रेडक्रास का मकसद है पीड़ित मानवता की सेवा करना :: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल


लखनऊः (मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश की राज्यपाल तथा इण्डियन रेडक्रास सोसाइटी उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की अध्यक्ष  आनंदीबेन पटेल ने आज अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रास दिवस पर इण्डियन रेडक्रास सोसायटी, लखनऊ द्वारा रेडक्रास भवन, कैसरबाग में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने सभी को रेडक्रास दिवस और मातृ दिवस पर बधाई दी और कहा कि रेडक्रास का एक ही मकसद है-पीड़ित मानवता की सेवा करना और दूसरों को इसके लिये प्रोत्साहित करना। राज्यपाल जी ने समाज में निर्माण, प्रगति और सफाई कार्यों में लगे मजदूरों के लिए सम्मान समारोह आयोजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कोरोना काल में विशेष सेवाएं देने वाले कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्वयं सेवी संस्थाओं को भी सम्मानित करने की चर्चा करते हुए कहा कि वास्तव में मानव कल्याण ही सबसे बड़ी सेवा है और जरूरतमंदों सहायता के लिए हम सभी को सोचना चाहिए। 
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता कम होने पर चर्चा करते हुए राज्यपाल  ने कहा कि हम सभी को इसके लिये अभी बहुत मेहनत करनी है। इस कार्य में सरकार के साथ ही स्वैच्छिक संगठनों सहित सभी भागीदारों को मिल-जुलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने घायल सैनिकों की मदद के लिये रेडक्रास सोसाइटी के उद्भवन का वृत्तांत सुनाते हुए कहा कि आज यह सोसाइटी अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से मातृ एवं शिशु कल्याण कार्यक्रम, बच्चों के लिये टीकाकरण कार्यक्रम, स्कूलों में नेत्र एवं दांतों की जांच, रक्तदान, नेत्रदान, देहदान का प्रचार-प्रसार, प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराना तथा मरीजों के लिये एम्बुलेन्स सेवा उपलब्ध कराना आदि अनेक प्रकार के कार्य कर रही है। इसके साथ ही रेडक्रास सोसाइटी क्षयरोग से ग्रसित बच्चों को गोद लेने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने प्रदेश को टी0बी0 मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में तथा कोरोना काल में पीड़ितों को सोसाइटी द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की।

रेडक्रास सोसाइटी के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल  ने उनसे समाज के सभी वर्गों, विशेषकर निर्धन और असहाय लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपेक्षा की। उन्होंने रेडक्रॉस को आगामी 21 जून को योग दिवस पर ग्राम स्तर तक जन समुदाय को जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सभी को योग सिखाएं, योग को जनांदोलन बनाएं, स्वस्थ्य रहने के लिए हर प्रक्रिया अपनाएं।

उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बृजेश पाठक ने इस अवसर पर अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों से मरीजों के प्रति सेवा-भाव से कार्य करने की अपील की।

समारोह में राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश रेडक्रॉस अवार्ड से 41 महानुभावों को उनके विशिष्ट सेवा कार्यों के लिए प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित किए गए महानुभावों में जिलाधिकारी पीलीभीत पुलकित खरे, जिलाधिकारी देवरिया आशुतोष निरंजन, जिलाधिकारी कौशम्बी सुजीत कुमार, जिलाधिकारी महाराजगंज सत्येन्द्र कुमार, पूर्व जिलाधिकारी सीतापुर विशाल भारद्वाज, जिलाधिकारी जौनपुर मनीष वर्मा, पूर्व जिलाधिकारी एवं पूर्व विशेष सचिव गृह मणि प्रसाद, पूर्व जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष प्रयागराज भानुचंद्र गोस्वामी भी शामिल थे। इसी क्रम में बाराबंकी के श्री के.के.गुप्ता को कोविड काल में 62 लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सोसाइटी द्वारा आयोजित कराई गई विविध प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी बच्चों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अपर्णा उपाध्याय, इण्डियन रेडक्रास सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा के सभापति संजीव मेहरोत्रा, महासचिव डा0 हिमाबिन्दु नायक, उपाध्यक्ष सत्यानंदी पाण्डेय, अधिकारीगण एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे।

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