मुख्यमंत्री योगी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती ‘पराक्रम दिवस’ पर उनकी प्रतिमा के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

 

लखनऊ:( मानवी मीडिया)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती ‘पराक्रम दिवस’ के अवसर पर आज यहां उनकी प्रतिमा के सम्मुख रखे चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हंे श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री  ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज पूरा देश आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को उनकी पावन जयन्ती पर स्मरण करते हुए नमन कर रहा है। देश की आजादी के आन्दोलन में नेता जी के द्वारा किये गये योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2021 मंे 23 जनवरी की तिथि को पराक्रम दिवस के रूप में आयोजित करने एवं इसके माध्यम से नेताजी के योगदान के प्रति देशवासियों को कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर प्रदान किया। आज पूरा भारत रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से नेताजी की जयन्ती पराक्रम दिवस के अवसर पर कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि नेताजी का जन्म भारत के तत्कालीन बंगाल प्रान्त एवं आज के उड़ीसा प्रान्त के कटक में हुआ था। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। उन्होंने उच्च शिक्षा हेतु कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था। उस समय की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा आई0सी0एस0 में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने यह सेवा ज्वाइन नहीं की थी। नेताजी का स्पष्ट विचार था कि जिन लोगों ने हमारे देश को गुलाम बनाया है तथा जिनके खिलाफ हमें लड़ाई लड़नी है, उनकी अधीनता हम स्वीकार नहीं करेंगे। इसके लिए किसी भी बड़े पद को ठुकरा सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी के आन्दोलन के दौरान अनेक ऐसे अवसर आए जिनके माध्यम से नेताजी भारत की राजनीति में स्थापित हो सकते थे, लेकिन इससे अलग उन्हांेने सदैव क्रान्ति का मार्ग चुना। वह इस बात के पक्षधर थे कि देश के प्रत्येक नागरिक के मन मंे राष्ट्रभक्ति का भाव पैदा हो और हम सभी राष्ट्रीयता के मार्ग का अनुसरण करते हुए ‘नेशन फस्र्ट’ के भाव को अंगीकार कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी भारत तथा जर्मनी, जापान, सिंगापुर सहित अनेक देशों में रहकर वहां के भारतवंशियों के साथ मिलकर देश की आजादी का अलख जगाते रहे। देश की आजादी के लिए जिन मार्गों का उस कालखण्ड में नेताजी ने अनुसरण किया था, आजाद हिन्द फौज उसका एक उदाहरण है। नेताजी ने उस समय ‘दिल्ली चलो’, ‘जय हिन्द’ तथा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ के नारे दिए, वह आज भी हमारे अन्दर रोमांच पैदा करते हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के भव्य आयोजन एवं ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के साथ ही, देश आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। देश को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से, प्रत्येक भारतवासी अपने कर्तव्यांे का पालन करें, तो नेताजी जैसे भारत माता के अमर सपूतों और आजादी के महानायकों के सपने साकार होंगे, जो उन्होंनेे स्वतंत्र भारत को दुनिया की एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करने के लिए देखे थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सब आजादी के महानायक को उनकी पावन जयन्ती पर स्मरण कर रहे हैं। देश को सुरक्षित व स्वावलम्बी राष्ट्र बनाने के नेताजी के सपने को पूर्ण करने के लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी भारतवासी नेताजी के सपने को साकार करने में अपना योगदान देंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  असीम अरुण, विधान परिषद सदस्य  अवनीश कुमार सिंह विधायक श्रीमती जयदेवी सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, लखनऊ के जिलाधिकारी  सूर्यपाल गंगवार व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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