राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रधानमंत्री की पुस्तक ‘एग्जाम वारियर्स‘ का किया विमोचन


लखनऊ  (मानवी मीडियाउत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को राजभवन के गांधी सभागार में स्कूली छात्र-छात्राओं के मध्य देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लिखी गई पुस्तक “एग्जाम वारियर्स” का विमोचन किया। आनंदीबेन पटेल ने आज यहां इस अवसर पर कहा कि ‘‘एग्जाम वारियर्स” एक ऐसी किताब है जो परीक्षा का समय का निकट आने पर विद्यार्थियों के मन में उत्पन्न होने वाली घबराहट, चिंता, तनाव और नकारात्मक विचारों से निपटना सिखाती है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री परीक्षा के समय विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने के लिए उनसे हमेशा बात करते रहे हैं।
अपने व्यक्तिगत अनुभवों से प्रधानमंत्री जी ने विद्यार्थियों को ध्यान केन्द्रित करने में मदद करने वाले बहुउपयोगी सुझावों की चर्चा पुस्तक में की है। यह छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी उपयोगी पुस्तक है।
 
उन्होंने बच्चों पर शिक्षा ग्रहण करने के दौरान अभिभावकों द्वारा विषय चयन में डाला जाने वाला दबाव, अरूचिकर विषयों के अध्ययन में बच्चों द्वारा अतिरिक्त परिश्रम और मानसिक तनाव, विद्यार्थियों द्वारा उच्च शिक्षा के दौरान अरूचिकर कैरियर की शिक्षा को बीच में छोड़ देने से सरकार को होने वाले नुकसान पर विस्तार से चर्चा की।
 
उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के विषय चयन में रूचि को प्राथमिकता देने के साथ-साथ उनकी जन्मजात प्रतिभा को पहचानने और निखारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में रूचि के विषय चयन और कक्षा छह से कौशल विकास का विधान होना बच्चों को तनाव मुक्त रखने की दिशा में हितकारी है।
 
उन्होंने केन्द्र सरकार की लाभकारी योजना खेलो इण्डिया से देश की प्रतिभाओं को मिली पहचान, विविध कलात्मक प्रतियोगिताओं में बच्चों द्वारा उत्कृष्टतम अद्भुत प्रदर्शन का उल्लेख भी किया। सम्बोधन में विद्यार्थियों से विश्व में भारत की उभरती छवि की चर्चा करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि साठ वर्षों में पहली बार भारत को जी-20 देशों की अध्यक्षता का अवसर प्राप्त हुआ है, जबकि पहले विश्व में भारत की गरीबी, सपेरों का देश जैसी छवि प्रचारित थी।
 
उन्होंने कहा कि अब जो जी-20 देशों के प्रतिनिधियों की बैठके भारत में हो रही है, उनमें भारत की ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम‘‘ की विचार शक्ति को प्रसार मिलेगा। इसी क्रम में उन्होंने विश्व में भारत की उभरती क्षमताओं, देश में कोरोना वैक्सीन के निर्माण से हुए लाभों, सांस्कृतिक समागमों की चर्चा भी की।
 
राज्यपाल ने कहा विद्यार्थियों को क्षमता विस्तार के लिए प्रोत्साहित करते कहा कि भारत विश्व में सर्वाधिक प्रतिभाशाली 35 वर्ष तक के युवाओं का देश है। हमारी बड़ी युवा जनसंख्या के पास विश्वस्तर पर नेतृत्व करने के असीमित अवसर हैं।

हमारे विद्यार्थी अपनी शिक्षा में विशेषज्ञता प्राप्त करके विश्व के शीर्ष स्थानों पर योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों को नव वर्ष-2023 के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
Previous Post Next Post