देश के स्वतंत्रता आंदोलनों में सर्वाधिक योगदान उ0 प्र0 की जनता का

 परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव की देश

सेवा का भाव अनुकरणीय

देश की मिट्टी में मातृत्व है
                                                                                                                                                       

लखनऊ (मानवी मीडिया) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज यहां सरस्वती कुंज, निराला नगर, लखनऊ में आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र का गौरव तभी जाग्रत रहता है जब वो अपने स्वाभिमान और बलिदान की परम्पराओं को अगली पीढ़ी को भी सिखाता है, संस्कारित करता है, उन्हें इसके लिए निरंतर प्रेरित करता है। वास्तव में किसी राष्ट्र का भविष्य तभी उज्ज्वल होता है जब वो अपने अतीत के अनुभवों और विरासत के गर्व से पल-पल जुड़ा रहता है।
राज्यपाल जी ने कहा कि स्वाधीनता संग्राम में ऐसे भी कितने आंदोलन हैं, कितने ही संघर्ष हैं जो देश के सामने उस रूप में नहीं आए जैसे आने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलनों में सर्वाधिक योगदान उत्तर प्रदेश की जनता ने दिया। आज राष्ट्रीय आन्दोलन के आधारभूत मूल्यों, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को जन-जन विशेषकर विद्यार्थियों, युवाओं तक पहुंचाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आन्दोलन की अनसुनी घटनाओं, अनाम शहीदों को उजागर किये जाने की आवश्यकता है, ताकि हमारे युवाओं को पता चले कि देश को स्वाधीनता कितने संघर्षों से प्राप्त हुई और आज हम उनके त्याग और बलिदान के कारण ही स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
राज्यपाल  ने स्वतंत्रता प्राप्ति के सभी मुख्य आन्दोलनों तथा उनके नेतृत्व करने वाले सेनानियों और शहीदों का स्मरण अपने उद्बोधन में किया और कहा हमें नए संकल्पों के साथ आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करना है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण देश की प्रगति के लिए बहुत आवश्यक है, पिछले कुछ समय में भारत की सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राज्यपाल जी ने अपने संबोधन के दौरान बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ ऐतिहासिक स्थलों के अवलोकन, पर्यटन और इतिहास का ज्ञान कराने वाले प्रदर्शनी स्थलों के भ्रमण कराने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में राज्यपाल जी ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन (मानद) कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव के शौर्य पर बनी डाक्यूमेंट्री का शुभारम्भ भी किया। प्रदर्शित डाक्यूमेंट्री का अवलोकन करते हुए उन्होंने कैप्टन योगेन्द्र सिंह के शौर्य और अप्रतिम बहादुरी की प्रशंसा की तथा उनके देश सेवा के भाव को अनुकरणीय बताया।
समारोह के मुख्य अतिथि परमवीर चक्र विजेता कैप्टन (मानद) योगेन्द्र सिंह यादव ने कारगिल युद्ध के दौरान अपने शहीद वीर सैनिकों तथा अदम्य शौर्य के साथ पाकिस्तानी सेना का मुकाबला करने की रोमांचित कर देने वाली घटनाओं को बताया। उन्होंने कहा कि इस देश की मिट्टी में जीवन्तता है, मातृत्व है जो देश का वीर सैनिक युद्ध स्थल पर महसूस करता है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष वेद प्रकाश ने कोरोना काल में चिकित्सकों की विशेष सेवाओं का उल्लेख करते हुए चिकित्सा जगत में भारत की उपलब्धियों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय बहुत कम खर्च पर अंग प्रत्यारोपण की सुविधा प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है जिससे यहां की गरीब जनता भी विकसित देशों की भांति चिकित्सा प्राप्त कर सके।
समारोह में राज्यपाल ने देश की रक्षा में शहीद प्रदेश के वीर जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने इस अवसर पर तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में आयोजक तथा सरस्वती कुंज, निराला नगर के प्राचार्य तथा सदस्यगण, वीर शहीदों के परिजन तथा स्कूल की छात्राएं भी उपस्थित थीं। कोरोना नियमों के दृष्टिगत आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ऑनलाइन जुड़े छात्र-छात्राओं तथा जन-समुदाय द्वारा भागीदारी की गई।
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