाग में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी मंत्री  को दी गई। उन्होंने बताया  कि माध्यमिक शिक्षा विभाग लक्ष्य, मिशन, विजन एवं रणनीति पर कार्य कर रहा है। लक्ष्य के अर्न्तगत समावेशी, समतापूर्ण, गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है। विजन के अन्तर्गत सभी विद्यार्थियों को माध्यमिक स्तर की शिक्षा जारी रखने के लिए समान अवसर सुनिश्चित करते हुए ज्ञान, जीवनकौशल, लोकतांत्रिक मूल्य एवं राष्ट्रीयता विकसित करने वाली गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने पर बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी 05 वर्ष में असेवित क्षेत्र में विद्यालय उपलब्ध कराना, शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता बढ़ाना तथा शिक्षा प्रणाली को सम-सामयिक बनाने का मिशन रखा गया है। प्रदेश में 33,734 माध्यमिक विद्यालय है जिनमें 1.27 करोड़ छात्र अध्ययनरत हैं तथा 3.92 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा विगत 05 वर्षों में प्राप्त की गयी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति, वाई फाई की सुविधा तथा समस्त विद्यालयों की वेबसाइट व प्रत्येक विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनाई जाए।

बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव  शम्भू कुमार तथा  जयशंकर दुबे, माध्यमिक शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ0 सरिता तिवारी सहित शासन एवं विभाग के मण्डल एवं जनपद के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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