बैंकिंग लाइसेंस के लिए छह आवेदनों को अनुपयुक्त करार दिया


नयी दिल्ली (
मानवी मीडिया): भारतीय रिजर्व बैंक ने समग्र सेवा (यूनिवर्सल) बैंक और सूक्ष्म ऋण बैंक के लिए 'ऑन टैप' (निरंतर खुली) व्यवस्था के तहत प्राप्त हुए 11 आवेदनों में से छह को उपयुक्त नहीं पाया है।

इनमें यूनिवर्सल बैंक के लिए प्राप्त यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंसियल सर्विसेज लिमिटेड, द रिपैट्रिएट्स कोआपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड (रेपको बैंक), चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड और श्री पंकज वैश और अन्य से प्राप्त कुल चार आवेदन शामिल हैं।
ऑन टैप व्यवस्था के तहत प्राप्त वीसॉफ्ट टेक्नोलॉजिज प्राइवेट लिमिटेड और कालीकट सिटी सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से सुक्ष्म ऋण बैंक शुरू करने के लाइसेंस के लिए प्राप्त दो अलग-अलग आवेदनों को भी आरबीआई द्वारा सिद्धांतत: लाइसेंस के लिए अनुपयुक्त पाया गया है।
आरबीआई की मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि बाकी आवेदनों की जांच की जा रही है। बयान में कहा गया है कि खारिज किए गए आवेदनों ऑन टैप बैंकिंग लाइसेंस के लिए अगस्त 2016 और दिसंबर 2019 में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जांच के बाद अनुपयुक्त पाए गए हैं।
आरबीआई को ऑन टैप व्यवस्था के तहत पिछले वर्ष 15 अप्रैल, 30 अगस्त और 31 दिसंबर को अलग-अलग इकाइयों/व्यक्तियों से संपूर्ण सेवा और सूक्ष्म ऋण बैंक के लाइसेंस के लिए कुल 11 आवेदन मिले थे।
भारतीय रिजर्व बैंक के समक्ष अभी सूक्ष्म ऋण बैंक के लाइसेंस के लिए कोसमिया फाइनेंसियल होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, टैली सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, वेस्ट एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, श्री अखिल कुमार गुप्ता और द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण फाइनेंसियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के आवेदनों की जांच की जा रही है।
Previous Post Next Post