शारदा नदी का जलस्तर घटने से गिरा बिजली उत्पादन


खटीमा  (मानवी मीडिया उच्च हिमालयी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड व बर्फबारी से हिमालयी नदियों का जलस्तर सबसे कम स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर न्यूनतम 5,452 क्यूसेक दर्ज हुआ। इस पर लोहियाहेड पावर हाउस की नहर में मात्र 4,928 क्यूसेक पानी मिल पाया। इससे मात्र एक टरबाइन से न्यूनतम 12 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ। यह क्रम अभी कुछ दिन और जारी रहने की संभावना है।

बता दें कि सर्दी में उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड व बर्फबारी से नदियों का जल स्तर न्यूनतम तक पहुंच जाता है। ताजा बर्फबारी व कड़ाके की ठंड का असर जल स्तर पर पड़ता है। लोहियाहेड पावर हाउस के डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि बुधवार को शारदा नदी का जल स्तर कम होने से मात्र 4,928 क्यूसेक से 45 मेगावाट क्षमता पर 12 मेगावाट ही बिजली उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि पावर हाउस की तीन टरबाइनों में मात्र तीन नंबर की टरबाइन को चलाया गया।

पावर हाउस की तीनों टरबाइनों को पूरी क्षमता 45 मेगावाट तक चलाने के लिए 10,500 क्यूसेक पानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने उम्मीद जताई की फरवरी के अंत तक जल स्तर में कुछ सुधार हो सकेगा। बहरहाल, इन दिनों हिमालयी नदियों का जल स्तर न्यूनतम स्तर पर होने से बिजली उत्पादन धड़ाम है। क्षेत्र में भी ग्रिड की बिजली पर अधिक निर्भरता है। 

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