नये भारत का नया उत्तर प्रदेश’ आकार ले रहा


लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां योजना भवन में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आहूत एक बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के विजन के अनुरूप ‘नये भारत का नया उत्तर प्रदेश’ आकार ले रहा है। इस कार्य को और गति प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री  ने अधिकारियों को शासकीय कार्यप्रणाली के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि निवर्तमान प्रदेश सरकार के पहले कार्यकाल में चुनौती कुव्यवस्था से थी। प्रदेश में विगत 05 वर्षाें में सुशासन की स्थापना हुई है। आगामी 05 वर्षाें में हमारी प्रतिस्पर्धा अपने पहले कार्यकाल के कार्याें से होगी। अब सुशासन को और सुदृढ़ करने के लिए स्वयं से हमारी प्रतिस्पर्धा प्रारम्भ होगी। सुशासन की स्थापना को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाना होगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में सुशासन, सुरक्षा, विकास एवं राष्ट्रवाद को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकतंत्र में जनता शासन पर पैनी नजर रखती है और अन्त में उसी अनुरूप फैसला करती है। जनता-जनार्दन के लिए जो सरकार अच्छा कार्य करती है, उसे दोबारा मौका भी मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के सभी गरीब एवं वंचित वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया है। विगत 05 वर्षाें में प्रदेश की छवि बदलने में प्रशासनिक तंत्र ने पूर्ण मनोयोग से अपना प्रभावी योगदान दिया है। बदलते उत्तर प्रदेश ने देश को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर हमारी सरकार की शुरू से जीरो टॉलरेंस नीति रही है। इसे प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। शासन की योजनाओं की आमजन तक पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर समावेश किया जाए। ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022’ के सभी संकल्प बिन्दुओं को 05 वर्षाें में लक्ष्यवार एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। सभी विभाग 100 दिन, 06 माह तथा वार्षिक लक्ष्यों का निर्धारण करते हुए उसकी पूर्ति के लिए अहर्निश प्रयास करंे।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि हमारे समक्ष उत्तर प्रदेश को देश का नम्बर-1 राज्य और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को देश की नम्बर-1 अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। टीम वर्क और अन्तर्विभागीय समन्वय से भविष्य का रोडमैप तैयार किया जाए। इस कार्य के लिए टीम यू0पी0 को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लगना होगा। प्रदेश में सृजन एवं विकास की व्यापक सम्भावनाएं हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन यू0एस0 डॉलर बनाने के लिए 10 प्राथमिक सेक्टरों को चिन्हित किया जाए। इसकी नियमित समीक्षा की जाए। मुख्य सचिव द्वारा साप्ताहिक समीक्षा तथा स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा इस सम्बन्ध में पाक्षिक समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि अधिकारी कार्यहित में त्वरित निर्णय लें। पत्रावलियां लंबित नहीं रहनी चाहिये। पत्रावलियों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। पत्रावलियों के निराकरण की स्थिति की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से प्राप्त होने वाले पत्रों का उत्तर, पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से प्रेषित कर दिया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनपदों के नोडल अधिकारीगण अपने जिले के विकास कार्यों की स्थिति की नियमित समीक्षा करें। नोडल अधिकारीगण अपने जनपद के प्रभारी मंत्री के साथ प्रत्येक माह जिले का भ्रमण कर योजनाओं का क्रियान्वयन मौके पर परखें। जनपद प्रवास के दौरान जनता से संवाद कायम कर फीडबैक प्राप्त करें और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को दें।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत सरकार के वर्ष 2022-23 के आम बजट तथा लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार का वर्ष 2022-23 का बजट तैयार किया जाए। बजट के सदुपयोग का मूल्यांकन करते हुए वित्तीय स्वीकृतियों के सापेक्ष उनके व्यय की स्थिति की पड़ताल कर लें। प्रत्येक स्थिति में वित्तीय नियमों के अनुरूप कार्यवाही की जाए। यदि भारत सरकार के स्तर से किसी योजना का केन्द्रांश जारी नहीं हो सका है तो अविलम्ब केंद्र से संपर्क कर उसे जारी कराएं। वित्तीय वर्ष 2021-2022 समापन की ओर है। सभी विभाग अपने-अपने वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति की स्थिति की गहन समीक्षा कर लें।

मुख्यमंत्री  ने निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न विभाग रिक्त पदों पर भर्ती से जुड़े मामलों पर तेजी से कार्यवाही को आगे बढ़ाएं। राजस्व, पंचायतीराज और ग्राम्य विकास के ग्रामस्तरीय कर्मियों द्वारा ग्राम प्रधान के समन्वय से ग्राम चौपाल आयोजित की जाएं। इसके माध्यम से ग्रामीण जनता की स्थानीय समस्याओं का समाधान कराया जाए। ग्राम सचिवालय की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए। पंचायत सहायकों की तैनाती कार्य को पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए मिशन शक्ति संचालित किया जा रहा है। हमारे लिए यह अत्यन्त गौरवपूर्ण है कि भारत सरकार द्वारा भी महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए मिशन शक्ति प्रारम्भ किया गया है। प्रदेश सरकार ने महिला पुलिस कर्मियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी की है। महिला पुलिस कर्मियों को फील्ड कार्याें से जोड़ा गया है। इस सन्दर्भ में महिला बीट अधिकारियों की तैनाती की गयी है, जो ग्राम स्तर पर समस्याओं के निस्तारण के साथ ही विभिन्न योजनाओं की जन जागरूकता का कार्य भी सम्पादित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित होकर कार्याें को प्रभावी ढंग से सम्पादित करें। कार्यालय की व्यवस्था ऐसी हो, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ‘ई-ऑफिस’ को पूरी तरह लागू करने की कार्य योजना तैयार की जाए। सभी विभागों में सिटिजन चार्टर लागू किया जाए। विभागों के समस्त कार्याें का डिजिटलाइजेशन किया जाए। थाना, ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर जन समस्याओं का निस्तारण संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से किया जाए। न्यायालय में लम्बित प्रकरणों को शीघ्रातिशीघ्र निस्तारित करें। उन्होंने कहा कि आई0जी0आर0एस0 एवं सी0एम0 हेल्पलाइन के कार्याें की नियमित समीक्षा की जाए तथा समस्याओं का निस्तारण मेरिट के आधार पर किया जाए।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि राजस्व संग्रह पर पूरा ध्यान दिया जाए। विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के वित्त पोषण के लिए ऐसा किया जाना आवश्यक है। टैक्स का भुगतान करने वालों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। मानव सम्पदा पोर्टल पर राज्य सरकार के सभी कार्मिकों का सेवा सम्बन्धी विवरण अंकित किया जाए।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कोविड-19 को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है। हमारे राज्य ने कोविड प्रबन्धन का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसकी विभिन्न स्तर पर सराहना हुई है। प्रदेश में कोरोना काल खण्ड के दौरान भुखमरी से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई।  वर्तमान में कोरोना की तीसरी लहर पूरी तरह नियंत्रित है। इसके बावजूद हमे सतर्कता और सावधानी बनाये रखनी होगी।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने मुख्यमंत्री  को आश्वस्त किया कि सभी अधिकारी उनके निर्देशों का पालन करते हुए पूरी निष्ठा व लगन के साथ कार्य करेंगे।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य एवं  ब्रजेश पाठक, अध्यक्ष राजस्व परिषद  मुकुल सिंघल, कृषि उत्पादन आयुक्त  आलोक सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव उपस्थित थे।

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