2 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड हो सकते हैं सुनील जाखड़


नई दिल्ली (
मानवी मीडिया)- पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ को 2 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड किया जा सकता हैं। पेशी से पहले पहले सुनील जाखड़ ने ट्वीट के जरिए कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- आज सर कलम होंगे उनके, जिनमें अभी जमीर बाकी है। वहीं हरियाणा के पंचकूला में सुनील जाखड़ ने ये भी कहा कि मैं कांग्रेस को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। 

बता दें कि कांग्रेस अनुशासन समिति ने पार्टी नेताओं के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान के लिए सुनील जाखड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जाखड़ ने इसका जवाब नहीं दिया। ऐसे में पार्टी द्वारा उन पर कार्रवाई की गई है। सुनील जाखड़ कई बार पार्टी के खिलाफ बोल चुके हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें हटाकर जब नवजोत सिंह सिद्दू को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई थी, तब से वह पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं। वह पार्टी के आलाकमान पर भी निशाने साध चुके है। 

सुनील जाखड़ की नाराजगी
सुनील जाखड़ पर आरोप लगे कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बारे में पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी ने उनकी शिकायत की थी। वहीं जाखड़ इस बात से नाराज हैं कि कांग्रेस हाईकमान को पहले उनसे बात करनी चाहिए थी। इसकी जगह उन्हें सीधे नोटिस जारी कर दिया गया। जाखड़ का तर्क है कि वह पार्टी के हर अच्छे-बुरे वक्त में साथ रहे। उन्होंने कभी हाईकमान के खिलाफ बयानबाजी नहीं की। जाखड़ इस बात से नाराज थे कि पहले बिना वजह उन्हें हटाकर नवजोत सिद्धू को प्रधान बना दिया गया। फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह वह सिर्फ इसलिए सीएम नहीं बन सके क्योंकि वह हिंदू हैं। इस विवाद के पीछे की वजह अंबिका सोनी को मानते हैं, क्योंकि उन्होंने कहा था कि पंजाब का सीएम सिख समाज से होना चाहिए, जिससे जाखड़ का पत्ता साफ हो गया। 

वहीं बैठक से पहले सुनील जाखड़ ने एएनआई से कहा कि वह कांग्रेस अनुशासन समिति के रवैये से बहुत नाराज और परेशान हैं। जाखड़ ने अनुशासन समिति के नोटिस पर अपनी राय देते हुए कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के गुलाम नहीं बल्कि अनुशासित कार्यकर्ता हैं। उनका कांग्रेस पार्टी के साथ 50 साल पुराना रिश्ता है। वर्षों से, मैंने कांग्रेस पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में काम किया है। 

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