उत्तर रेलवे ने डाक्टर्स डे मनाया, महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने डाक्टरों की कोरोना काल में भूमिका की सराहना की


नई दिल्ली (मानवी मीडिया)-डाक्टरों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के लिए हर साल 1 जुलाई को भारत में ‘राष्ट्रीय डाक्टर्स डे’का आयोजन किया जाता है। आज ‘डाक्टर्स डे’के आयोजन के अवसर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने समस्त डाक्टरों तथा स्वास्थ सेवा से जुड़े कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। गंगल ने कहा कि जब राष्ट्र कोरोना महामारी से लड़ रहा है, उस समय डाक्टर लाखों लोगों के जीवन को बचाने हेतु दिन-रात अथक मेहनत से जान बचाने के लिए प्रयासरत हैं। मानवता, डाक्टरों की निस्वार्थ सेवा, अमूल्य योगदान तथा हमें स्वस्थ बनाए रखने में उनके प्रयास की सदैव ऋणी रहेगी। विश्वव्यापी कोरोना वायरस नए स्वरूपों के साथ नई चुनौतियां दे रहा है तथा इसने आज पूरे विश्व में स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीशियन तथा अन्य स्वास्थ्य वर्कर कोरोना-19 महामारी से लड़ने में फ्रंटलाइन योद्धा हैं। ये लोग असंख्य लोगों के जीवन को बचाने में दिन-रात लगे हुए हैं। भारतीय रेल का सबसे बड़ा जोन होने के कारण उत्तर रेलवे कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ने के प्रयासों में आगे रहा है। देशभर में खाद्यान्न की आपूर्ति हेतु कार्गो स्पेशल रेलगाड़ियाँ तथा मेडिकल मदों की सप्लाई में रेल महत्वपूर्ण योगदान कर रही है। हाल ही में उत्तर रेलवे से आक्सीजन एक्सप्रेस रेलगाड़ियों द्वारा जीवनदायिनी मेडिकल आक्सीजन का प्रभावित क्षेत्रों के लिए परिवहन किया जा रहा है। बोकारो, राउरकेला, अंगुल, हापा, वडोदरा तथा कई अन्य तरल आक्सीजन औद्योगिक सेंटरों से देश के दूसरे स्थानों पर त्वरित रूप से आक्सीजन एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के द्वारा माऊंटिड टेंकरों से सप्लाई की जा रही है। उत्तर रेलवे पर 858 टेंकरों से 14,050 मिट्रिक टन लिक्विड मेडीकल आक्सीजन का परिवहन किया गया है। चिकित्सीय परामर्शदाताओं के मार्ग दर्शन में आइसोलेशन कोचों को कोविड केयर सुविधा में बदला गया है। वर्तमान में उत्तर रेलवे पर विभिन्न स्थानों पर ऐसे 530 कोच लगाए गए हैं।

उत्तर रेलवे के प्रमुख रेफरल अस्पताल, सेण्ट्रल हास्पिटल, नई दिल्ली के साथ-साथ मण्डल अस्पतालों को भी कोविड केयर सेंटर में बदला गया है। यहां आई.सी.यू. सहित अन्य जाँच तथा चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराई गई हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल सके। उत्तर रेलवे पर 710 कोविड बेड उपलब्ध कराये गए हैं। चूँकि बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों को आक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है अतएव दूसरी लहर के दौरान रेल निवास को अल्प समय में कोरोना सेंटर के रूप में परिवर्तित कर इसे सेंट्रल हास्पिटल से जोड़ दिया गया। उत्तर रेलवे के अस्पतालों में कुल 4500 कोरोना मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया गया। उत्तर रेलवे ऐसा पहला जोन है जिसने कोरोना-19 की जाँच हेतु टूªनट एण्ड जेने-एक्सपर्ट मशीन द्वारा सेण्ट्रल हास्पिटल में इन हाउस जाँच शुरू की। अभी तक उत्तर रेलवे पर कुल 30,000 आर.टी-पी सी आर टेस्ट किए गए हैं। विश्व भर में टीकाकरण अभियान की शुरूआत के क्रम में माननीय प्रधानमंत्री जी ने 16 जनवरी 2021 को इसकी शुरूआत भारत में की थी। इसमें वरिष्ठ नागरिकों, कर्मियों तथा उनके परिजनों तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का मुफ्त टीकाकरण रेलवे अस्पतालों में किया जा रहा है। अभी तक कुल 94,761 कर्मियों को टीके की पहली डोज लग चुकी है जो कि कुल संख्या का 75.80% है।

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