इंडिया हेल्थ लिंक ने हेल्थ एटीएम' विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए उ0 प्र0 सरकार मे निवेश कार्यक्रम के तहत किया समझौता - मानवी मीडिया

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Wednesday, February 8, 2023

इंडिया हेल्थ लिंक ने हेल्थ एटीएम' विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए उ0 प्र0 सरकार मे निवेश कार्यक्रम के तहत किया समझौता

 

लखनऊ: (मानवी मीडिया)  सदी के अंत में, कार्डियोवॉस्क्युलर डिसीज़ेज (सीवीडी) भारत में मृत्यु का सबसे प्रमुख कारण बन गया। भारत में अब हर 4 में से एक मौत सीवीडी के कारण होती है। पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस (पीएलओएस) मेडिसीन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश राज्य में भी सीवीडी की गंभीरता कम नहीं है। यहां 30-74 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 18 प्रतिशत लोगों में कार्डियोवैस्कुलर डिसीज़ेज (सीवीडी) का खतरा है। [1]  

 हालांकि, सीवीडी के बढ़ते मामलों को रोकना एक बड़ा सवाल है। उत्तरप्रदेश राज्य में सीवीडी के बोझ को कम करने के लिए इस दिशा में एक प्रयास में, एक डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा उपकरण स्टार्ट-अप इंडिया हेल्थ लिंक (आईएचएल) ने उत्तरप्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। उत्तरप्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ देश के बाकी हिस्सों और विदेशों में भी मॉडल का विस्तार करना। 

उत्तरप्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने पर बोलते हुए, इंडिया हेल्थ लिंक (आईएचएल) के सह-संस्थापक और अध्यक्ष डॉ स्वदीप श्रीवास्तव ने कहा, "उत्तरप्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू), भारत में नए लॉन्च किए गए यूपी येडा मेडटेक पार्क में पूरी तरह से एकीकृत 'हेल्थ एटीएम' सही समय पर प्रारंभ हुआ है क्योंकि उत्तरप्रदेश देश के अंतिम छोर तक निवारक जांच सेवाएं प्रदान करने में देश का नेतृत्व कर रहा है और हम उन्हें प्राप्त करने, वितरण, स्थापना, और आपूर्ति अंतराल को भरने में सहायता करेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवा को सभी के लिए सुलभ बनाने में भी सहायता मिलेगी।”

 डॉ ऋषि सेठी, सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और भारत के लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के यूनिट हेड, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिजाइन-सिनर्जाइजिंग हेल्थकेयर, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, एसआईबी एसएचआईएनई के कार्यकारी निदेशक, किंग जॉर्जियन मेडिकल यूनिवर्सिटी में डीन ऑफ इनोवेशन ने कहा, "हालांकि कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां (सीवीडी) वैश्विक स्तर पर मृत्यु का सबसे प्रमुख कारण हैं, जिससे हर साल अनुमानित 1 करोड़ 79 लाख लोगों की मौत हो जाती है, इसमें कम से कम पांचवां हिस्सा भारत का होता है, और उत्तर प्रदेश भी कोई अपवाद नहीं है। पिछले एक दशक में भारतीयों में हृदय रोगों के मामले लगभग दुगने हो गए हैं और अब यह युवा भारतीयों को भी प्रभावित कर रही है। हाल ही में, भारतीय युवाओं में सीवीडी से संबंधित मौतों के मामलों में तेजी देखी गई है। अस्वास्थ्यकर जीवन शैली और चयापचय स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी की कमी इसके बढ़ते मामलों का सबसे प्रमुख कारण माना जा रहा है। चूंकि 'रोकथाम उपचार से बेहतर है', जनसंख्या-आधारित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने से बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है। इस प्रकार, उपचार और ठीक होने की संभावना बढ़ाने के लिए मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए जाना बहुत महत्वपूर्ण है।” 

इंडिया हेल्थ लिंक (आईएचएल) के संस्थापक और सीईओ डॉ. सत्येंद्र गोयल ने कहा, “एक अमेरिकी कंपनी, इयाका इंट. द्वारा समर्थित इंडिया हेल्थ लिंक (आईएचएल) ने ₹1000 करोड़ तक के निवेश के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने और अगले 5 वर्षों में उत्तरप्रदेश राज्य के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क में एक विनिर्माण संयंत्र स्थापित करके रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर खोलने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तरप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की हाल ही में 4600 सीएचसी और पीएचसी तक रैपिड स्क्रीनिंग हेल्थ एटीएम को सक्षम करने की घोषणा सबसे उन्नत हेल्थ एटीएम ('एचपॉड') तकनीक को उत्तरप्रदेश में लाने के पीछे प्राथमिक प्रेरणा है।” 

 आईएचएल का 'फिजिटल इकोसिस्टम' कैसे प्राथमिक, निवारक और स्वास्थ्य देखभाल अंतराल को भरने जा रहा है, इस पर बोलते हुए, डॉ श्रीवास्तव ने कहा, "आईएचएल का 'एचपॉड' (हेल्थ एटीएम) एक गैर-इनवेसिव डिजिटल-एकीकृत पारिस्थितिक तंत्र उपलब्ध कराता है जो प्राथमिक, निवारक और भविष्यसूचक स्वास्थ्य सेवा को सक्षम बनाता है। यह एक स्व-सेवा, वॉक-इन हेल्थ एटीएम है, जिसमें व्यक्ति 10 मिनट के भीतर बीपी, वजन, एसपीओ2, बीएमआई, बीएमसी, पल्स, तापमान और ईसीजी सहित 20 से अधिक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण मापदंडों के लिए अपनी जांच करवा सकते हैं और इसके बाद बिना किसी पैरामेडिक सहायता के तत्काल रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। 'फिजिटल इकोसिस्टम' अपने डिजिटल इंटरफेस द्वारा समर्थित निवारक स्वास्थ्य जांच का एक भौतिक अनुभव प्रदान करता है जो उपयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को बनाए रखता है और तत्काल परीक्षण परिणामों के आधार पर प्रमाणित स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ तत्काल परामर्श प्रदान करता है। एचपॉड एचआईपीपीए का अनुपालन करता है और यूएस एफडीए, सीई और न्यूमेट्रिक द्वारा प्रमाणित चिकित्सा उपकरणों को सम्मिलित करता है।"

इंडिया हेल्थ लिंक प्राइवेट लिमिटेड के बारे में

   इंडिया हेल्थ लिंक (आईएचएल) ने अपने उन्नत फिजिटल (भौतिक + डिजिटल) 'आईएचएल केयर' प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी तरह का पहला कनेक्टेड 'मानव-केंद्रित' हेल्थकेयर इकोसिस्टम ((स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र)) पेश किया है, जिसमें एक पुरस्कृत, मेड-इन इंडिया हेल्थ एटीएम ‘एच-पॉड’ शामिल है। यह संयुक्त मंच एक डिजिटली एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराता है जो प्राथमिक, निवारक और भविष्यसूचक स्वास्थ्य सेवा को सक्षम बनाता है। यह एक स्व-सेवा, वॉक-इन हेल्थ एटीएम है जिसमें कोई व्यक्ति 5-10  मिनट के भीतर बीपी और ईसीजी सहित 20 से अधिक नान-इवेसिव और 30 से अधिक इनवेसिव महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों के लिए अपनी जांच कर सकता है, इसके बाद तत्काल रिपोर्ट प्राप्त कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए https://indiahealthlink.com/index.html पर जाएं।

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