मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अधिकारियों को सख्त निर्देश, सुबह 10 से 11 बजे तक करें जन सुनवाई


लखनऊ (मानवी मीडियामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में पुलिस अधीक्षक, डीएम, एडीएस, एसडीएम आदि के द्वारा जनशिकायतों के प्रति लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाए जाने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों की समस्या का सही तरीके से समयबद्ध ढंग निस्तारण किया जाए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सीयूजी नंबर वे खुद ही उठाएं ताकि पीड़ित लोगों का जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता में रखा है और इसके लिए वह स्वयं समीक्षा भी करते रहे हैं। इसी क्रम में  सरकार ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि जनशिकायतों का जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। सरकार ने निर्देश दिया है कि हर जिले में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक, पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त अपने कार्यालय में समस्त कार्यदिवसों में सुबह 10 से 11 बजे तक जनसुनवाई करें और वहीं पर समस्याओं का निस्तारण करें। यदि जनसुनवाई में अधिकारियों की अनुपस्थिति आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण नहीं होता है तो जिलास्तरीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम बनाकर करें कार्रवाई
सरकार का निर्देश है कि यदि किसी प्रार्थी की समस्या ज्यादा समय से लम्बित है, तो दूरभाष पर राजस्व व पुलिस अधिकारियों को निर्देशित कर प्राप्त समस्याओं का निस्तारण कराया जाए। विशेष कर भूमि संबंधी विवाद में पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक यदि आवश्यक हो तो राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करें।

भ्रष्टाचार पर करें कड़ी कार्रवाई
यह भी निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई के समय अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों की यदि भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होती हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि कोई शिकायतकर्ता एक बार से अधिक शिकायत देता है तो समस्या के मूल कारण को समझकर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई के वक्त जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। सीयूजी नम्बर पर वरिष्ठ अधिकारीगण स्वयं उत्तर दें। 

प्रदेश सरकार ने मंडल व जिलास्तरीय अधिकारी नियमित रूप से आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, तहसील, थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। यह भी निर्देशित किया है कि जिस किसी ब्लाक, तहसील या थाने में अधिकतम मामले लम्बित हों, उनके संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने समय-समय पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी निर्देश दिए गए हैं। यह भी निर्देश दिया गया है कि जिलास्तरीय अधिकारी ऐसे चिन्हित तहसील व थानों की विशेष समीक्षा करें और आवश्यकता हो तो भ्रमण भी सुनिश्चित कर मानक के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित करें। इसके साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण करना जनपद के अधिकारियों का उत्तरदायित्व है।


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