बृजभूषण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण ने कहा- 22 जनवरी को देंगे औपचारिक बयान


गोण्डा (मानवी मीडिया): यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह महासंघ के पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने के बाद 22 जनवरी को औपचारिक बयान देंगे।

बृजभूषण के पुत्र एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदर विधायक प्रतीक भूषण ने शुक्रवार शाम पत्रकारों से कहा कि 22 जनवरी को देश भर के कुश्ती संघ के पदाधिकारियों के साथ होने वाली आम बैठक में विचार विमर्श करने के बाद डब्लूएफआई के अध्यक्ष अपना औपचारिक बयान मीडिया के सामने जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि खेल मंत्रालय द्वारा दी गई नोटिस का जवाब भेज दिया गया है।

इससे पहले आज सुबह ब्रजभूषण सिंह ने नवाबगंज स्थित नंदनीनगर मिनी स्टेडियम में दिल्ली में पहलवानो के धरना प्रदर्शन के प्रति नाराजगी का इजहार करते हुये पत्रकारों से कहा था, मैं विदेश नहीं भागा हूं बल्कि यहीं पर हूं। मेरी सरकार में किसी से कोई बातचीत नहीं हुई है। सही बोलूं तो मेरे साथ साजिश हुई है जिसका खुलासा मैं शाम को आपके समक्ष करूंगा।

उन्होंने महिला पहलवान विनेश फोगाट के रवैये के प्रति नाखुशी का इजहार करते हुए बृजभूषण ने कहा, अगर मैं मुंह खोल दूंगा तो सुनामी आ जायेगी। जिले में शनिवार से शुरू हो रही ओपन नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए कुश्ती महासंघ अध्यक्ष ने कहा कि चैंपियनशिप में 300 पहलवान भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह 23 जनवरी तक कहीं जाने वाले नहीं बल्कि यहीं स्टेडियम में जमे रहेंगे।

गौरतलब है कि तीन बार की राष्ट्रमंडल खेल गोल्ड मेडलिस्ट विनेश फोगाट ने गुरुवार को पहलवानों और खेल मंत्रालय की बैठक के बाद कहा था कि खिलाड़ी सिर्फ बृजभूषण का इस्तीफा नहीं बल्कि उनके खिलाफ कार्रवाई भी चाहते हैं। उन्होंने कहा था, यह कुश्ती का दुर्भाग्य होगा, अगर देश की बेटियां सामने आयेंगी और बतायेंगी कि हमारे साथ क्या हुआ था। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उम्मीद कर रहे हैं कि देश की बेटियों को इतना मजबूर न किया जाये कि हमें यह काला दिन देखना पड़े।

उल्लेखनीय है कि विनेश, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित कई पहलवान तीन दिन से डब्ल्यूएफआई के खिलाफ धरने पर बैठे हैं, जहां उन्होंने सिंह और महासंघ के कोचों पर यौन उत्पीड़न एवं जान से मारने की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाये हैं।

विनेश ने कहा, बात सिर्फ इस्तीफे की नहीं है, हम इस्तीफा लेकर रहेंगे और अगर मजबूर किया गया तो उन्हें जेल भी भेजेंगे। हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। खेल मंत्रालय ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है मगर पहलवान संतुष्ट नहीं हैं और तुरंत कार्रवाई चाहते हैं।

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